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Agra News: लेखपालों के कार्य बहिष्कार से बढ़ीं जनता की मुश्किलें
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आगरा। लेखपालों के अतिरिक्त क्षेत्रों का चार्ज छोड़ने के चार दिन बाद भी प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। लोगों का आरोप है कि इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि प्रमाणपत्र और खसरा-खतौनी जैसे जरूरी काम ठप होने से हजारों लोग रोजाना दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर बीते मंगलवार को जिले के 103 लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्रों का कार्यभार छोड़ दिया था। इसका असर 200 से अधिक राजस्व गांवों पर पड़ा है। इन गांवों के लोगों के आय, जाति, ईडब्ल्यूएस, वारसान, खसरा-खतौनी और अंश निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह लटक गए हैं।
लेखपाल संघ के जिला मंत्री गगन कुशवाह का कहना है कि आठ सूत्री मांगें पूरी होने तक कोई लेखपाल अतिरिक्त क्षेत्र का काम नहीं संभालेगा। एक लेखपाल के पास रोजाना औसतन 25 से 30 प्रमाणपत्रों के आवेदन, आईजीआरएस शिकायतें और अन्य कार्य आते हैं। इस प्रकार, चार्ज न होने से पूरे जिले में हर रोज हजारों जरूरी काम लंबित हो रहे हैं, जिससे जनता की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
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वर्जन
- शासन स्तर पर लेखपाल संघ से बातचीत चल रही है और जल्द ही इसका समाधान निकल आएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी दशा में लोगों के कार्य बाधित नहीं होने दिए जाएंगे और जरूरत पर जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। - आजाद भगत सिंह, एडीएम प्रशासन
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर बीते मंगलवार को जिले के 103 लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्रों का कार्यभार छोड़ दिया था। इसका असर 200 से अधिक राजस्व गांवों पर पड़ा है। इन गांवों के लोगों के आय, जाति, ईडब्ल्यूएस, वारसान, खसरा-खतौनी और अंश निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह लटक गए हैं।
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लेखपाल संघ के जिला मंत्री गगन कुशवाह का कहना है कि आठ सूत्री मांगें पूरी होने तक कोई लेखपाल अतिरिक्त क्षेत्र का काम नहीं संभालेगा। एक लेखपाल के पास रोजाना औसतन 25 से 30 प्रमाणपत्रों के आवेदन, आईजीआरएस शिकायतें और अन्य कार्य आते हैं। इस प्रकार, चार्ज न होने से पूरे जिले में हर रोज हजारों जरूरी काम लंबित हो रहे हैं, जिससे जनता की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
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- शासन स्तर पर लेखपाल संघ से बातचीत चल रही है और जल्द ही इसका समाधान निकल आएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी दशा में लोगों के कार्य बाधित नहीं होने दिए जाएंगे और जरूरत पर जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। - आजाद भगत सिंह, एडीएम प्रशासन