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यूपी: एटा में बुखार से मचा हाहाकार, 5 वर्षीय बालक और एक महिला की मौत; सो रहा स्वास्थ्य विभाग
Tue, 03 Oct 2023 07:25 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 03 Oct 2023 07:25 PM IST
सार
एटा के सुल्तानपुर में बुखार का प्रकोप जारी है। कस्बा से लेकर एटा व आगरा में बुखार से पीड़ित मरीजों का उपचार चल रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अभी तक बुखार से एक भी मौत नहीं दिखाई गई है।
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बुखार।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
एटा के मारहरा में बुखार से लगातार मौतें हो रहीं हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अभी तक बुखार से एक भी मौत नहीं दिखाई गई है। मंगलवार को गंजडुंडवारा निवासी पांच वर्षीय मासूम की मौत हो गई। उसे चार दिन से बुखार आ रहा था। वहीं मारहरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर में बुखार का प्रकोप फैला हुआ है। मंगलवार को एक महिला की आगरा में मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि उसे डेंगू बताया गया था।
कासगंज जनपद के गंजडुडवारा निवासी गुड्डू सिंह ने बताया कि उसके पांच वर्षीय बेटे सनी को चार दिन पूर्व बुखार आया था। कस्बे के ही एक क्लीनिक पर उसका उपचार चल रहा था। मंगलवार की सुबह उसकी हालत बिगड़ गई, उसे लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने मृत बता दिया। कहा कि खून की जांच में बेटे को प्लेटलेट्स कम बताए गए थे।
उधर, मारहरा क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर में हर घर में कोई न कोई व्यक्ति बुखार से पीड़ित है। गांव निवासी गौरव ने बताया कि 55 वर्षीय मां शरबती देवी को सात दिन से बुखार आ रहा था। स्थानीय चिकित्सकों से ही उनका इलाज कराया जा रहा था। हालत खराब होने पर मंगलवार को आगरा लेकर गए। जहां उनकी मौत हो गई। उन्होने बताया कि गांव में चार दिन पहले बुखार से ढाई साल की एक बच्ची की मौत हो चुकी है। उसे टायफाइड बताया गया था। मंगलवार को गांव में स्वास्थ्य टीम पहुंची। इस दौरान 98 मरीजों को देखा गया। वहीं 38 मरीजों का सैंपल जांच के लिए लिया गया। इसके साथ ही गांव में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया गया।
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सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया कि सुल्तानपुर में बुखार से मौत के बारे में जानकारी नहीं है। सूचना बुखार की मिली थी, जिस पर टीम भेज वहां मरीजों का परीक्षण कराया गया है। साथ ही दवा दी गई। बुधवार को गांव में फिर टीम को भेजा जाएगा।
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कासगंज जनपद के गंजडुडवारा निवासी गुड्डू सिंह ने बताया कि उसके पांच वर्षीय बेटे सनी को चार दिन पूर्व बुखार आया था। कस्बे के ही एक क्लीनिक पर उसका उपचार चल रहा था। मंगलवार की सुबह उसकी हालत बिगड़ गई, उसे लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने मृत बता दिया। कहा कि खून की जांच में बेटे को प्लेटलेट्स कम बताए गए थे।
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उधर, मारहरा क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर में हर घर में कोई न कोई व्यक्ति बुखार से पीड़ित है। गांव निवासी गौरव ने बताया कि 55 वर्षीय मां शरबती देवी को सात दिन से बुखार आ रहा था। स्थानीय चिकित्सकों से ही उनका इलाज कराया जा रहा था। हालत खराब होने पर मंगलवार को आगरा लेकर गए। जहां उनकी मौत हो गई। उन्होने बताया कि गांव में चार दिन पहले बुखार से ढाई साल की एक बच्ची की मौत हो चुकी है। उसे टायफाइड बताया गया था। मंगलवार को गांव में स्वास्थ्य टीम पहुंची। इस दौरान 98 मरीजों को देखा गया। वहीं 38 मरीजों का सैंपल जांच के लिए लिया गया। इसके साथ ही गांव में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया गया।
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सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया कि सुल्तानपुर में बुखार से मौत के बारे में जानकारी नहीं है। सूचना बुखार की मिली थी, जिस पर टीम भेज वहां मरीजों का परीक्षण कराया गया है। साथ ही दवा दी गई। बुधवार को गांव में फिर टीम को भेजा जाएगा।