आगरा: नकली और मिलावटी सामान का गढ़ बनती जा रही ताजनगरी, चौंकाने वाली है यह रिपोर्ट
आगरा को यूं तो लेदर और पेठा उद्योग के लिए जाना जाता है, लेकिन अब इसकी पहचान नकली और मिलावटी सामान के गढ़ के रूप में भी होने लगी है। यहां खाने के सामान से लेकर पेंट, सीमेंट, मोबिल ऑयल और आटो पार्ट्स तक नकली पकड़े जा चुके हैं।
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आगरा में देशी घी से लेकर नकली मोबिल ऑयल, पेंट, सीमेंट, ऑटो पार्ट्स, यहां तक कि सैनिटाइजर तक नकली बन रहे हैं। पुलिस ने पिछले चार साल में 50 से अधिक लोगों को लाखों रुपये के नकली माल के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस की लगातार कार्रवाई बावजूद अवैध धंधा बदस्तूर जारी है।
नकली मोबिल ऑयल की 8 अवैध फैक्टरी पकड़ी गईं
ताजनगरी में नकली मोबिल ऑयल का धंधा बड़े स्तर पर चल रहा है। 40 साल पहले छत्ता के जीन खाना में पहली बार नकली मोबिल ऑयल का मामला पकड़ा गया था। तब से यह अवैध कारोबार अब तक बंद नहीं हो सका है। पहले यह स्थानीय स्तर तक सीमित था लेकिन अब यह आगरा सहित आसपास के जिलों के अलावा पूर्वांचल के जिलों तक फैल गया है।
नकली ऑयल की डिमांड मैकेनिक से लेकर दुकानदार तक करते हैं। पुलिस ने एक साल के अंदर थाना खंदौली, एत्माद्दौला, छत्ता, ताजगंज इलाके में आठ फैक्टरी पकड़ चुकी है। इसमें 25 लाख रुपये से अधिक का नकली मोबिल ऑयल, पैकिंग का सामान पकड़ा गया है। 50 से अधिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस 30 से ज्यादा आरोपियों को जेल भी भेज चुकी है।
नकली सैनिटाइजर की फैक्टरी में मिला था लाखों का माल
कोरोना काल में जगह-जगह सैनिटाइजर की बिक्री होने लगी। इस पर नकली सैनिटाइजर भी बनने लगा। थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में 11 मई को एक फैक्टरी में पुलिस ने नकली सैनिटाइजर बनते हुए पकड़ा था। इसमें कमला नगर के कारोबारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पांच लाख का माल पकड़ा गया था। पुलिस ने सैनिटाइज बनाने के उपकरण और पैकिंग का सामान भी बरामद किए थे।
खंदौली व एत्माद्दौला में पकड़ा गया था नकली घी
दिसंबर, 2020 में थाना खंदौली क्षेत्र में पुलिस ने नकली घी बनाने की फैक्टरी पकड़ी थी। पशुओं की चर्बी, हड्डी, सींग और खुर से घी बनाया जा रहा था। पुलिस ने चार आरोपियों को जेल भेजा था। फैक्टरी से सौ किलोग्राम नकली घी बरामद किया गया था।
दो साल पहले थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में नकली घी बनाने की दो फैक्टरी पकड़ी जा चुकी हैं। तब भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा था। इसके अलावा नकली रिफाइंड का मामला भी पकड़ा जा चुका है।
नकली पेंट
मार्च में कमला नगर की एक दुकान पर नकली पेंट का मामला पकड़ा गया। एशियन पेंट कंपनी के अधिकारियों की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा था। दुकान की तलाशी में 219 बाल्टी पेंट मिला था, जिसे कंपनी के अधिकारियों ने नकली बताया था।
170 बाल्टी खाली मिली थीं, इन पर कंपनी का नाम लिखा था। पुलिस ने कारोबारी संजीव मित्तल को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। उनकी फैक्टरी भी थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में थी। वहां पर भी कंपनी के लेबल वाले डिब्बों में नकली पेंट भरा जा रहा था।
सीमेंट और ऑटो पार्ट्स भी नकली मिल रहे
चार साल पहले थाना शाहगंज के पथौली में नकली सीमेंट की फैक्टरी पकड़ी गई थी। इसमें पुट्टी को सीमेंट में मिलाकर नामी कंपनी का नाम लिखे कट्टे में भरकर बेचा जा रहा था। पुलिस ने वाल पुट्टी के 70 कट्टे बरामद किए थे।
पुलिस ने फैक्टरी मालिक बोदला निवासी अनूप और मैनेजर मनोज के खिलाफ केस दर्ज किया था। वहीं शहर के रकाबगंज थाना क्षेत्र में नकली आटो पार्ट्स बिक्री के कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस कॉपीराइट एक्ट में मुकदमा दर्ज कर चुकी है।
तीन महीने पहले पकड़ा था नकली दवाओं का जखीरा
तीन महीने पहले पुलिस ने आवास विकास कॉलोनी में एक गोदाम पर छापा मारकर नकली दवाओं का जखीरा पकड़ा था। मामले में प्रदीप राजौरा और धीरज राजौरा को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार ये लोग नकली दवाओं के साथ एक्सपायर दवाओं का धंधा करते थे। मथुरा में निर्माण इकाई भी खोल रखी थी, जहां से पैकिंग मशीन और रैपर बरामद हुए थे। 10 लाख रुपये की नकली और एक्सपायर दवाएं मिली थीं। पुलिस ने फैक्टरी को सीज कर दिया था।
संपत्ति जब्त की कार्रवाई
एसएसपी मुनिराज जी ने कहा कि नकली माल की बिक्री की शिकायत पर टीम बनाकर कार्रवाई की जाती है। आरोपियों को जेल भेजने के साथ ही गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाती है। इसके बाद सरगना की संपत्ति चिह्नित करके जब्तीकरण की कार्रवाई की जाती है।