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'गंगाजल' के लिए आधे शहर को अभी करना पड़ेगा इंतजार, जानिए क्या है वजह
Thu, 10 Jan 2019 01:42 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 10 Jan 2019 01:42 PM IST
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वाटर वर्क्स तक पहुंचा गंगाजल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कोठी मीना बाजार मैदान से गंगाजल परियोजना का लोकार्पण तो कर दिया है लेकिन अभी लगभग आधे शहर को पानी के लिए लंबा इंतजार करना होगा। फिलहाल केवल सिकंदरा वाटर वर्क्स से ही आपूर्ति होगी।
गंगाजल परियोजना के तहत बुलंदशहर के पालड़ा फाल से करीब 150 क्यूसेक पानी लाया जा रहा है। इसमें से 10 क्यूसेक पानी मथुरा जिले को दिया जा रहा है। शेष 140 क्यूसेक गंगाजल को सिकंदरा को और जीवनी मंडी वाटर वर्क्स भेजा जाएगा।
जल निगम की टीम ने सिंकदरा वाटर वर्क्स में पुराने ट्रीटमेंट प्लांट का जीर्णोद्धार कर लिया है और वहां करीब 144 एमएलडी गंगाजल पहुंच गया है। शोधन की प्रक्रिया के बाद करीब 100 एमएलडी पानी की सप्लाई भी शुरू कर दी है।
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गंगाजल परियोजना के तहत बुलंदशहर के पालड़ा फाल से करीब 150 क्यूसेक पानी लाया जा रहा है। इसमें से 10 क्यूसेक पानी मथुरा जिले को दिया जा रहा है। शेष 140 क्यूसेक गंगाजल को सिकंदरा को और जीवनी मंडी वाटर वर्क्स भेजा जाएगा।
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जल निगम की टीम ने सिंकदरा वाटर वर्क्स में पुराने ट्रीटमेंट प्लांट का जीर्णोद्धार कर लिया है और वहां करीब 144 एमएलडी गंगाजल पहुंच गया है। शोधन की प्रक्रिया के बाद करीब 100 एमएलडी पानी की सप्लाई भी शुरू कर दी है।
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यह है वजह
जीवनी मंडी वाटर वर्क्स तक पानी पहुंचाने में अभी समय लगेगा। यहां दो समस्या हैं। पहले तो जीवनी मंडी वाटर वर्र्क्स के जीर्णोद्धार के काम में कम से कम छह माह का समय लगेगा। यहां अभी 45 एमएलडी प्लांट का जीर्णोद्धार हुआ है।
90 एमएलडी प्लांट का काम चल रहा है और तीसरे 90 एमएलडी प्लांट का काम इसके बाद किया जाएगा। इसके साथ ही अभी जीवनी मंडी वाटर वर्क्स से लाइन जोड़ने के लिए नेशनल हाईवे नंबर दो पर लाइन डाली जाएगी।
27 वार्डों में नहीं सप्लाई की व्यवस्था
शहर में 27 वार्ड ऐसे हैं जहां अभी तक न तो पानी लाइन है और न ही टंकियां हैं। यहां पहुंचाने के लिए पूरी अवस्थापना सुविधाएं विकसित करने होंगी। इसके लिए जल निगम ने करीब 320 करोड़ रुपये की डीपीआर शासन को भेजी है।
करीब 100 करोड़ रुपये की डीपीआर पास हो चुकी है। इस राशि से यहां अंडरग्राउंड वाटर टैंक और ओवर हैड टैंक बनाए जाएंगे और पाइप लाइन बिछानी होगी। करीब 55 वार्ड ऐसे हैं जहां आंशिक सप्लाई है। यहां थोड़े मरम्मत कार्यों से जलापूर्ति आसानी से हो सकेगी।
90 एमएलडी प्लांट का काम चल रहा है और तीसरे 90 एमएलडी प्लांट का काम इसके बाद किया जाएगा। इसके साथ ही अभी जीवनी मंडी वाटर वर्क्स से लाइन जोड़ने के लिए नेशनल हाईवे नंबर दो पर लाइन डाली जाएगी।
27 वार्डों में नहीं सप्लाई की व्यवस्था
शहर में 27 वार्ड ऐसे हैं जहां अभी तक न तो पानी लाइन है और न ही टंकियां हैं। यहां पहुंचाने के लिए पूरी अवस्थापना सुविधाएं विकसित करने होंगी। इसके लिए जल निगम ने करीब 320 करोड़ रुपये की डीपीआर शासन को भेजी है।
करीब 100 करोड़ रुपये की डीपीआर पास हो चुकी है। इस राशि से यहां अंडरग्राउंड वाटर टैंक और ओवर हैड टैंक बनाए जाएंगे और पाइप लाइन बिछानी होगी। करीब 55 वार्ड ऐसे हैं जहां आंशिक सप्लाई है। यहां थोड़े मरम्मत कार्यों से जलापूर्ति आसानी से हो सकेगी।