फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Old shoe covers are being sold at eastern and western gates of Taj Mahal in Agra

Agra: ताजमहल में बिक रहे पुराने शू कवर, फिसलकर गिर रहे पर्यटक; पूर्वी और पश्चिमी गेट पर चल रहा खेल

Wed, 11 Oct 2023 03:27 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Wed, 11 Oct 2023 03:27 PM IST
सार

आगरा में ताजमहल में पुराने शू कवर बेचे जा रहे है। यहां शू कवर खराब होने से फट जाते हैं। इससे पर्यटक फिसलकर गिर रहे हैं। पूर्वी और पश्चिमी गेट पर खेल चल रहा है।

विज्ञापन
Old shoe covers are being sold at eastern and western gates of Taj Mahal in Agra
Agra: ताजमहल में बिक रहे पुराने शू कवर, फिसलकर गिर रहे पर्यटक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित ताजमहल में मुख्य गुंबद पर जाने के लिए देसी-विदेशी पर्यटकों को पुराने शू कवर बेचे जा रहे हैं। तीन से चार रुपये कीमत वाले इन शू कवर के बदले 20 रुपये वसूले जा रहे हैं। शाही मस्जिद स्थित टिकट काउंटर से लेकर पूर्वी व पश्चिमी प्रवेश गेट तक पुराने शू कवर की अवैध बिक्री का खेल चल रहा है।

विज्ञापन


पुराने शू कवर पर्यटकों के लिए जोखिम का सबब बन रहे हैं। इन्हें पहन कर पत्थर व सीढ़ियों से पर्यटक फिसल रहे हैं। पत्थर व सीढ़ियां घिस चुकी हैं। एक बार पहनने के बाद एप्रिन के शू कवर खराब हो जाते हैं। इन्हें फेंक दिया जाता है, लेकिन फेंके गए पुराने शू कवर का दोबारा इस्तेमाल हो रहा है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ेंः- मैनपुरी पहुंची सांसद डिंपल यादव: सुनीं जन समस्याएं, आकाशीय बिजली गिरने से मृतकों के परिजन को दी सहायता राशि

विज्ञापन
विज्ञापन

पुराने शू कवर पर्यटकों को बेचे जा रहे हैं। ताजमहल आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए शू कवर निशुल्क हैं। वेलकम किट में विदेशी पर्यटकों को शू कवर के साथ पानी की बोतल व बैग भी दिया जाता है। पथकर समिति ने इस वेलकम किट के लिए इस वर्ष करीब दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

आगरा विकास प्राधिकरण ने पूर्वी व पश्चिमी गेट पर वेलकम किट वितरण प्वाइंट बना रखा है। जहां पर्यटकों को शू कवर व पानी की बोतल तो मिलती है, लेकिन बैग नहीं मिलते। वितरण प्वाइंट के आसपास लपके पुराने शू कवर बेचते हैं। शिल्पग्राम से लेकर पूर्वी गेट व पश्चिमी गेट टिकट विंडो पर धड़ल्ले से पुराने शू कवर की बिक्री हो रही है। 

यह भी पढ़ेंः- मथुरा पहुंचे सीएम योगी: श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर किए दर्शन, गोल्फ कार्ट को दिखाई हरी झंडी, यहां पढ़ें पूरा अपडेट

स्मारक के अंदर मुख्य गुंबद पर जाने के लिए भारतीय पर्यटकों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) शू कवर उपलब्ध कराता है। एएसआई के पास दो तरह के शू कवर हैं। एक कपड़े के बने शू कवर जिन्हें चार से पांच बार पहना जा सकता है। जबकि दूसरे एप्रिन के शू कवर हैं। जिन्हें सिर्फ एक बार पहना जा सकता है। घिसने के कारण एप्रिन के शू कवर दोबारा इस्तेमाल नहीं हो सकते। लेकिन, एएसआई कर्मचारी भी पुराने शू कवर बांट रहे हैं।

जल्द बदलेगे व्यवस्था

शू कवर मुफ्त हैं। बेचने की शिकायत नहीं मिली है। जल्द शू कवर की व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। इसे लेकर कई बिंदुओं पर विचार चल रहा है। - डॉ. राजकुमार पटेल, अधीक्षण पुरातत्वविद, एएसआई

ठेकेदार होगा जिम्मेदार

वेलकम किट में शू कवर, बोतल व बैग तीनों निशुल्क हैं। बैग नहीं बांटने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। जांच में गड़बड़ी मिलने पर ठेकेदार जिम्मेदार होगा। - चर्चित गौड़, उपाध्यक्ष, आगरा विकास प्राधिकरण 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed