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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Preparations underway for 5253rd Shri Krishna Janmotsav at Shri Krishna Janmabhoomi Temple in Mathura

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: अयोध्या-काशी से आएगा प्रसाद, रजत कमल में महाभिषेक; कान्हा के जन्म पर दिखेगा अद्भुत दृश्य

Sat, 29 Aug 2026 07:43 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: Arun Parashar Updated Sat, 29 Aug 2026 07:43 PM IST
सार

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कान्हा के जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां जोरशोर से जारी हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर काशी विश्वनाथ धाम से प्राप्त प्रसाद, सुगंधित द्रव्य तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम से प्राप्त उपहार और अभिषेक सामग्री लाई जाएगी। ठाकुरजी का विशेष श्रृंगार होगा।

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Preparations underway for 5253rd Shri Krishna Janmotsav at Shri Krishna Janmabhoomi Temple in Mathura
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव चार सितंबर को शास्त्रीय मर्यादाओं और परंपराओं के अनुसार मनाया जाएगा। इस बार जन्मोत्सव में अयोध्या, मथुरा और काशी का आध्यात्मिक संगम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। यह जानकारी श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा-संस्थान के सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने दी।
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उन्होंने बताया कि जन्मोत्सव पर ठाकुरजी पंचरत्नी पोशाक धारण कर कलहंस पुष्प बंगले में विराजेंगे। पोशाक में समुद्र मंथन से प्राप्त पांच रत्नों कामधेनु, पांचजन्य शंख, अमृत कलश, ऐरावत और कल्पवृक्ष को उकेरा गया है। रत्नजड़ित मुकुट, बांसुरी और नवरत्न जड़ित कंठा से ठाकुरजी का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। भगवती योगमाया दिव्य स्वर्ण मुकुट धारण करेंगी।
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तीन सितंबर शाम 5:30 बजे पोशाक अर्पण एवं दर्शन होंगे। शोभायात्रा में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम से प्राप्त प्रसाद, सुगंधित द्रव्य तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम से प्राप्त उपहार और अभिषेक सामग्री लाई जाएगी। संस्थान की ओर से तैयार विशेष वस्त्र, आभूषण और श्रृंगार सामग्री भी अर्पित की जाएगी। इस आयोजन को अयोध्या, मथुरा और काशी की त्रिवेणी के रूप में सजाया जाएगा। जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं को गौ रक्षा और राष्ट्र रक्षा का संकल्प भी दिलाया जाएगा।
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जन्मभूमि के गर्भगृह को करीब 200 किलोग्राम चांदी से सजाया गया है। नवनिर्मित रजत कमल में विराजमान ठाकुर गोपालजी का जन्म अभिषेक विशेष आकर्षण रहेगा। चार सितंबर को सुबह 5:30 बजे मंगला आरती, सुबह आठ बजे पंचामृत अभिषेक और रात 10 बजे जन्म महाभिषेक होगा। रात 12 बजे भगवान के प्राकट्य दर्शन एवं आरती के बाद कामधेनु स्वरूपा स्वर्ण मंडित रजत गाय से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद रजत कमल में ठाकुरजी का जन्म महाभिषेक होगा। श्रृंगार आरती रात 12:45 से 12:50 बजे और शयन आरती रात 1:55 से 2 बजे तक होगी। श्रद्धालुओं का प्रवेश रात 1:30 बजे तक रहेगा।

 

पांच दिन मंचित होगी श्रीकृष्ण लीला
जन्मस्थान के लीलामंच पर एक से पांच सितंबर तक सुप्रसिद्ध रासाचार्य स्वामी देवकीनंदन और उनकी रासमंडली श्रीकृष्ण लीला का मंचन करेगी। एक सितंबर को माखन चोर गोपाल लीला, दो को मीराबाई लीला, तीन को श्यामा-श्याम मिलन, चार को श्रीकृष्ण जन्म लीला और पांच सितंबर को श्रीगिरिराज पूजा-छप्पनभोग लीला प्रस्तुत की जाएगी।

गोविंद द्वार से प्रवेश, मुख्य द्वार से निकास
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गोविंद द्वार (गेट नंबर-3) से प्रवेश और मुख्य द्वार (गेट नंबर-1) से निकास की व्यवस्था रहेगी। रूपम सिनेमा, श्री गोविंदम् और राधापार्क में सामानघर एवं जूताघर बनाए जाएंगे। गेट नंबर-1 के समीप खोया-पाया केंद्र और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध रहेगी।


 
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