फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Plot sold by making a fake will of a former officer of commercial tax disclosed when construction work started in Agra

Agra: वाणिज्य कर के पूर्व अधिकारी की फर्जी वसीयत बनाकर बेच दिया प्लॉट, निर्माण कार्य शुरू होने पर हुआ खुलासा 

Sun, 12 Jun 2022 09:14 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 12 Jun 2022 09:14 PM IST
सार

शास्त्रीपुरम में प्लॉट का फर्जी बैनामा कराने का मामला सामने आया है। इस मामले में थाना सिकंदरा में सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें एडीए के रिटायर्ड क्लर्क भी नामजद हैं।
 

विज्ञापन
Plot sold by making a fake will of a former officer of commercial tax disclosed when construction work started in Agra
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा विकास प्राधिकरण में फर्जी बैनामा कर भूखंड बेचने का एक और मामला सामने आया है। वाणिज्य कर के पूर्व अधिकारी की फर्जी वसीयत तैयार कर भूखंड का फर्जी बैनामा कर दिया गया। निर्माण कार्य कराने पर पीड़ित परिजनों को पता चला। उन्होंने एडीए में शिकायत की। जांच में मामला सही निकला। इस पर थाना सिकंदरा में सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इनमें एडीए के सेवानिवृत्त कर्मचारी पर भी आरोप है। पुलिस का कहना है कि विवेचना की जाएगी।

विज्ञापन

फर्जी वसीयत कराई गई तैयार 

जीवनी मंडी स्थित भैरो बाजार निवासी कुसुमलता ने आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष से शिकायत की थी। इसमें कहा कि पति उदयवीर सिंह वाणिज्यकर अधिकारी थे। मार्च 2003 में उन्होंने शास्त्रीपुरम के सी ब्लॉक में 162 वर्ग मीटर का भूखंड खरीदा था। इसका बैनामा भी अपने नाम करा लिया। सेवानिवृत्त होने के बाद पति की दिसंबर 2016 में मृत्यु हो गई। उनका आरोप है कि लखनऊ निवासी जलज सिंह ने एक फर्जी वसीयत 30 दिसंबर 2003 को नोटरी से तैयार कराई। 

विज्ञापन

कर दिया बैनामा 

फर्जी वसीयत से दिसंबर 2021 में उनके पति के नाम भूखंड का बैनामा नगला देवरी निवासी रौतान सिंह के नाम पर कर दिया। जलज सिंह को वह (कुसुमलता) और उनके पति जानते तक नहीं थे। पति ने भूखंड की किसी के नाम वसीयत नहीं की थी। वह खुद भूखंड की वारिस हैं। आठ दिसंबर 2021 को फर्जीवाड़े का पता चला। आरोपी भूखंड की नींव खोदना चाहते थे। उन्होंने विरोध किया तो गालीगलौज और जान से मारने की धमकी दी। आगरा विकास प्राधिकरण की जांच में मामला सही निकला। 

विज्ञापन
विज्ञापन

मामले की हो रही है जांच

थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार शाही का कहना है कि मामले में धोखाधड़ी, कूटरचना, एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया है। विवेचना की जा रही है। साक्ष्य संकलन के बाद कार्रवाई की जाएगी। मुकदमे में लखनऊ के महाराणा प्रताप आशियाना निवासी जलज सिंह, नगला देवरी निवासी रौतान सिंह, खंदारी स्थित गणपति टावर निवासी हीरालाल अग्रवाल, नया बांस निवासी रमाकांत शर्मा, शास्त्रीपुरम निवासी सुनील गुप्ता, गुलशन, एडीए के रिटायर्ड क्लर्क गंगा प्रसाद मुकदमे में नामजद किए गए हैं।

पुलिस के पास पहुंचा तीसरा मामला 

आगरा विकास प्राधिकरण में फर्जी तरीके से भूखंड बेचने का यह तीसरा मामला सामने आया है। इससे पहले भी दो मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों को जेल भी भेजा था। इस मामले में भी गिरफ्तारी हुई तो कई लोगों पर शिकंजा कस सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed