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Agra News: नीट यूजी में भाैतिक विज्ञान ने किया परेशान, चेकिंग में कानों के कुंडल भी उतरवाए
Mon, 04 May 2026 02:43 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 04 May 2026 02:43 AM IST
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कानों से कुंडल और अन्य आभूषण भी उतरवा दिए
आगरा। राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नीट) यूजी रविवार को शहर के 21 केंद्रों पर आयोजित की गई। परीक्षा देकर निकले अधिकांश छात्र-छात्राओं ने बताया कि पेपर पिछले साल की तुलना में सरल रहा। हालांकि भौतिक विज्ञान ने थोड़ी परेशानी बढ़ाई।
नीट की परीक्षा के लिए 10,061 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, जिनमें 9,779 उपस्थित हुए। परीक्षार्थियों ने बताया कि पेपर में अधिकतर प्रश्न एनसीईआरटी आधारित रहे। जीव विज्ञान का सेक्शन सबसे आसान रहा। हल करने में ज्यादा समय नहीं लगा और अच्छी तैयारी करने वाले छात्रों के लिए यह भाग स्कोरिंग रहा। रसायन विज्ञान का पेपर भी संतुलित रहा। अकार्बनिक और कार्बनिक रसायन पूरी तरह एनसीईआरटी आधारित रही।
वहीं फिजिकल केमिस्ट्री में कैलकुलेशन की गति चुनौतीपूर्ण रही। इसमें रिएक्शन और कैलकुलेशन में थोड़ी कठिनाई हुई। वहीं, भौतिक विज्ञान ने सबसे ज्यादा चुनौती पेश की। परीक्षार्थियों का कहना था कि सवाल घुमाकर पूछे गए थे, जिन्हें समझने और हल करने में अधिक समय लगा। हालांकि इस बार गणना आधारित प्रश्न अपेक्षाकृत कम थे।
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परीक्षा विशेषज्ञ डॉ. ललितेश यादव ने बताया कि इस बार परीक्षा पिछले वर्ष के मुकाबले सरल रही। इस बार कटऑफ लगभग 620 के आसपास रहने की उम्मीद है। तैयारी कराने वाले अमरीश अग्रवाल ने बताया कि इस बार पेपर का स्तर विषयों के अनुसार अलग-अलग रहा।
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राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नीट) के दौरान इस बार सुरक्षा और निगरानी के व्यापक इंतजाम दिखे। जांच के कई घेरे को पार करने के बाद छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने के लिए कुर्सी मिल सकी।
परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग गई थीं। गेट पर कर्मचारियों ने परीक्षार्थियों के पहने स्मार्ट वॉच, कलावा, कानों से कुंडल और अन्य आभूषण भी उतरवा दिए। जूते-चप्पलों की भी सघन जांच की गई। केवल निर्धारित ड्रेस कोड के तहत ही प्रवेश दिया गया। धातु डिटेक्टर और मैनुअल दोनों तरह से तलाशी ली गई। एडमिट कार्ड और पहचानपत्र का मिलान किया गया। कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी गई, वहीं कक्ष निरीक्षक लगातार सक्रिय रहे।
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नीट यूजी के दौरान शाहगंज स्थित साकेत विद्यापीठ इंटर कॉलेज केंद्र पर अनियमितता सामने आई। परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा देर से शुरू कराई गई और बाद में समय से पहले ही उत्तर पुस्तिकाएं ले ली गईं, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ा।
छात्रा दिव्यांशी ने बताया कि परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित था। केंद्र पर करीब 2:10 बजे प्रश्नपत्र वितरित किए गए। परीक्षार्थियों को आश्वासन दिया गया था कि 10 मिनट की देरी की भरपाई के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा। परीक्षा समाप्ति पर 5 बजे ही कॉपियां ले ली गईं और अतिरिक्त समय नहीं दिया गया।
विरोध करने पर बात नहीं सुनी गई, कई छात्र रोए भी लेकिन केंद्र के प्रशासन ने पेपर ले लिया। दिव्यांशी के पिता महेंद्र यादव ने बताया कि वह जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे प्रकरण की जांच और कार्रवाई की मांग करेंगे।
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नीट की परीक्षा के लिए 10,061 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, जिनमें 9,779 उपस्थित हुए। परीक्षार्थियों ने बताया कि पेपर में अधिकतर प्रश्न एनसीईआरटी आधारित रहे। जीव विज्ञान का सेक्शन सबसे आसान रहा। हल करने में ज्यादा समय नहीं लगा और अच्छी तैयारी करने वाले छात्रों के लिए यह भाग स्कोरिंग रहा। रसायन विज्ञान का पेपर भी संतुलित रहा। अकार्बनिक और कार्बनिक रसायन पूरी तरह एनसीईआरटी आधारित रही।
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वहीं फिजिकल केमिस्ट्री में कैलकुलेशन की गति चुनौतीपूर्ण रही। इसमें रिएक्शन और कैलकुलेशन में थोड़ी कठिनाई हुई। वहीं, भौतिक विज्ञान ने सबसे ज्यादा चुनौती पेश की। परीक्षार्थियों का कहना था कि सवाल घुमाकर पूछे गए थे, जिन्हें समझने और हल करने में अधिक समय लगा। हालांकि इस बार गणना आधारित प्रश्न अपेक्षाकृत कम थे।
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परीक्षा विशेषज्ञ डॉ. ललितेश यादव ने बताया कि इस बार परीक्षा पिछले वर्ष के मुकाबले सरल रही। इस बार कटऑफ लगभग 620 के आसपास रहने की उम्मीद है। तैयारी कराने वाले अमरीश अग्रवाल ने बताया कि इस बार पेपर का स्तर विषयों के अनुसार अलग-अलग रहा।
राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नीट) के दौरान इस बार सुरक्षा और निगरानी के व्यापक इंतजाम दिखे। जांच के कई घेरे को पार करने के बाद छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने के लिए कुर्सी मिल सकी।
परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग गई थीं। गेट पर कर्मचारियों ने परीक्षार्थियों के पहने स्मार्ट वॉच, कलावा, कानों से कुंडल और अन्य आभूषण भी उतरवा दिए। जूते-चप्पलों की भी सघन जांच की गई। केवल निर्धारित ड्रेस कोड के तहत ही प्रवेश दिया गया। धातु डिटेक्टर और मैनुअल दोनों तरह से तलाशी ली गई। एडमिट कार्ड और पहचानपत्र का मिलान किया गया। कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी गई, वहीं कक्ष निरीक्षक लगातार सक्रिय रहे।
नीट यूजी के दौरान शाहगंज स्थित साकेत विद्यापीठ इंटर कॉलेज केंद्र पर अनियमितता सामने आई। परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा देर से शुरू कराई गई और बाद में समय से पहले ही उत्तर पुस्तिकाएं ले ली गईं, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ा।
छात्रा दिव्यांशी ने बताया कि परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित था। केंद्र पर करीब 2:10 बजे प्रश्नपत्र वितरित किए गए। परीक्षार्थियों को आश्वासन दिया गया था कि 10 मिनट की देरी की भरपाई के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा। परीक्षा समाप्ति पर 5 बजे ही कॉपियां ले ली गईं और अतिरिक्त समय नहीं दिया गया।
विरोध करने पर बात नहीं सुनी गई, कई छात्र रोए भी लेकिन केंद्र के प्रशासन ने पेपर ले लिया। दिव्यांशी के पिता महेंद्र यादव ने बताया कि वह जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे प्रकरण की जांच और कार्रवाई की मांग करेंगे।

कानों से कुंडल और अन्य आभूषण भी उतरवा दिए