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Agra News: ऑनलाइन टैक्स के खेल में फंसे थे अधिकारी-कर्मचारी
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आगरा। ओवरलोड वाहनों से वसूली कर पास कराने में लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर के एआरटीओ (प्रवर्तन) को निलंबित किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। आगरा में भी आरटीओ-वाणिज्य कर के अधिकारी ऑनलाइन टैक्स के खेल में फंस चुके हैं।
राजस्थान से अवैध खनन की ओवरलोड बालू-पत्थर से भरे वाहनों के परिवहन के केस में 10 अफसर व कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट की संस्तुति की गई थी। इसमें अभी शासन में प्रक्रिया चल रही है। यह मामला काफी चर्चा में रहा था। ऑनलाइन टैक्स के नाम पर वाहनों से वसूली की जाती थी। इससे राजस्व को हानि पहुंचाई जा रही थी।
मामला 17 सितंबर 2020 को पकड़ा गया था। राजस्थान के धाैलपुर से बड़ी संख्या में आए ओवरलोड वाहनों को फर्जी रसीद दी जाती थीं। ऑनलाइन टैक्स के नाम पर फर्जीवाड़ा होता था। विजिलेंस में इसकी शिकायत की गई। राजस्थान से अवैध खनन कराकर वाहनों में भरकर बिना रायल्टी, कागजात के आगरा की सीमा में लाया जा रहा था।
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सैंया टोल प्लाजा पर अवैध रूप से स्थापित आरटीओ कार्यालय पर माल के कागजात, बिल, बिल्टी को फर्जी तरीके से तैयार किया जाता था। इन कागजों को आरटीओ और वाणिज्य कर में प्रस्तुत कर प्रवेश करा दिया जाता था। शिकायत पर कार्रवाई में पुलिस टीम ने 11 को माैके से गिरफ्तार किया था। मामले में विजिलेंस में उपाधीक्षक कृष्ण मुरारी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
विवेचना में सामने आया था कि अधिकारी अपने कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर कर रहे हैं। संलिप्तता की बात सामने आई थी। इस पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, आपराधिक साजिश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 का दोषी माना गया। इस मामले में शासन स्तर पर अक्तूबर 2025 में चार्जशीट दाखिल करने की संस्तुति की गई थी। एसपी विजिलेंस आलोक शर्मा ने बताया कि शासन में प्रक्रिया चल रही है।
अवैध खनन के वाहनों ने बदला रास्ता
ऑनलाइन आरटीओ टैक्स का खेल पकड़े जाने के बाद सैंया टोल पर सख्ती की गई थी। वाहनों की धरपकड़ की गई। मगर अवैध खनन के वाहनों के परिवहन नहीं रुक सका है। चालक वाहनों को दूसरे रास्तों से निकालकर ले जाते हैं। पुलिस कई बार कार्रवाई कर चुकी है। एक साल पहले सदर एसीपी के नेतृत्व में अभियान चलाया गया था। दर्जनों वाहनों को सीज किया गया। चालकों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई। आए दिन हादसों के बाद भी वाहनों के परिवहन पर पूरी तरह से रोक नहीं लगी है।
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राजस्थान से अवैध खनन की ओवरलोड बालू-पत्थर से भरे वाहनों के परिवहन के केस में 10 अफसर व कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट की संस्तुति की गई थी। इसमें अभी शासन में प्रक्रिया चल रही है। यह मामला काफी चर्चा में रहा था। ऑनलाइन टैक्स के नाम पर वाहनों से वसूली की जाती थी। इससे राजस्व को हानि पहुंचाई जा रही थी।
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मामला 17 सितंबर 2020 को पकड़ा गया था। राजस्थान के धाैलपुर से बड़ी संख्या में आए ओवरलोड वाहनों को फर्जी रसीद दी जाती थीं। ऑनलाइन टैक्स के नाम पर फर्जीवाड़ा होता था। विजिलेंस में इसकी शिकायत की गई। राजस्थान से अवैध खनन कराकर वाहनों में भरकर बिना रायल्टी, कागजात के आगरा की सीमा में लाया जा रहा था।
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सैंया टोल प्लाजा पर अवैध रूप से स्थापित आरटीओ कार्यालय पर माल के कागजात, बिल, बिल्टी को फर्जी तरीके से तैयार किया जाता था। इन कागजों को आरटीओ और वाणिज्य कर में प्रस्तुत कर प्रवेश करा दिया जाता था। शिकायत पर कार्रवाई में पुलिस टीम ने 11 को माैके से गिरफ्तार किया था। मामले में विजिलेंस में उपाधीक्षक कृष्ण मुरारी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
विवेचना में सामने आया था कि अधिकारी अपने कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर कर रहे हैं। संलिप्तता की बात सामने आई थी। इस पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, आपराधिक साजिश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 का दोषी माना गया। इस मामले में शासन स्तर पर अक्तूबर 2025 में चार्जशीट दाखिल करने की संस्तुति की गई थी। एसपी विजिलेंस आलोक शर्मा ने बताया कि शासन में प्रक्रिया चल रही है।
अवैध खनन के वाहनों ने बदला रास्ता
ऑनलाइन आरटीओ टैक्स का खेल पकड़े जाने के बाद सैंया टोल पर सख्ती की गई थी। वाहनों की धरपकड़ की गई। मगर अवैध खनन के वाहनों के परिवहन नहीं रुक सका है। चालक वाहनों को दूसरे रास्तों से निकालकर ले जाते हैं। पुलिस कई बार कार्रवाई कर चुकी है। एक साल पहले सदर एसीपी के नेतृत्व में अभियान चलाया गया था। दर्जनों वाहनों को सीज किया गया। चालकों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई। आए दिन हादसों के बाद भी वाहनों के परिवहन पर पूरी तरह से रोक नहीं लगी है।