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37 समायोजित शिक्षामित्रों के प्रमाणपत्र संदिग्ध
हितेश सिंह
Updated Thu, 18 Feb 2016 01:36 AM IST
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परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में दूसरे चरण में सहायक अध्यापक पद पर समायोजित 37 शिक्षामित्र संदेह के घेरे में हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय (मेरठ) ने इनके प्रमाणपत्रों को ‘ओके’ नहीं किया है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जांच के लिए भेजे गए प्रमाणपत्रों में से बोर्ड ने 11 शिक्षामित्रों के प्रमाणपत्र में भिन्नता दर्शाई है। 26 शिक्षामित्रों के विवरण का मूल प्रमाणपत्र से मिलान करके दोबारा जांच के लिए भेजने को कहा गया है।
अधिकतर शिक्षामित्रों के इंटरमीडिएट के प्रमाणपत्र संदेह के घेरे में है। बोर्ड ऐसे 26 को चिह्नित किया है। इसमें से 10 के प्रमाणपत्रों में पिता के नाम, प्राप्तांक और जन्मतिथि आदि में भिन्नता पाई गई है। 16 शिक्षामित्रों के विवरण दोबारा जांच के लिए मांगे हैं। 11 शिक्षामित्रों के हाईस्कूल के प्रमाणपत्र पर संदेह है। एक के प्रमाणपत्र में भिन्नता है। 10 का विवरण मूल प्रमाणपत्र से मिलान करके दोबारा भेजा जाना है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र सक्सेना का कहना है कि विभाग जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेगा। सभी 37 शिक्षामित्रों के विवरण को मूल प्रमाणपत्र से मिलाया जाएगा। यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में जांच के लिए दोबारा भेजा जाएगा। जिसके प्रमाणपत्र सही पाए गए उनको वेतन जारी करने का आदेश जारी किया जाएगा, जो फर्जी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
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कुछ शिक्षामित्रों को लगी भनक
आगरा। कुछ शिक्षामित्रों को संदिग्ध सूची बीएसए आफिस में पहुंचने की जानकारी हो गई है। वह नाम पता करने में लगे हैं पर सूची को गोपनीय रखा गया है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उसको सार्वजनिक किया जाएगा।
आंकड़े एक नजर में
1331 शिक्षामित्र दूसरे चरण में सहायक अध्यापक पद पर समायोजित हुए
258 शिक्षामित्रों के वेतन का आदेश मंगलवार को जारी किया गया, सूची लगाई गई
647 शिक्षामित्रों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन अब तक हो चुका, वेतन जारी करने के आदेश हुए
37 संदिग्ध शिक्षामित्रों के वेतन आदेश नहीं किया है, न तो सूची लगाई गई है
10 शिक्षामित्रों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए जा चुके हैं
आगरा। वर्ष 2014 में पहले चरण में सहायक अध्यापक पद पर समायोजित शिक्षामित्रों में 10 के प्रमाणपत्र सत्यापन में फर्जी पाए गए। सभी के वेतन तत्काल रूप से रोक दिए गए। बीएसए के स्तर से तब से अब तक कई बार खंड शिक्षा अधिकारियों को संबंधित के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए। एक के भी खिलाफ एफआईआर नहीं दर्ज कराई गई है।
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अधिकतर शिक्षामित्रों के इंटरमीडिएट के प्रमाणपत्र संदेह के घेरे में है। बोर्ड ऐसे 26 को चिह्नित किया है। इसमें से 10 के प्रमाणपत्रों में पिता के नाम, प्राप्तांक और जन्मतिथि आदि में भिन्नता पाई गई है। 16 शिक्षामित्रों के विवरण दोबारा जांच के लिए मांगे हैं। 11 शिक्षामित्रों के हाईस्कूल के प्रमाणपत्र पर संदेह है। एक के प्रमाणपत्र में भिन्नता है। 10 का विवरण मूल प्रमाणपत्र से मिलान करके दोबारा भेजा जाना है।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र सक्सेना का कहना है कि विभाग जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेगा। सभी 37 शिक्षामित्रों के विवरण को मूल प्रमाणपत्र से मिलाया जाएगा। यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में जांच के लिए दोबारा भेजा जाएगा। जिसके प्रमाणपत्र सही पाए गए उनको वेतन जारी करने का आदेश जारी किया जाएगा, जो फर्जी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
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कुछ शिक्षामित्रों को लगी भनक
आगरा। कुछ शिक्षामित्रों को संदिग्ध सूची बीएसए आफिस में पहुंचने की जानकारी हो गई है। वह नाम पता करने में लगे हैं पर सूची को गोपनीय रखा गया है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उसको सार्वजनिक किया जाएगा।
आंकड़े एक नजर में
1331 शिक्षामित्र दूसरे चरण में सहायक अध्यापक पद पर समायोजित हुए
258 शिक्षामित्रों के वेतन का आदेश मंगलवार को जारी किया गया, सूची लगाई गई
647 शिक्षामित्रों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन अब तक हो चुका, वेतन जारी करने के आदेश हुए
37 संदिग्ध शिक्षामित्रों के वेतन आदेश नहीं किया है, न तो सूची लगाई गई है
10 शिक्षामित्रों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए जा चुके हैं
आगरा। वर्ष 2014 में पहले चरण में सहायक अध्यापक पद पर समायोजित शिक्षामित्रों में 10 के प्रमाणपत्र सत्यापन में फर्जी पाए गए। सभी के वेतन तत्काल रूप से रोक दिए गए। बीएसए के स्तर से तब से अब तक कई बार खंड शिक्षा अधिकारियों को संबंधित के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए। एक के भी खिलाफ एफआईआर नहीं दर्ज कराई गई है।