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आगराः क्वारंटीन सेंटर में टूटा लोगों के सब्र का बांध, शुरू की भूख हड़ताल
Tue, 28 Apr 2020 02:28 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 28 Apr 2020 02:28 PM IST
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महाराजा अग्रसेन सेवा सदन, कमला नगर में क्वारंटीन सेंटर में लोगों ने शुरू की हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में महाराजा अग्रसेन सेवा सदन, कमला नगर में छह अप्रैल से आए पारस अस्पताल के कर्मचारियों के सब्र का बांध मंगलवार को टूट गया।
उन्होंने भूख हड़ताल शुरू दी। इन्होंने कहा कि बिना अन्न-जल के धरना देंगे।
अस्पतालकर्मियों ने आरोप लगाया कि न जांच हो रही है और न घर जाने दिया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी और डीएम के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी इन युवा बेरोजगार कर्मचारियों का बेवजह उत्पीड़न कर रहे हैं। जो साथी पॉजिटिव आए थे उन्हें अन्य सेंटर्स से घर भेजा जा चुका है।
क्वारंटीन सेंटर में मौजूद पारस अस्पताल के कर्मचारी खुद को स्वास्थ्य सेवक बता रहे हैं। उनका कहना है कि जिन्होंने कोरोना फैलाया वे घर जा चुके हैं, हमारा कसूर नहीं है फिर भी क्वारंटीन में इतने दिनों से हैं। हम आईसीयू के कर्मचारी भी नहीं हैं, फिर भी अपराधियों की तरह सजा दी जा रही है।
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उन्होंने भूख हड़ताल शुरू दी। इन्होंने कहा कि बिना अन्न-जल के धरना देंगे।
अस्पतालकर्मियों ने आरोप लगाया कि न जांच हो रही है और न घर जाने दिया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी और डीएम के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी इन युवा बेरोजगार कर्मचारियों का बेवजह उत्पीड़न कर रहे हैं। जो साथी पॉजिटिव आए थे उन्हें अन्य सेंटर्स से घर भेजा जा चुका है।
क्वारंटीन सेंटर में मौजूद पारस अस्पताल के कर्मचारी खुद को स्वास्थ्य सेवक बता रहे हैं। उनका कहना है कि जिन्होंने कोरोना फैलाया वे घर जा चुके हैं, हमारा कसूर नहीं है फिर भी क्वारंटीन में इतने दिनों से हैं। हम आईसीयू के कर्मचारी भी नहीं हैं, फिर भी अपराधियों की तरह सजा दी जा रही है।
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क्वारंटीन सेंटर से लोगों का वीडियो सामने आया
वहीं हिंदुस्तान कॉलेज में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर से लोगों के बाहर निकलने का वीडियो वायरल हुआ था। बताया गया है कि ये वीडियो एक चिकित्सक द्वारा बनाया गया था। जिसमें वहां रखे गए लोग एक साथ निकलते हुए दिख रहे हैं। जब इस बात की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को हुई तो उन्होंने आनन-फानन में वहां बंदोबस्त कराए। मौके पर एडीएम और थानाध्यक्ष को भेजकर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराईं।
इससे पहले आगरा के वाटर वर्क्स स्थित अग्रवन में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में सोमवार को 41 लोग धरने पर बैठ गए थे। इनका आरोप था कि क्वारंटीन के 16 दिन बीत जाने पर भी हमारी कोरोना जांच नहीं की गई।
इसकी जानकारी पर एसीएम द्वितीय वीके गुप्ता डॉक्टरों की टीम के साथ पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि जांच कब होगी, यह डॉक्टर तय करेंगे। उन्हें बताया गया कि क्वारंटीन में 28 दिन तक रखा जा रहा है। इस पर वे लोग मान गए थे।
वहीं हिंदुस्तान कॉलेज में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर से लोगों के बाहर निकलने का वीडियो वायरल हुआ था। बताया गया है कि ये वीडियो एक चिकित्सक द्वारा बनाया गया था। जिसमें वहां रखे गए लोग एक साथ निकलते हुए दिख रहे हैं। जब इस बात की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को हुई तो उन्होंने आनन-फानन में वहां बंदोबस्त कराए। मौके पर एडीएम और थानाध्यक्ष को भेजकर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराईं।
इससे पहले आगरा के वाटर वर्क्स स्थित अग्रवन में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में सोमवार को 41 लोग धरने पर बैठ गए थे। इनका आरोप था कि क्वारंटीन के 16 दिन बीत जाने पर भी हमारी कोरोना जांच नहीं की गई।
इसकी जानकारी पर एसीएम द्वितीय वीके गुप्ता डॉक्टरों की टीम के साथ पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि जांच कब होगी, यह डॉक्टर तय करेंगे। उन्हें बताया गया कि क्वारंटीन में 28 दिन तक रखा जा रहा है। इस पर वे लोग मान गए थे।