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Agra News: बंदरों के उत्पात से परेशान हैं रोडवेज और रेलवे के यात्री
Sat, 08 Apr 2023 12:09 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 08 Apr 2023 12:09 AM IST
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कासगंज। रोडवेज बस स्टैंड पर बंदरों के उत्पात से यात्री परेशान हैं। आए दिन ही यात्रियों के सामान छीनकर बंदर ले जाते हैं। जिससे लोगों को खासी परेशानी होती है। दिल्ली जा रही बस में सवार एक युवती से बंदर ने मोबाइल छीन लिया। जिसे क्षतिग्रस्त कर दिया। ऐसी घटनाएं अक्सर बस स्टैंड पर होती रहती हैं। दिल्ली निवासी वंशिका अपनी मां गीता के साथ कासगंज आई हुई थी। वह दिल्ली वापस जाने के लिए बस स्टैंड पर रोडवेज की बस में सवार हुई। वह बस में बैठकर मोबाइल पर कुछ देख रही थी, तभी एक बंदर खिड़की से अंदर आकर छपट्टा मार उसकी मोबाइल छीन ले गया। साथ ही बस स्टैंड की छत पर जाकर बैठ गया। सह यात्रियों के द्वारा खाद्य सामग्री देकर बमुश्किल से बंदर से मोबाइल छुड़वाया गया। लेकिन यह मोबाइल क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। बस स्टैंड पर बड़ी संख्या में बंदर हैं। जिनके उत्पात से लोग परेशान रहते हैं।
बस स्टैंड पर पहुंचने वाले यात्रियों एवं बच्चों आदि के हाथ से सामान को छीन लेेकर जाते हैं। सामान को तोड़ फोड़ देते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता है। सबसे अधिक घटनाएं यात्रियों के आंखों से चश्मा उतारने की होती है। बस स्टैंड पर थोड़ी सी लापरवाही पर ही बंदर चश्मा उतार ले जाते हैं और खाद्य सामग्री मिलने पर ही छोड़ते हैं। कई बार चश्मा टूट जाने से यात्रियों को खासी दिक्कतें होती हैं।
वन विभाग और नगर पालिका प्रशासन को बस स्टैंड पर बंदरों की संख्या अधिक होने एवं उत्पात की जानकारी दी गई हैं। जिससे बंदरों को पकड़वाया जा सके और यात्रियों को परेशानी न हो। - ब्रजेश कुमार, डिपो प्रभारी।
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बस स्टैंड पर पहुंचने वाले यात्रियों एवं बच्चों आदि के हाथ से सामान को छीन लेेकर जाते हैं। सामान को तोड़ फोड़ देते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता है। सबसे अधिक घटनाएं यात्रियों के आंखों से चश्मा उतारने की होती है। बस स्टैंड पर थोड़ी सी लापरवाही पर ही बंदर चश्मा उतार ले जाते हैं और खाद्य सामग्री मिलने पर ही छोड़ते हैं। कई बार चश्मा टूट जाने से यात्रियों को खासी दिक्कतें होती हैं।
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वन विभाग और नगर पालिका प्रशासन को बस स्टैंड पर बंदरों की संख्या अधिक होने एवं उत्पात की जानकारी दी गई हैं। जिससे बंदरों को पकड़वाया जा सके और यात्रियों को परेशानी न हो। - ब्रजेश कुमार, डिपो प्रभारी।
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