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जनसुनवाई: सीएमओ, डीपीओ, डीआईओएस की फीडबैक सबसे खराब; जारी की गई चेतावनी
Tue, 12 Nov 2024 10:28 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 12 Nov 2024 10:28 AM IST
सार
आगरा जिलाधिकारी की समीक्षा में जन शिकायतों के निस्तारण की पोल खुल गई। सबसे खराब फीडबैक सीएमओ, डीपीओ और डीआईओएस का रहा। इनको चेतावनी जारी की गई है।
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आगरा जिलाधिकारी बैठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में जनसुनवाई में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ), जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), मनरेगा उपायुक्त और एडीओ पंचायत बरौली अहीर की सबसे खराब फीडबैक है। इन अधिकारियों को सोमवार को डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने चेतावनी जारी करते हुए शिकायतों को गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
असंतुष्ट नजर आए डीएम
कलेक्ट्रेट में डीएम ने समेकित जन शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) व अन्य माध्यमों से प्राप्त जन शिकायतों की समीक्षा की। अक्तूबर माह में आगरा की प्रदेश में 52वीं रैंक है। सितंबर की अपेक्षा रैंक में 13 अंक का सुधार हुआ है। लेकिन, शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता से डीएम असंतुष्ट नजर आए। नोडल अधिकारी एडीए प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी ने डीएम के समक्ष विभागों की स्थिति बयां की। जिसमें सीएमओ, डीआईओएस, डीपीओ सहित कई अधिकारी लापरवाह मिले। ग्रामीण अभियंता विभाग के अधिशासी अभियंता का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
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खराब फीडबैक मिला
वरिष्ठ निरीक्षक बांट-माप विभाग, मुख्य कोषाधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी को बिना बताए बैठक से गैरहाजिर रहने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि जिन मामलों में खराब फीडबैक मिला है। उनकी दोबारा जांच कराई जाए। संबंधित एसडीएम निगरानी करें। दोबारा लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला, एडीएम सिटी अनूप कुमार, बीएसए जितेंद्र गौड आदि मौजूद रहे।
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असंतुष्ट नजर आए डीएम
कलेक्ट्रेट में डीएम ने समेकित जन शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) व अन्य माध्यमों से प्राप्त जन शिकायतों की समीक्षा की। अक्तूबर माह में आगरा की प्रदेश में 52वीं रैंक है। सितंबर की अपेक्षा रैंक में 13 अंक का सुधार हुआ है। लेकिन, शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता से डीएम असंतुष्ट नजर आए। नोडल अधिकारी एडीए प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी ने डीएम के समक्ष विभागों की स्थिति बयां की। जिसमें सीएमओ, डीआईओएस, डीपीओ सहित कई अधिकारी लापरवाह मिले। ग्रामीण अभियंता विभाग के अधिशासी अभियंता का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
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खराब फीडबैक मिला
वरिष्ठ निरीक्षक बांट-माप विभाग, मुख्य कोषाधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी को बिना बताए बैठक से गैरहाजिर रहने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि जिन मामलों में खराब फीडबैक मिला है। उनकी दोबारा जांच कराई जाए। संबंधित एसडीएम निगरानी करें। दोबारा लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला, एडीएम सिटी अनूप कुमार, बीएसए जितेंद्र गौड आदि मौजूद रहे।