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आगरा: स्कूल और मंदिर के सामने बन रहा कचरा ट्रांसफर स्टेशन, विरोध में उतरे लोग; काम रोकने की मांग
Fri, 04 Sep 2026 06:01 AM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Fri, 04 Sep 2026 06:01 AM IST
सार
नगर निगम जहां कचरा ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण करा रहा है, वहां से 20 फीट दूर बने सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल के बच्चों को दुर्गंध का सामना करना होगा। हनुमान मंदिर पर लोगों की भीड़ हमेशा रहती है, मंदिर से कचरा स्टेशन की दूरी महज 40 फीट है।
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नगर निगम की ओर से बनाया जा रहा कचरा ट्रांसफर स्टेशन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के वाटरवर्क्स नाले के पास आस्था सिटी सेंटर से सटी जमीन पर नगर निगम कचरा ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण करा रहा है। सात करोड़ से बन रहे इस ट्रांसफर स्टेशन में 10 वार्डों का 100 टन से ज्यादा कचरा हर दिन आएगा। इसके बाद कॉम्पैक्ट होकर कुबेरपुर लैंडफिल साइट भेजा जाएगा। क्षेत्र के लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। नगर आयुक्त से काम तत्काल रुकवाने की मांग भी की गई है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जीवनी मंंडी वाटरवर्क्स के गेट नंबर दो पर हनुमान मंदिर तिराहे के पास नाले से सटी जमीन पर कूड़े का ट्रांसफर स्टेशन बनाने का काम जारी है। सरकारी स्कूल भी समीप ही है। क्षेत्रीय निवासी संजय दीक्षित ने कॉलोनी के लोगों के साथ निर्माण का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह जमीन सिंचाई विभाग की है।
छत्ता वार्ड के 10 वार्डों का कूड़ा लेकर गाड़ियां यहां आएंगी, जिस वजह से इससे महज 20 फीट दूर बने सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल के बच्चों को दुर्गंध का सामना करना होगा। हनुमान मंदिर पर लोगों की भीड़ हमेशा रहती है, मंदिर से कचरा स्टेशन की दूरी महज 40 फीट है। ऐसे में इसे तत्काल हटाया जाए।
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निर्माण भी घटिया, हल्की उपयोग की सरिया
फिक्स्ड कॉम्पेक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) की बीते पखवाड़े के निरीक्षण की रिपोर्ट में इसका निर्माण घटिया पाया गया है। नगर आयुक्त ने पर्यावरण अभियंता के साथ निरीक्षण किया था, जिसमें कॉलम एवं बीम में कार्य की गुणवत्ता का स्तर खराब पाया गया। अलाइनमेंट भी नहीं मिला और कॉलम में इस्तेमाल की गई सरिया भी मानक के मुताबिक नहीं निकली। 20 मिमी. की जगह 16 मिमी. की सरिया का इस्तेमाल किया गया। इस पिलर को तोड़कर यह जांच कराई गई थी। यहां इस्तेमाल की गईं ईंटे भी खराब पाई गई थीं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत इस ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण करा रहे हैं। स्कूल और मंदिर यहां से दूर हैं। कुछ लोग बेवजह तूल दे रहे हैं। इसके बनने से कूड़ा ले जाने के लिए छोटे वाहन प्रयोग नहीं होंगे। कूड़ा कॉम्पेक्ट होकर बड़े वाहन से जाएगा। इससे डीजल बचेगा। -पंकज भूषण, पर्यावरण अभियंता
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत जीवनी मंंडी वाटरवर्क्स के गेट नंबर दो पर हनुमान मंदिर तिराहे के पास नाले से सटी जमीन पर कूड़े का ट्रांसफर स्टेशन बनाने का काम जारी है। सरकारी स्कूल भी समीप ही है। क्षेत्रीय निवासी संजय दीक्षित ने कॉलोनी के लोगों के साथ निर्माण का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह जमीन सिंचाई विभाग की है।
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छत्ता वार्ड के 10 वार्डों का कूड़ा लेकर गाड़ियां यहां आएंगी, जिस वजह से इससे महज 20 फीट दूर बने सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल के बच्चों को दुर्गंध का सामना करना होगा। हनुमान मंदिर पर लोगों की भीड़ हमेशा रहती है, मंदिर से कचरा स्टेशन की दूरी महज 40 फीट है। ऐसे में इसे तत्काल हटाया जाए।
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निर्माण भी घटिया, हल्की उपयोग की सरिया
फिक्स्ड कॉम्पेक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) की बीते पखवाड़े के निरीक्षण की रिपोर्ट में इसका निर्माण घटिया पाया गया है। नगर आयुक्त ने पर्यावरण अभियंता के साथ निरीक्षण किया था, जिसमें कॉलम एवं बीम में कार्य की गुणवत्ता का स्तर खराब पाया गया। अलाइनमेंट भी नहीं मिला और कॉलम में इस्तेमाल की गई सरिया भी मानक के मुताबिक नहीं निकली। 20 मिमी. की जगह 16 मिमी. की सरिया का इस्तेमाल किया गया। इस पिलर को तोड़कर यह जांच कराई गई थी। यहां इस्तेमाल की गईं ईंटे भी खराब पाई गई थीं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत इस ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण करा रहे हैं। स्कूल और मंदिर यहां से दूर हैं। कुछ लोग बेवजह तूल दे रहे हैं। इसके बनने से कूड़ा ले जाने के लिए छोटे वाहन प्रयोग नहीं होंगे। कूड़ा कॉम्पेक्ट होकर बड़े वाहन से जाएगा। इससे डीजल बचेगा। -पंकज भूषण, पर्यावरण अभियंता