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आलू की कीमतों पर नियंत्रण को खाली होंगे कोल्ड स्टोरेज
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मैनपुरी। बाजार में आलू की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करने के लिए शासन ने शीतगृह में भंडारित आलू की निकासी के आदेश दिए हैं। जनपद में 31 अक्तूबर तक किसानों को भंडारित एक लाख मीट्रिक टन से अधिक आलू की निकासी करनी होगी। इससे राहत मिलने की उम्मीद है।
आलू फुटकर में 35 रुपये किलो मिल रहा है। आलू की बुवाई के लिए खपत बढ़ने के बाद सब्जी बाजार में आवक कम होती जा रही है। इससे कीमतें दिन प्रतिदिन और बढ़ रही हैं। इसे रोकने के लिए आलू की आवक बढ़ाना ही एक मात्र उपाय है। जिले के 50 कोल्ड स्टोरेज में अभी 1.05 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित है। इस कारण कोल्ड में भंडारित आलू को अब 13 दिन के भीतर निकालना होगा। शासन के आदेश के बाद जिला उद्यान अधिकारी अनीता सिंह ने जिले के सभी 50 कोल्ड स्टोर संचालकों को पत्र जारी किया है। इसमें कहा है कि हर हाल में कोल्ड स्टोरेज 31 अक्तूबर तक खाली कराए जाने हैं।
किसानों को जारी होंगे नोटिस
कोल्ड स्टोरेज संचालकों को आलू निकासी के लिए पहल करनी होगी। इसके लिए संबंधित किसानों को पंजीकृत नोटिस जारी करने होंगे। प्रतिदिन निकासी की सूचना भी उन्हें जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद भी अगर कोई किसान आलू की निकासी नहीं करता है तो विभाग कार्रवाई करेगा।
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पहले 30 नवंबर तक थी समय सीमा
बीते वर्षों में आलू भंडारण की समय सीमा 30 नवंबर तक थी। इससे पूर्व कोई भी कोल्ड स्टोरेज संचालक किसान पर आलू की निकासी के लिए दबाव नहीं बना सकता था। इस बार बदलाव से कोल्ड स्टोरेज संचालकों ने भी राहत की सांस ली है। कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय गुप्ता ने शासन के इस आदेश को किसान और कोल्ड स्टोरेज संचालक दोनों के हित में बताया है।
फैक्ट फाइल
- 20 हजार हेक्टयेर है आलू का क्षेत्रफल
- 50 हैं जिले में कोल्ड स्टोरेज
- 05 लाख मीट्रिक टन हुआ आलू का उत्पादन
- 03 लाख मीट्रिक टन आलू कोल्ड में था भंडारित
- 01 लाख मीट्रिक टन से अधिक आलू अब भी है भंडारित
सभी किसान 31 अक्तूबर तक आलू की निकासी हर हाल में कर लें। इस बार आलू निकासी की समय सीमा एक माह कम कर दी गई है। कोल्ड स्टोरेज संचालकों को भी आदेश जारी कर दिया गया है।
अनीता सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।
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आलू फुटकर में 35 रुपये किलो मिल रहा है। आलू की बुवाई के लिए खपत बढ़ने के बाद सब्जी बाजार में आवक कम होती जा रही है। इससे कीमतें दिन प्रतिदिन और बढ़ रही हैं। इसे रोकने के लिए आलू की आवक बढ़ाना ही एक मात्र उपाय है। जिले के 50 कोल्ड स्टोरेज में अभी 1.05 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित है। इस कारण कोल्ड में भंडारित आलू को अब 13 दिन के भीतर निकालना होगा। शासन के आदेश के बाद जिला उद्यान अधिकारी अनीता सिंह ने जिले के सभी 50 कोल्ड स्टोर संचालकों को पत्र जारी किया है। इसमें कहा है कि हर हाल में कोल्ड स्टोरेज 31 अक्तूबर तक खाली कराए जाने हैं।
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किसानों को जारी होंगे नोटिस
कोल्ड स्टोरेज संचालकों को आलू निकासी के लिए पहल करनी होगी। इसके लिए संबंधित किसानों को पंजीकृत नोटिस जारी करने होंगे। प्रतिदिन निकासी की सूचना भी उन्हें जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद भी अगर कोई किसान आलू की निकासी नहीं करता है तो विभाग कार्रवाई करेगा।
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पहले 30 नवंबर तक थी समय सीमा
बीते वर्षों में आलू भंडारण की समय सीमा 30 नवंबर तक थी। इससे पूर्व कोई भी कोल्ड स्टोरेज संचालक किसान पर आलू की निकासी के लिए दबाव नहीं बना सकता था। इस बार बदलाव से कोल्ड स्टोरेज संचालकों ने भी राहत की सांस ली है। कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय गुप्ता ने शासन के इस आदेश को किसान और कोल्ड स्टोरेज संचालक दोनों के हित में बताया है।
फैक्ट फाइल
- 20 हजार हेक्टयेर है आलू का क्षेत्रफल
- 50 हैं जिले में कोल्ड स्टोरेज
- 05 लाख मीट्रिक टन हुआ आलू का उत्पादन
- 03 लाख मीट्रिक टन आलू कोल्ड में था भंडारित
- 01 लाख मीट्रिक टन से अधिक आलू अब भी है भंडारित
सभी किसान 31 अक्तूबर तक आलू की निकासी हर हाल में कर लें। इस बार आलू निकासी की समय सीमा एक माह कम कर दी गई है। कोल्ड स्टोरेज संचालकों को भी आदेश जारी कर दिया गया है।
अनीता सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।