{"_id":"61549e718ebc3e0b4b4c95a2","slug":"old-rate-of-gst-should-be-applicable-on-brick-kilns-coal-received-at-government-rate-agra-news-agr5094953142","type":"story","status":"publish","title_hn":"'ईंट भट्ठों पर जीएसटी की पुरानी दर लागू हो लागू,सरकारी दर पर मिले कोयला'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'ईंट भट्ठों पर जीएसटी की पुरानी दर लागू हो लागू,सरकारी दर पर मिले कोयला'
विज्ञापन
रफ़रोजाबाद ! वार्ता के दौरान जानकारी देते जनपद ईट निर्माता समिति के पदाधिकारी
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। जनपद ईंट निर्माता समिति जिलाध्यक्ष बीएस यादव संत ने कहा केंद्र सरकार ने जीएसटी काउंसिल की 17 सितंबर को आहूत बैठक में ईंट भट्ठों पर लगने वाले जीएसटी की दर को एक प्रतिशत से बढ़ाकर छह प्रतिशत कर दिया है। इसके साथ ही कोयले की दर दस हजार रुपये प्रति मीट्रिक टन से दोगुनी कर दी गई। कोयले और जीएसटी की नई दरों को लागू किए जाने से कुटीर उद्योग बर्बाद होगा। इसे बचाने को जीएसटी की पुरानी दरें लागू करने के साथ कोयला सरकारी दर पर मुहैया कराया जाए। यह बात उन्होंने क्लब चौराहा स्थित होटल में पत्रकार वार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि ईंट भट्ठा एक मौसमी उद्यम रोजगारपरक श्रम आधारित उद्योग है। इसकी संख्या उत्तर प्रदेश में बीस हजार है। इसमें लाखों श्रमिकों का हित समायोजित है। जिले में 130 भट्ठे संचालित है। इस कुटीर उद्योग को विभिन्न हथकंडों से बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है। एमओईएफ का आदेश हुआ है कि दो हजार वर्गमीटर से ज्यादा मकानों पर लाल ईंट का प्रयोग नहीं होगा। हालांकि अंग्रेजी शासन में बने पुल के निर्माण में लाल ईंट का प्रयोग होता था।
उन्होंने कहा कि जीएसटी की मार एवं कोयले की महंगाई से यह उद्योग पूरी तरह से टूट जाएगा। गरीबों के लिए छत बनवा पाना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण समिति के मानकों को पूरा करने के बाद भी ताज ट्रिपेजियम जोन के नाम पर ईंट भट्ठा स्वामियों का उत्पीड़न किया जाता है। प्रमोद यादव, डॉ. धीरेंद्र जैन, जितेंद्र जैन, डॉ. प्रेम सिंह यादव, जितेंद्र सिंह यादव, अतुल यादव, मनोज यादव, शंभू यादव, पंकज यादव, संचित यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ईंट भट्ठा एक मौसमी उद्यम रोजगारपरक श्रम आधारित उद्योग है। इसकी संख्या उत्तर प्रदेश में बीस हजार है। इसमें लाखों श्रमिकों का हित समायोजित है। जिले में 130 भट्ठे संचालित है। इस कुटीर उद्योग को विभिन्न हथकंडों से बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है। एमओईएफ का आदेश हुआ है कि दो हजार वर्गमीटर से ज्यादा मकानों पर लाल ईंट का प्रयोग नहीं होगा। हालांकि अंग्रेजी शासन में बने पुल के निर्माण में लाल ईंट का प्रयोग होता था।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जीएसटी की मार एवं कोयले की महंगाई से यह उद्योग पूरी तरह से टूट जाएगा। गरीबों के लिए छत बनवा पाना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण समिति के मानकों को पूरा करने के बाद भी ताज ट्रिपेजियम जोन के नाम पर ईंट भट्ठा स्वामियों का उत्पीड़न किया जाता है। प्रमोद यादव, डॉ. धीरेंद्र जैन, जितेंद्र जैन, डॉ. प्रेम सिंह यादव, जितेंद्र सिंह यादव, अतुल यादव, मनोज यादव, शंभू यादव, पंकज यादव, संचित यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन