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Agra News: रक्षाबंधन पर अब न दिखते झूले और न गूंजती हैं मल्हारें

Fri, 28 Aug 2026 02:00 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2026 02:00 AM IST
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On Raksha Bandhan, swings are no longer seen, nor do the strains of *Malhar* resound.
फोटो 4 खेरागढ़चूड़ियों ki दुकान पर चूड़ी, कंगन पहनती एवं खरीदारी करती महिलाएं,राखी की दुकान प
सैंया। कभी सावन के महीने में पेड़ों की टहनियों पर डाले गए झूले, युवतियों की किलकारियां और मल्हारों की मधुर गूंज से पूरा वातावरण रोमांचित हो उठता था, लेकिन वक्त के साथ यह प्राचीन परंपरा अब विलुप्त होती नजर आ रही है। आज के दौर में न तो बहनों का झूला झूलने में रुझान बचा है और न ही सावन के पारंपरिक गीतों की वह सुरीली धुन सुनाई देती है, जिससे सावन का महीना फीका और सूखा-सूखा सा लगने लगा है।
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सदियों से चली आ रही सावन की यह सांस्कृतिक प्रथा आज दम तोड़ती नजर आ रही है। क्षेत्र की बुजुर्ग मीना देवी बताती हैं कि उनके दौर में गांव-पड़ोस की सभी लड़कियां और बहनें एक जगह एकत्र होकर पेड़ों पर झूले डलवाती थीं। मिलकर सावन के गीत गाती थीं। आज वह परंपराएं पूरी तरह खत्म होती दिख रही हैं। 65 वर्षीय शीला देवी का कहना है कि सावन के पवित्र महीने में आसपास की सभी बहनें अपनी ससुराल से मायके आकर जुटती थीं। झूले के दौरान सभी मिलकर एक स्वर में मल्हार गाती थीं, जिससे पूरा माहौल उत्सवमय हो जाता था। आज आधुनिकता की दौड़ में लोक संस्कृति की वह पुरानी खुशबू और मेल-मिलाप का वह दौर कहीं पीछे छूट गया है, जिसे ग्रामीण अंचल के लोग आज भी शिद्दत से याद करते हैं।
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सूती धागों की धार्मिक राखियों का क्रेज बरकरार
खेरागढ़। रक्षा बंधन पर्व से पूर्व बृहस्पतिवार को बाजारों में दिनभर रौनक बनी रही। राखी, मिठाई, चूड़ी और खिलौनों, श्रृंगार की दुकानों पर महिलाओं और युवतियों की भारी भीड़ देखने को मिली। बहनों ने भाइयों के लिए रंग-बिरंगी आकर्षक राखियां और मिठाइयों की खरीदारी की। बाजार में इस बार सूती पीले और लाल धागों में तुलसी, रुद्राक्ष तथा मोती पिरोकर बनाई गई पारंपरिक राखियों की सबसे अधिक मांग रही। दुकानदारों के अनुसार ग्राहकों ने सादगी और धार्मिक महत्व वाली राखियों को विशेष पसंद किया। वहीं कस्बे में करीब आधा सैकड़ा दुकानों पर सूखा, मलाईदार और कम मीठा घेवर खूब खरीदा गया।
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किरावली में बाजार गुलजार
किरावली। रक्षाबंधन के लिए कस्बा किरावली का बाजार राखियों और घेवर की दुकानों से सज गया है। बहनें भाइयों के लिए राखी और घेवर की खरीदारी कर मायके जाने लगी हैं। बाजार में खरीदारी के चलते बाईपास चौराहे और आसपास के मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। जाम की स्थिति से निपटने के लिए सहायक पुलिस आयुक्त अछनेरा शैलेंद्र कुमार सिंह ने पुलिस टीम के साथ बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े छह बजे बाईपास चौराहे पर यातायात व्यवस्था संभाली। पुलिसकर्मियों ने वाहनों को व्यवस्थित तरीके से निकलवाया।

मिठाई की दुकानों पर खाद्य विभाग ने की जांच
पिनाहट। रक्षाबंधन पर्व को लेकर खाद्य विभाग ने बृहस्पतिवार को कस्बे के बाजार में मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश कुमार ने दुकानों पर पहुंचकर मिठाइयों की गुणवत्ता और साफ-सफाई की व्यवस्था जांची। उन्होंने दुकानदारों को मिठाइयों को ढंककर रखने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी।


पिनाहट पुलिस ने संभाली यातायात व्यवस्था

पिनाहट। रक्षाबंधन पर्व को लेकर बृहस्पतिवार को पिनाहट कस्बे के बाजार में महिलाओं ने राखी और अन्य सामान की जमकर खरीदारी की। सुबह से शाम तक बाजार में खरीदारों की भीड़ लगी रही। दुकानों पर राखी, मिठाई और उपहार की खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही बढ़ी रही। बाजार में भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। पुलिसकर्मियों ने यातायात व्यवस्था संभालते हुए लोगों से यातायात नियमों का पालन कराया। बाजार में पुलिसकर्मी लाउडस्पीकर से लोगों को जाम से बचने और वाहन निर्धारित स्थान पर खड़े करने के लिए लगातार अलाउंस करते नजर आए।
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