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ताकि कोरोना से लड़ाई में मिले मदद...फिटनेस के लिए साइकिल पर आए लोग, बढ़ा रहे प्रतिरोधक क्षमता
Mon, 02 Nov 2020 12:17 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 02 Nov 2020 12:17 AM IST
सार
शहर के तमाम चिकित्सक साइकिल चलाने की मिसाल पेश कर रहे हैं। पांच साल पहले गठित आगरा डॉक्टर साइकिल एसोसिएशन में
तीन चिकित्सक ही जुड़े थे। वर्तमान में इनकी संख्या 25 हो चुकी है। एसोसिएशन के सचिव और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार
गुप्ता ने बताया कि मरीज के पर्चे पर सबसे पहली दवा के रूप में साइकिल चलाना लिखा जाता है। डॉ. गुप्ता का कहना है कि
एसोसिएशन के सभी सदस्य रोज साइकिल चलाते हैं।
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विस्तार
आगरा के लोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए साइकिल चला रहे हैं। इनका मंत्र यह है कि साइकिल चलाने से फिटनेस ठीक होगी और फिटनेस ठीक होने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी जो कोरोना से लड़ाई में मदद मिलेगी।
इन लोगों में चिकित्सक, इंजीनियर और बड़े व्यापारी भी शामिल हैं। जो लोग लग्जरी कार, बाइक और स्कूटी पर ही चलते थे, वे सुबह-शाम साइकिल दौड़ा रहे हैं। इससे साइकिलों की मांग भी बढ़ी है।
मरीज के पर्चे पर लिख रहे साइकिल चलाएं
शहर के तमाम चिकित्सक साइकिल चलाने की मिसाल पेश कर रहे हैं। पांच साल पहले गठित आगरा डॉक्टर साइकिल एसोसिएशन में तीन चिकित्सक ही जुड़े थे। वर्तमान में इनकी संख्या 25 हो चुकी है। एसोसिएशन के सचिव और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि मरीज के पर्चे पर सबसे पहली दवा के रूप में साइकिल चलाना लिखा जाता है। डॉ. गुप्ता का कहना है कि एसोसिएशन के सभी सदस्य रोज साइकिल चलाते हैं।
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इन लोगों में चिकित्सक, इंजीनियर और बड़े व्यापारी भी शामिल हैं। जो लोग लग्जरी कार, बाइक और स्कूटी पर ही चलते थे, वे सुबह-शाम साइकिल दौड़ा रहे हैं। इससे साइकिलों की मांग भी बढ़ी है।
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मरीज के पर्चे पर लिख रहे साइकिल चलाएं
शहर के तमाम चिकित्सक साइकिल चलाने की मिसाल पेश कर रहे हैं। पांच साल पहले गठित आगरा डॉक्टर साइकिल एसोसिएशन में तीन चिकित्सक ही जुड़े थे। वर्तमान में इनकी संख्या 25 हो चुकी है। एसोसिएशन के सचिव और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि मरीज के पर्चे पर सबसे पहली दवा के रूप में साइकिल चलाना लिखा जाता है। डॉ. गुप्ता का कहना है कि एसोसिएशन के सभी सदस्य रोज साइकिल चलाते हैं।
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साइकिलों का भी हो रहा बीमा
महंगी साइकिल खरीदने के शौकीन इसका बीमा भी करा रहे हैं। एक साल पहले तक जहां सौ साइकिल खरीदारों में से सिर्फ तीन या चार लोग ही बीमा कराते थे, कोरोना के बाद से महंगी साइकिलों के मामले में सौ में से 70 का बीमा कराया जा रहा है। कालिंदीपुरम, खंदारी की रहने वाली शिवानी अग्रवाल ने बेटे कृष्णा अग्रवाल के लिए दो दिन पहले ही 12 हजार रुपये की साइकिल खरीदी। उन्होंने बताया कि साइकिल महंगी होने के कारण उन्होंने बीमा कराया। साइकिल में कुछ होता है, तो कंपनी से कुछ राशि तो वापस मिलेगी।
