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संथारा के समर्थन में सड़क पर जनसैलाब

Tue, 25 Aug 2015 01:17 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा Updated Tue, 25 Aug 2015 01:17 AM IST
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peoples on the road in favour of Santhara
‘संथारा’ (सल्लेखना) परंपरा के समर्थन में सोमवार को जैन समाज सड़क पर जनसैलाब बन उमड़ पड़ा। अपने प्रतिष्ठानों को बंद कर समाज के हजारों लोगों ने छीपीटोला का रुख किया, जहां हुई धर्मसभा में आचार्य विनम्र सागर और मुनि तन्मय सागर सहित अन्य जैन संतों ने संथारा को जीवन की अंतिम पवित्र साधना और आत्मशोधन की प्रक्रिया बताया। सभा के बाद लोगों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर एमजी रोड के रास्ते कलेक्ट्रेट तक मौन जुलूस निकाला। श्वेतांबर और दिगंबर जैन समाज ने एकजुट होकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर संथारा पर लगी रोक हटाने की मांग की। उनका कहना था कि राजस्थान हाईकोर्ट की तरफ से इस परंपरा पर लगाई गई पाबंदी ठीक नहीं है। देहात में भी मौन जुलूस निकाला गया।
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सकल जैन समाज के लोग सुबह 9 बजे छोटी-छोटी टोलियों के साथ जैन धर्म की पताका लेकर छीपीटोला पहुंचने लगे थे। लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और उन पर विरोध पत्र भी चस्पा किया। चौराहे पर जैन संतों के सानिध्य में विशाल धर्मसभा शुरू हुई। आचार्य विनम्र सागर, मुनि तन्मय सागर, संत विश्क्षण मुनि, उदितराय महाराज, जागृत मुनि, अचल मुनि, भरत मुनि, वसुंधरा श्रीजी, पुण्यधरा श्रीजी मंचासीन हुए। संतों को श्रीफल भेंट करने के बाद संथारा पर फैसले का विरोध शुरू हुआ। सभा में हजारों की संख्या में केसरिया वस्त्रों में महिलाएं और श्वेत वस्त्रों में पुरुषों की मौजूदगी में संथारा पर प्राचीन परंपराओं का हवाला दिया गया। तय हुआ कि जब तक संथारा पर फैसला नहीं बदलता, तब तक जैन समाज के लोग संकल्प लेकर किसी एक चीज का त्याग करेंगे। सभा का संचालन मनोज जैन ने किया। जैन मुनियों के निर्देशन के बाद मौन जुलूस शुरू हुआ। छीपीटोला से एमजी रोड होते हुए जुलूस कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां डीएम के ना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
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संथारा के लिए हेमंत ऋतु सबसे अच्छी है। तब भूख, प्यास कम लगती है। संथारा की समाधि की प्रक्रिया दो घंटे से 12 साल तक हो सकती है, फिर यह आत्महत्या कैसे। यह आत्मशोधन है, मृत्यु का महोत्सव है।
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- आचार्य विनम्र सागर महाराज
संथारा कायरों की नहीं, वीरों की पहचान है। आज जो अंगुली जैन समाज की अहिंसक संथारा पर उठाई जा रही है, वह उन हजारों बूचड़खानों पर उठनी चाहिए, जिन्हें सरकार खोल रही है।

- तन्मय सागर महाराज
 
खास उपस्थिति
विधायक जगन प्रसाद गर्ग, स्वरूप चंद्र जैन, भोला नाथ जैन, चंदाबाबू जैन, निरंजन लाल बैनाड़ा, पूर्व डिप्टी मेयर नवीन जैन, डा. जितेंद्र जैन, सतेंद्र जैन, अखिल बरौल्या, आगरा दिगंबर जैन परिषद अध्यक्ष अशोक जैन, राजकुमार जैन, अनंत जैन, मनोज जैन, श्वेतांबर स्थानकवासी जैन समिति अध्यक्ष योगेश जैन, सुशील जैन, श्वेतांबर जैन ट्रेस्ट मोती कटरा के सुमेर चंद्र जैन, महेंद्र जैन, श्री श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ अध्यक्ष अशोक जैन सीए, शरद चौरड़िया, विमल जैन, क्षमा जैन, सोहन लाल जैन, संदेश जैन, शिखर चंद सिंघई, राकेश जैन, अशोक जैन, अक्षय जैन, आशीष जैन, सुनील जैन, रामस्वरूप जैन, संजीव जैन, रविंद्र जैन, वंदना, रेखा, प्रीति, ऊषा जैन सहित हजारों की संख्या में लोगों ने सभा और जुलूस में भागीदारी की।
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