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Agra News: जेल में बंदियों को दिया जाए पारिवारिक माहौल
Sat, 17 Jun 2023 11:51 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 17 Jun 2023 11:51 PM IST
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मैनपुरी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव किरण बाला अपर जिला जज ने शनिवार को जेल का निरीक्षण किया। जेल में बंदियों की समस्याएं सुनीं। जेल अधिकारियों से कहा कि जेल में बंदियों को पारिवारिक माहौल दिया जाए। कोई भी पैदाइशी अपराधी नहीं होता है। जेल में गंभीरता से बंदियों को सुधारने का प्रयास किया जाए।
प्राधिकरण सचिव ने जेल में पहुंचकर जेल अस्पताल, रसोई, महिला बैरक की व्यवस्थाएं देखीं। महिला बंदियों से बैरक में ही उनकी समस्याएं सुनीं। बैरक में कंप्यूटर कक्ष में बंदी कंप्यूटर की शिक्षा लेते मिले। जेल की बंदी महिला पीएलवी पिंकी से महिला बंदियों की शिक्षा के प्रति जागरूकता की जानकारी ली। रसोई में बनाए गए भोजन की गुणवत्ता को चेक किया।
उन्होंने जेल अपील दायर करने वाले सिद्ध दोष बंदियों से भी पूछताछ की। जेल अधिकारियों से कहा कि बंदियों की समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए। शिकायत और निस्तारण को एक रजिस्टर में जरूर अंकित किया जाए। निरीक्षण के दौरान प्रभारी जेल अधीक्षक पवन कुमार त्रिवेदी, डिप्टी जेलर मोनिका सचान, मनोज कुमार शुक्ला, जेल विजिटर रस्किन खान, देवेंद्र सिंह मौजूद रहे।
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जेल अस्पताल में भर्ती हैं 19 बंदी
बीमारियों के इलाज के लिए जेल अस्पताल में 19 बंदी भर्ती हैं। जेल में कुल 1004 बंदी हैं। इनमें 930 पुरुष बंदी, 54 महिला बंदी तथा 20 अल्प वयस्क बंदी हैं। जेल में सजा याफ्ता 139 तथा विचाराधीन 834 बंदी हैं। एक बंदी को फांसी की सजा जिला न्यायालय से हो चुकी है। जबकि एक बंदी रासुका में निरुद्ध है।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव किरण बाला अपर जिला जज ने शनिवार को जेल का निरीक्षण किया। जेल में बंदियों की समस्याएं सुनीं। जेल अधिकारियों से कहा कि जेल में बंदियों को पारिवारिक माहौल दिया जाए। कोई भी पैदाइशी अपराधी नहीं होता है। जेल में गंभीरता से बंदियों को सुधारने का प्रयास किया जाए।
प्राधिकरण सचिव ने जेल में पहुंचकर जेल अस्पताल, रसोई, महिला बैरक की व्यवस्थाएं देखीं। महिला बंदियों से बैरक में ही उनकी समस्याएं सुनीं। बैरक में कंप्यूटर कक्ष में बंदी कंप्यूटर की शिक्षा लेते मिले। जेल की बंदी महिला पीएलवी पिंकी से महिला बंदियों की शिक्षा के प्रति जागरूकता की जानकारी ली। रसोई में बनाए गए भोजन की गुणवत्ता को चेक किया।
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उन्होंने जेल अपील दायर करने वाले सिद्ध दोष बंदियों से भी पूछताछ की। जेल अधिकारियों से कहा कि बंदियों की समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए। शिकायत और निस्तारण को एक रजिस्टर में जरूर अंकित किया जाए। निरीक्षण के दौरान प्रभारी जेल अधीक्षक पवन कुमार त्रिवेदी, डिप्टी जेलर मोनिका सचान, मनोज कुमार शुक्ला, जेल विजिटर रस्किन खान, देवेंद्र सिंह मौजूद रहे।
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जेल अस्पताल में भर्ती हैं 19 बंदी
बीमारियों के इलाज के लिए जेल अस्पताल में 19 बंदी भर्ती हैं। जेल में कुल 1004 बंदी हैं। इनमें 930 पुरुष बंदी, 54 महिला बंदी तथा 20 अल्प वयस्क बंदी हैं। जेल में सजा याफ्ता 139 तथा विचाराधीन 834 बंदी हैं। एक बंदी को फांसी की सजा जिला न्यायालय से हो चुकी है। जबकि एक बंदी रासुका में निरुद्ध है।