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घिनौने जुर्म के दलदल में जा रहे मासूम, बच्चों की इन हरकतों पर जरूर रखें नजर

Fri, 22 Dec 2017 01:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा Updated Fri, 22 Dec 2017 01:09 PM IST
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parents should keep vigil while child watching television
minor boy playing with mobile
आगरा में थाना सैंया क्षेत्र के एक गांव में 12 साल के बालक पर छह साल की बालिका से दुराचार का सनसनीखेज आरोप लगा है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसे जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया। 
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गांव के लोग इस वारदात से स्तब्ध हैं। यह पहला मौका है जब इतनी कम उम्र का बालक दुराचार में पकड़ा गया है। पुलिस का कहना है कि उसने जुर्म कुबूल किया है। हर किसी के मन में यही सवाल है कि इतनी सी उम्र के बच्चे ने यह घिनौनी करतूत करने की आखिर सोचा कैसे है। 
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लोगों ने बच्ची से पूछा, तो उसने कहा, इसने गंदा काम किया है। पहले तो बच्ची के परिवार वालों ने काफी देर सोच विचार किया कि केस दर्ज कराएं या नहीं। बाद में तय किया कि इस बच्चे को सबक दिया जाना जरूरी है। तब उसके खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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क्लिप देखकर खराब हो गया दिमाग

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थानाध्यक्ष सैंया ने बताया कि आरोपी बालक को उसके दोस्तों ने मोबाइल में पोर्न क्लिप दिखाई थी। तभी से उसका दिमाग खराब हो गया। 

थानाध्यक्ष ने उससे हुई पूछताछ के हवाले से बताया कि उसके दिमाग में यह घिनौनी करतूत क्लिप देखकर ही आई। उसने बच्ची को जैसे ही अकेला देखा, उसे अपने साथ ले गया।

छोटी उम्र, बड़े अपराध

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हाल ही का मामला है, जब आगरा के शास्त्रीपुरम में नौ साल का बालक हत्या में पकड़ा गया था। उस पर आरोप लगा था कि उसने पांच साल के बालक को नाले में धक्का देकर उसकी जान ले ली। 

पुलिस ने उसकी उम्र कम होने के चलते उसे गिरफ्तार नहीं किया। उसे सुधार के लिए एक आश्रम में भेज दिया गया था। इसके अलावा भी केस हैं- 


-  फतेहपुर सीकरी में तीन किशोरों ने स्विट्जरलैंड के पर्यटक जोड़े पर पत्थरों से हमला किया, घटना की गूंज विदेशों तक गई।
-  चार दिन पहले शहर के एक कान्वेंट स्कूल की कक्षा सात की छात्रा ने फेसबुक पर सहेली की फर्जी आईडी बना दी थी। 
-  विभव नगर में पिछले साल नौवीं के छात्र ने अपने दोस्तों से अपने ही घर में डाका डलवा दिया था।
-  कुछ दिन पहले एक बच्चे ने अपनी टीचर का अश्लील फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया था।
-  किशोर सुधार गृह में 90 किशोर बंद हैं। इन पर चोरी, लूट, हत्या और दुराचार जैसे अपराध के केस दर्ज हैं।

बच्चों पर ऐसे रखें नजर

मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के चिकित्साधीक्षक डा. दिनेश राठौर का कहना है कि बच्चों के अपराध करने की एक वजह टीवी, सिनेमा और मोबाइल पर मिल रही अश्लीलता भी है। 

बच्चे का कोमल मन नहीं जानता कि क्या सही है और क्या गलत? उसे नहीं पता कि रील लाइफ और रीयल लाइफ में क्या फर्क है। वह जो देखता है, उसे सच मान लेता है। कई बार तो वह जो देखता है, उसे खुद करने की कोशिश करता है। 

इसी में अपराध कर बैठता है। सैंया का यह मामला भी ऐसा ही लगता है। इन हालातों से बचने के लिए बच्चों को हिंसक और अश्लील फिल्म-टीवी कार्यक्रम से बचाएं। घर के बाहर जाते वक्त बच्चों को टीवी के सहारे न छोड़ें।
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