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Agra: एक लाख उपभोक्ता गृह कर तो ढाई लाख नहीं भर रहे सीवर टैक्स, जनसुविधाओं के नाम पर 850 करोड़ खर्च

Wed, 29 Mar 2023 09:05 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Wed, 29 Mar 2023 09:05 PM IST
सार

आगरा शहर में एक लाख उपभोक्ता गृह कर तो ढाई लाख सीवर टैक्स नहीं भर रहे हैं। 4.50 लाख उपभोक्ता बिजली का बिल तो भर रहे हैं। लेकिन एक लाख संपत्तियों का हाउस टैक्स नहीं भरा जाता है। स्मार्ट सिटी में जनसुविधाओं के नाम पर 850 करोड़ खर्च हो गए हैं।

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One lakh consumers are not paying house tax and two and fifty lakh sewer tax in Agra
सीवर व जल टैक्स - फोटो : i stock

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में 4.50 लाख उपभोक्ता बिजली का बिल तो भर रहे हैं। लेकिन, एक लाख संपत्तियों का हाउस टैक्स नहीं भरा जाता है। 2.50 लाख उपभोक्ता सीवर व जलकर नहीं देते। इन उपभोक्ताओं का रिकार्ड भी नगर निगम व जलकल विभाग के पास नहीं। ये हाल है स्मार्ट सिटी का। जहां जनसुविधाओं के नाम पर 850 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।

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नगर निगम में 100 वार्ड हैं, करीब 25 लाख आबादी है। पांच हजार गली, मोहल्ले और कॉलोनियां हैं। इनमें करीब पांच लाख निर्माण हैं। नियम है कि प्रत्येक संपत्ति का गृहकर, जलकर व सीवर कर निर्धारण होता है। लेकिन नगर निगम और जलकल विभाग के पास गृहकर व जलकर नहीं देने वाले उपभोक्ताओं का रिकार्ड ही नहीं है। 

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150 करोड़ रुपये होती है बिल की वसूली

बताते चलें कि जिनका रिकार्ड उपलब्ध है, उनसे 100% बकाया की वसूली नहीं हो रही। जबकि 12 साल पहले शहर की विद्युत वितरण व्यवस्था संभालने वाली फ्रैंचाइजी टोरंट पावर हर महीने 4.50 लाख उपभोक्ताओं से शहर में 150 करोड़ रुपये बिल वसूल रही है। वहीं, नगर निगम 3.50 लाख उपभोक्ताओं से साल में 100 करोड़ नहीं वसूल पा रहा। जलकल विभाग के 1.80 लाख उपभोक्ताओं पर भी 150 करोड़ रुपया बकाया है।

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विकास को नहीं बजट, एक अरब की चपत

नगर निगम की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं है। विकास कार्यों के लिए आत्मनिर्भर नहीं है। जिन एक लाख संपत्तियों का ब्योरा नहीं है यदि उनका निर्धारण होता तो 50 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता। इसी तरह 2.50 लाख उपभोक्ताओं से सीवर, जलकर के रूप में 50 करोड़ मिलते। इस लापरवाही से करीब एक अरब की चपत दोनों विभागों को लग रही है। इसका असर पेयजल, सीवर, सफाई व अन्य विकास कार्यों पर पड़ रहा है।

12 वर्ष में जोड़े दो लाख नए उपभोक्ता

वर्ष 2010 में टोरंट के पास 2.50 लाख विद्युत उपभोक्ता थे। जो अब 2022-23 में 4.50 लाख से अधिक हो गए हैं। पिछले 12 साल में जहां टोरंट ने दो लाख नए उपभोक्ता जोड़े हैं। वहीं नगर निगम और जलकल विभाग पिछले 10 से 12 साल में नए उपभोक्ताओं को नहीं जोड़ सका। जबकि शहर का लगातार विस्तार हो रहा है।

टोरंट से मांगा है डाटा

अपर नगरायुक्त वीके गुप्ता ने कहा कि नगर निगम के पास अभी 3.50 लाख हाउस टैक्स उपभोक्ता हैं। नया सर्वे कराया है, इसके बाद उपभोक्ता बढ़ जाएंगे। वहीं जलकल विभाग के सचिव वीबी सिंह ने कहा कि टोरंट पावर से डाटा मांगा है। करीब छह हजार नए उपभोक्ता जोड़े गए हैं। जहां सीवर लाइन बिछी हैं, वहां सीवर व जलकर का प्रावधान है।

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