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यूपी: एसएन इमरजेंसी पर तीन घंटे तक तड़पती रही प्रसूता, चिकित्सकों का न आया रहम; महिला ने तोड़ दिया दम
Sat, 03 Oct 2026 04:42 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 03 Oct 2026 04:42 PM IST
सार
आगरा के एसएन मेडिकल काॅलेज में शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। एक प्रसूता इलाज के लिए तीन घंटे तक तड़पती रही। परिजनों के मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने और पुलिस के बुलाने पर महिला को भर्ती किया गया, लेकिन उसकी माैत हो गई।
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महिला का फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
पुलिस के सीमा विवाद में पीड़ितों को उलझते देखा होगा। इलाज के लिए भी एसएन मेडिकल कॉलेज के दो विभागों से जंग करनी पड़ी। बेरहम सिस्टम के चलते करीब तीन घंटे तक मरीज तड़पती रही। पुलिस-मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद आखिरकार भर्ती किया। चंद घंटे बाद उसे भर्ती किया और दम तोड़ दिया। इससे परिवार में कोहराम मच गया।
तांतपुर निवासी गौरव ने बताया कि शुक्रवार की शाम पड़ोसी से झगड़ा होने पर उनकी साली विजय कुमारी (22) के पेट में कोहनी लग गई। इस पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां गर्भ में शिशु मरा हुआ बताया। ऑपरेशन कर दिया। हालत खराब होने पर एसएन इमरजेंसी के लिए रैफर कर दिया। शुक्रवार को एंबुलेंस से करीब सात बजे इमरजेंसी लेकर पहुंचे। यहां स्टाफ ने कागज दिखाते हुए कहा कि ये हमारा मामला नहीं है, अंदर स्त्री रोग विभाग लेकर जाओ। वहां पहुंचे तो स्टाफ ने कह दिया कि इसकी हालत खराब है, इमरजेंसी में ही भर्ती कराया। उनको बताया कि वहां से ही आए हैं और स्त्री रोग विभाग के लिए भेजा है। इस पर भी वे नहीं माने और फिर इमरजेंसी लेकर आए, वहीं लेकर जाओ। इस पर दोबारा इमरजेंसी आए तो फिर यहां भर्ती नहीं किया। कई बार स्टाफ से गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
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इस पर सोशल मीडिया पर वीडियो भी बनाकर डाला। एक परिचित को बुलाया तो उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की। 112 नंबर पर पुलिस को भी फोन कर दिया। मरीज की सांस भी उखड़ने लगी। मामला बढ़ने पर करीब 10 बजे भर्ती किया। करीब तीन बजे विजय कुमारी की मौत के बारे में बताया। मृतका के पति लाखन ने बताया कि पत्नी की हालत लगातार खराब हो रही थी, भर्ती कराने के लिए दो विभागों के चक्कर लगाते रहे। शिकायत के बाद भर्ती किया, लेकिन तब उसकी हालत बहुत बिगड़ गई। समय रहते इलाज मिल जाता तो जान बच सकती थी।
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तांतपुर निवासी गौरव ने बताया कि शुक्रवार की शाम पड़ोसी से झगड़ा होने पर उनकी साली विजय कुमारी (22) के पेट में कोहनी लग गई। इस पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां गर्भ में शिशु मरा हुआ बताया। ऑपरेशन कर दिया। हालत खराब होने पर एसएन इमरजेंसी के लिए रैफर कर दिया। शुक्रवार को एंबुलेंस से करीब सात बजे इमरजेंसी लेकर पहुंचे। यहां स्टाफ ने कागज दिखाते हुए कहा कि ये हमारा मामला नहीं है, अंदर स्त्री रोग विभाग लेकर जाओ। वहां पहुंचे तो स्टाफ ने कह दिया कि इसकी हालत खराब है, इमरजेंसी में ही भर्ती कराया। उनको बताया कि वहां से ही आए हैं और स्त्री रोग विभाग के लिए भेजा है। इस पर भी वे नहीं माने और फिर इमरजेंसी लेकर आए, वहीं लेकर जाओ। इस पर दोबारा इमरजेंसी आए तो फिर यहां भर्ती नहीं किया। कई बार स्टाफ से गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
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इस पर सोशल मीडिया पर वीडियो भी बनाकर डाला। एक परिचित को बुलाया तो उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की। 112 नंबर पर पुलिस को भी फोन कर दिया। मरीज की सांस भी उखड़ने लगी। मामला बढ़ने पर करीब 10 बजे भर्ती किया। करीब तीन बजे विजय कुमारी की मौत के बारे में बताया। मृतका के पति लाखन ने बताया कि पत्नी की हालत लगातार खराब हो रही थी, भर्ती कराने के लिए दो विभागों के चक्कर लगाते रहे। शिकायत के बाद भर्ती किया, लेकिन तब उसकी हालत बहुत बिगड़ गई। समय रहते इलाज मिल जाता तो जान बच सकती थी।