हाईएंड (महंगी) साइकिलों के लिए दो-दो महीने इंतजार करना पड़ रहा है। कमला नगर स्थित साइकिल सेंटर के संचालक सचिन शर्मा का कहना है कि 21 गियर स्पीड से लेकर 27 गियर स्पीड साइकिल की पिछले छह महीने में काफी मांग बढ़ी है। जुलाई में आई खेप पंद्रह दिनों में बिक गई। साधारण साइकिलों की बाजार में दिक्कत नहीं हैं, लेकिन लोगों को गियर वाली साइकिलें ज्यादा पसंद आ रही हैं। अच्छे ब्रांड की साइकिल डेढ़ लाख रुपये तक की है। ये भी काफी बिक रही हैं।
टीटीजेड सदस्य चला रहे मुहिम
ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) प्राधिकरण के सदस्य इंजीनियर उमेश शर्मा ने साइकिल चलाने के लिए मुहिम शुरू की है। उनका कहना है कि लोगों को थोड़ी दूर के लिए अकेले जाने के लिए साइकिल का प्रयोग करने का संकल्प लेना चाहिए। बिना जिम जाए फिट रहेंगे, वहीं सर्दियों में प्रदूषण पर भी काफी हद तक अंकुश रहेगा। शहर के जाने-माने लोगों को भी कम से कम हफ्ते में एक दिन साइकिल चलाकर लोगों को जागरूक करना चाहिए। कोरोना शुरू होने के बाद से वह हर रोज पांच से सात किलोमीटर साइकिल चला रहे हैं।
महंगी साइकिल खरीदने के शौकीन इसका बीमा भी करा रहे हैं। एक साल पहले तक जहां सौ साइकिल खरीदारों में से सिर्फ तीन या चार लोग ही बीमा कराते थे, कोरोना के बाद से महंगी साइकिलों के मामले में सौ में से 70 का बीमा कराया जा रहा है। कालिंदीपुरम, खंदारी की रहने वाली शिवानी अग्रवाल ने बेटे कृष्णा अग्रवाल के लिए दो दिन पहले ही 12 हजार रुपये की साइकिल खरीदी। उन्होंने बताया कि साइकिल महंगी होने के कारण उन्होंने बीमा कराया। साइकिल में कुछ होता है, तो कंपनी से कुछ राशि तो वापस मिलेगी।
हाईएंड (महंगी) साइकिलों के लिए दो-दो महीने इंतजार करना पड़ रहा है। कमला नगर स्थित साइकिल सेंटर के संचालक सचिन शर्मा का कहना है कि 21 गियर स्पीड से लेकर 27 गियर स्पीड साइकिल की पिछले छह महीने में काफी मांग बढ़ी है। जुलाई में आई खेप पंद्रह दिनों में बिक गई। साधारण साइकिलों की बाजार में दिक्कत नहीं हैं, लेकिन लोगों को गियर वाली साइकिलें ज्यादा पसंद आ रही हैं। अच्छे ब्रांड की साइकिल डेढ़ लाख रुपये तक की है। ये भी काफी बिक रही हैं।
टीटीजेड सदस्य चला रहे मुहिम
ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) प्राधिकरण के सदस्य इंजीनियर उमेश शर्मा ने साइकिल चलाने के लिए मुहिम शुरू की है। उनका कहना है कि लोगों को थोड़ी दूर के लिए अकेले जाने के लिए साइकिल का प्रयोग करने का संकल्प लेना चाहिए। बिना जिम जाए फिट रहेंगे, वहीं सर्दियों में प्रदूषण पर भी काफी हद तक अंकुश रहेगा। शहर के जाने-माने लोगों को भी कम से कम हफ्ते में एक दिन साइकिल चलाकर लोगों को जागरूक करना चाहिए। कोरोना शुरू होने के बाद से वह हर रोज पांच से सात किलोमीटर साइकिल चला रहे हैं।