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UP: रोडवेज बसों का ऐसा हाल...ठिठुरते हुए सफर करने को मजबूर यात्री, टूटी पड़ी हैं खिड़कियां
Sun, 16 Nov 2025 01:49 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 16 Nov 2025 01:49 PM IST
सार
सर्दी में यात्री ठिठुरते हुए रोडवेज बस में सफर करने को मजबूर हैं। इसके पीछे वजह है कि टूटी खिड़कियां और खस्ताहाल दरवाजे। इसके चलते सफर के दाैरान सर्द हवाएं यात्रियों को परेशान करती हैं।
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बस के टूटे पड़े शीशे।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
सर्दी बढ़ने के साथ रोडवेज बसों में टूटी हुई खिड़कियां यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन गई हैं। सफर में तेज हवा अंदर आने से यात्रियों को ठिठुरना पड़ रहा है। कई बसों में शीशे टूटे हैं। ठंडी हवा रोकने के लिए यात्री गत्ता और शॉल लगाकर सफर कर रहे हैं।
ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आईएसबीटी में रोडवेज बसों की हालत देखी तो दुर्दशा सामने आई। बसों की खिड़कियां टूटी हुई थीं, यात्री व बस चालक की बैठने की सीटें टूटी मिलीं। इसके अलावा कई बसों में खिड़की पर शीशे नहीं थे। रोडवेज कर्मचारियों ने बताया कि शीशों के आने में समय लगता है। इसके अलावा बसों की ओवरहाॅलिंग समय पर न होने से खिड़कियों और दरवाजों की खराबी बढ़ती जा रही है।
यात्रियों ने मांग की कि बसों की खिड़कियों की तत्काल मरम्मत होनी चाहिए। राजा ने बताया कि वह बरेली से आगरा ताजमहल देखने आए हैं। सुबह ठंड ज्यादा महसूस हुई। दरअसल, बस की खिड़की टूटी हुई थी जिससे हवा तेजी से आ रही थी। हवा रोकने के लिए अपनी बहन की शॉल खिड़की पर लगा दी थी फिर भी ठंड से कांप गए। अब गला खराब हो गया है।
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अंकुश ने बताया कि वह फिरोजाबाद से आए हैं। बस से सफर करने में बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ा। बस के शीशे में चटकनी नहीं थी जिससे शीशे बार-बार खिड़की से हट रहे थे। ऐसे में ठंडी हवा लगने से बुखार आ गया है। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक ब्रह्मप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि सर्दी कोहरे से बचाने के लिए बसों की खिड़की, लाइटों की मरम्मत के लिए कार्य किए जा रहे हैं।
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ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आईएसबीटी में रोडवेज बसों की हालत देखी तो दुर्दशा सामने आई। बसों की खिड़कियां टूटी हुई थीं, यात्री व बस चालक की बैठने की सीटें टूटी मिलीं। इसके अलावा कई बसों में खिड़की पर शीशे नहीं थे। रोडवेज कर्मचारियों ने बताया कि शीशों के आने में समय लगता है। इसके अलावा बसों की ओवरहाॅलिंग समय पर न होने से खिड़कियों और दरवाजों की खराबी बढ़ती जा रही है।
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यात्रियों ने मांग की कि बसों की खिड़कियों की तत्काल मरम्मत होनी चाहिए। राजा ने बताया कि वह बरेली से आगरा ताजमहल देखने आए हैं। सुबह ठंड ज्यादा महसूस हुई। दरअसल, बस की खिड़की टूटी हुई थी जिससे हवा तेजी से आ रही थी। हवा रोकने के लिए अपनी बहन की शॉल खिड़की पर लगा दी थी फिर भी ठंड से कांप गए। अब गला खराब हो गया है।
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अंकुश ने बताया कि वह फिरोजाबाद से आए हैं। बस से सफर करने में बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ा। बस के शीशे में चटकनी नहीं थी जिससे शीशे बार-बार खिड़की से हट रहे थे। ऐसे में ठंडी हवा लगने से बुखार आ गया है। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक ब्रह्मप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि सर्दी कोहरे से बचाने के लिए बसों की खिड़की, लाइटों की मरम्मत के लिए कार्य किए जा रहे हैं।