Agra: ताजमहल में बिक रहे पुराने शू कवर, फिसलकर गिर रहे पर्यटक; पूर्वी और पश्चिमी गेट पर चल रहा खेल
आगरा में ताजमहल में पुराने शू कवर बेचे जा रहे है। यहां शू कवर खराब होने से फट जाते हैं। इससे पर्यटक फिसलकर गिर रहे हैं। पूर्वी और पश्चिमी गेट पर खेल चल रहा है।
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उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित ताजमहल में मुख्य गुंबद पर जाने के लिए देसी-विदेशी पर्यटकों को पुराने शू कवर बेचे जा रहे हैं। तीन से चार रुपये कीमत वाले इन शू कवर के बदले 20 रुपये वसूले जा रहे हैं। शाही मस्जिद स्थित टिकट काउंटर से लेकर पूर्वी व पश्चिमी प्रवेश गेट तक पुराने शू कवर की अवैध बिक्री का खेल चल रहा है।
पुराने शू कवर पर्यटकों के लिए जोखिम का सबब बन रहे हैं। इन्हें पहन कर पत्थर व सीढ़ियों से पर्यटक फिसल रहे हैं। पत्थर व सीढ़ियां घिस चुकी हैं। एक बार पहनने के बाद एप्रिन के शू कवर खराब हो जाते हैं। इन्हें फेंक दिया जाता है, लेकिन फेंके गए पुराने शू कवर का दोबारा इस्तेमाल हो रहा है।
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पुराने शू कवर पर्यटकों को बेचे जा रहे हैं। ताजमहल आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए शू कवर निशुल्क हैं। वेलकम किट में विदेशी पर्यटकों को शू कवर के साथ पानी की बोतल व बैग भी दिया जाता है। पथकर समिति ने इस वेलकम किट के लिए इस वर्ष करीब दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
आगरा विकास प्राधिकरण ने पूर्वी व पश्चिमी गेट पर वेलकम किट वितरण प्वाइंट बना रखा है। जहां पर्यटकों को शू कवर व पानी की बोतल तो मिलती है, लेकिन बैग नहीं मिलते। वितरण प्वाइंट के आसपास लपके पुराने शू कवर बेचते हैं। शिल्पग्राम से लेकर पूर्वी गेट व पश्चिमी गेट टिकट विंडो पर धड़ल्ले से पुराने शू कवर की बिक्री हो रही है।
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स्मारक के अंदर मुख्य गुंबद पर जाने के लिए भारतीय पर्यटकों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) शू कवर उपलब्ध कराता है। एएसआई के पास दो तरह के शू कवर हैं। एक कपड़े के बने शू कवर जिन्हें चार से पांच बार पहना जा सकता है। जबकि दूसरे एप्रिन के शू कवर हैं। जिन्हें सिर्फ एक बार पहना जा सकता है। घिसने के कारण एप्रिन के शू कवर दोबारा इस्तेमाल नहीं हो सकते। लेकिन, एएसआई कर्मचारी भी पुराने शू कवर बांट रहे हैं।
जल्द बदलेगे व्यवस्था
शू कवर मुफ्त हैं। बेचने की शिकायत नहीं मिली है। जल्द शू कवर की व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। इसे लेकर कई बिंदुओं पर विचार चल रहा है। - डॉ. राजकुमार पटेल, अधीक्षण पुरातत्वविद, एएसआई
ठेकेदार होगा जिम्मेदार
वेलकम किट में शू कवर, बोतल व बैग तीनों निशुल्क हैं। बैग नहीं बांटने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। जांच में गड़बड़ी मिलने पर ठेकेदार जिम्मेदार होगा। - चर्चित गौड़, उपाध्यक्ष, आगरा विकास प्राधिकरण