{"_id":"68ebe600d286e6bd3006b63f","slug":"papa-papas-call-scattered-family-united-for-daughters-mainpuri-news-c-25-1-agr1064-890879-2025-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: पापा-पापा की पुकार, बेटियों के लिए जुड़ा बिखरा परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: पापा-पापा की पुकार, बेटियों के लिए जुड़ा बिखरा परिवार
Sun, 12 Oct 2025 11:01 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 12 Oct 2025 11:01 PM IST
विज्ञापन
मैनपुरी। कभी-कभी जीवन में कुछ लम्हे इतने गहरे असर छोड़ जाते हैं कि वर्षों का बना-बिगड़ा रिश्ता एक पल में जुड़ जाता है। कुछ ऐसा ही मंजर मैनपुरी के दीवानी परिसर स्थित सुलह समझौता केंद्र में देखने को मिला जहां बेटियों की मासूम पुकार ने एक टूटते परिवार को फिर से जोड़ दिया। किशनी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती की शादी 2 जुलाई 2021 को एलाऊ क्षेत्र के युवक से हुई थी। शादी के बाद से ही मनमुटाव शुरू हो गया। धीरे-धीरे रिश्तों में कड़वाहट इस हद तक बढ़ गई कि बात मारपीट और अलगाव तक पहुंच गई। इस बीच महिला ने दो बेटियों को जन्म दिया। बड़ी बेटी अब 3 साल और छोटी 2 साल की है। बेटियों के जन्म के बाद ससुरालीजन का रवैया और कठोर हो गया। आखिरकार 5 अगस्त 2024 को महिला को बेटियों सहित घर से निकाल दिया गया। मायके वालों ने पंचायतें कीं, लेकिन हल नहीं निकला। थक-हारकर महिला ने परिवार न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
मुकदमे को सुलह समझौता केंद्र भेजा गया जहां मीडिएटर चंद्रभान सिंह यादव ने 5 बार पति-पत्नी को आमने-सामने बैठाकर समझाने का प्रयास किया। हर बार रिश्ते के पुराने घाव सामने आ जाते। लेकिन फिर आया वो पल जिसने सब कुछ बदल दिया। छठी बार जब दंपती समझौता केंद्र पहुंचे, तो दोनों बेटियां भी थीं। छोटी-छोटी आंखों से पिता को ताकतीं, ‘पापा-पापा’ कहती मासूम बच्चियों ने जैसे पिता का जमीर झकझोर दिया। बड़ी बेटी ने पापा की गोद में बैठते हुए सवाल भरे मासूम लहजे में पूछा – पापा, अब हम सब साथ घर चलेंगे ना।
उस पल एक साल से अलग रह रहे पिता की आंखों से आंसू बह निकले। जिस दिल में अब तक गुस्सा था, वहां बेटियों के लिए प्यार उमड़ पड़ा। पत्नी की आंखों में उम्मीद की झलक दिखी और पति ने सब कुछ भुलाकर परिवार को दोबारा एक साथ रखने का फैसला कर लिया।
विज्ञापन
यह मंजर देख वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके। मीडिएटर ने अपनी आख्या तैयार कर फाइल अंतिम निर्णय के लिए परिवार न्यायालय भेज दी है।
विज्ञापन
मुकदमे को सुलह समझौता केंद्र भेजा गया जहां मीडिएटर चंद्रभान सिंह यादव ने 5 बार पति-पत्नी को आमने-सामने बैठाकर समझाने का प्रयास किया। हर बार रिश्ते के पुराने घाव सामने आ जाते। लेकिन फिर आया वो पल जिसने सब कुछ बदल दिया। छठी बार जब दंपती समझौता केंद्र पहुंचे, तो दोनों बेटियां भी थीं। छोटी-छोटी आंखों से पिता को ताकतीं, ‘पापा-पापा’ कहती मासूम बच्चियों ने जैसे पिता का जमीर झकझोर दिया। बड़ी बेटी ने पापा की गोद में बैठते हुए सवाल भरे मासूम लहजे में पूछा – पापा, अब हम सब साथ घर चलेंगे ना।
विज्ञापन
उस पल एक साल से अलग रह रहे पिता की आंखों से आंसू बह निकले। जिस दिल में अब तक गुस्सा था, वहां बेटियों के लिए प्यार उमड़ पड़ा। पत्नी की आंखों में उम्मीद की झलक दिखी और पति ने सब कुछ भुलाकर परिवार को दोबारा एक साथ रखने का फैसला कर लिया।
विज्ञापन
यह मंजर देख वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके। मीडिएटर ने अपनी आख्या तैयार कर फाइल अंतिम निर्णय के लिए परिवार न्यायालय भेज दी है।