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Agra News: महंगे प्रकाशकों की किताबें थोपने वाले निजी स्कूलों की आज से होगी जांच
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आगरा। निजी स्कूलों की ओर से अभिभावकों पर जबरन महंगे प्रकाशकों की किताबें थोपने और चुनिंदा दुकानों से ही खरीदारी के लिए मजबूर करने के खिलाफ जिला प्रशासन आक्रामक हो गया है। जिलाधिकारी के सख्त निर्देश के बाद बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने मंगलवार को नामित जांच अधिकारियों को तत्काल जांच पूरी कर स्पष्ट आख्या कार्यालय में उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
दरअसल, प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स की ओर से एक शिकायती प्रार्थनापत्र प्रस्तुत देकर आरोप लगाया गया था कि जिले के सीबीएसई, आईसीएसई और उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों ने अभिभावकों पर एनसीईआरटी और एससीईआरटी की निर्धारित किताबों की जगह निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें खरीदने का दबाव डाला। कमीशनखोरी के इस खेल के कारण छात्रों पर हजारों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
शिकायत का संज्ञान लेते हुए डीएम मनीष बंसल ने पहले अपर नगर मजिस्ट्रेट, डिप्टी कलेक्टर और खंड शिक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीमें गठित कर जांच के निर्देश दिए। हालांकि उसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच 8 जून को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में जल्द जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। इस पर मंगलवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी नामित अधिकारियों को साफ हिदायत दी गई है कि वे आवंटित स्कूलों से तत्काल संपर्क कर जांच प्रक्रिया को अविलंब पूरा करें और साक्ष्यों सहित अपनी सुस्पष्ट रिपोर्ट सौंपें।
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दरअसल, प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स की ओर से एक शिकायती प्रार्थनापत्र प्रस्तुत देकर आरोप लगाया गया था कि जिले के सीबीएसई, आईसीएसई और उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों ने अभिभावकों पर एनसीईआरटी और एससीईआरटी की निर्धारित किताबों की जगह निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें खरीदने का दबाव डाला। कमीशनखोरी के इस खेल के कारण छात्रों पर हजारों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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शिकायत का संज्ञान लेते हुए डीएम मनीष बंसल ने पहले अपर नगर मजिस्ट्रेट, डिप्टी कलेक्टर और खंड शिक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीमें गठित कर जांच के निर्देश दिए। हालांकि उसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच 8 जून को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में जल्द जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। इस पर मंगलवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी नामित अधिकारियों को साफ हिदायत दी गई है कि वे आवंटित स्कूलों से तत्काल संपर्क कर जांच प्रक्रिया को अविलंब पूरा करें और साक्ष्यों सहित अपनी सुस्पष्ट रिपोर्ट सौंपें।
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