बदलते मौसम में रखें सेहत का ख्याल: एसएन में बुखार-खांसी और गले में खराश के मरीज बढ़े
एसएन मेडिकल कॉलेज की ट्राएज ओपीडी में सप्ताह भर में मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। ज्यादातर को गले में खराश, खांसी और बुखार की शिकायतें हैं।
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की ट्राएज ओपीडी में बदले मौसम ने गले में खराश, जुकाम, खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ा दी है। बीते सात दिन में इनकी संख्या लगभग दोगुना है। इनकी स्क्रीनिंग कर 10 से 15 मरीजों की कोरोना वायरस की भी जांच कर रहे हैं, लेकिन वायरल इन्फेक्शन ही मिल रहा है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि ट्राएज ओपीडी में खांसी, गले में खराश होना, जुकाम, सिर दर्द की परेशानी के औसतन रोजाना 40 से 50 मरीज आ रहे हैं।
बीते पांच-सात दिन से मरीजों की संख्या बढ़ी है, तब रोजाना 20 से 30 मरीज ही ट्राएज ओपीडी में आ रहे थे। इनमें स्क्रीनिंग कराने के बाद एहतियातन कोरोना की जांच भी करा रहे हैं, लेकिन राहत की बात है कि इनमें वायरल इन्फेक्शन ही मिला है। दवा देने के साथ सावधानी के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
ओपीडी में हर तीसरे बच्चे में जुकाम-खांसी, बुखार: डॉ. अरुण जैन
इंडियन पीडियाट्रिक्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. अरुण जैन ने बताया कि बरसात में वायरल फीवर के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। ओपीडी में हर तीसरे मरीज में तेज बुखार, जुकाम, खांसी, की परेशानी मिल रही है। पीलिया भी मिल रहा है, इसकी वजह दूषित पानी और भोजन हैं। अभिभावकों को साफ-सफाई बरतने की भी सीख दे रहे हैं।
मच्छरों की मार, खुजली-दाने पड़े, डेंगू-मलेरिया का खतरा
बारिश में जलभराव होने से मच्छरों से बुरा हाल है। पानी में मच्छर पनप रहे हैं, जो लोगों को काट रहे हैं। इससे खुजली, दाने हो रहे हैं। डेंगू-मलेरिया का खतरा भी बढ़ गया है। एक सप्ताह में करीब 1200 लोगों के नमूने लेकर मलेरिया की जांच कराने को भेजा है।
जिला मलेरिया अधिकारी आरके दीक्षित ने बताया कि आसपास जलभराव न होने दें, अगर पानी भरा है तो उसमें केरोसिन की कुछ बूंदें छिड़क दें। पूरे बाजू के कपड़े पहनकर सोएं। कूलर की टंकी से पानी खाली कर दें।
- तापमान कम होने पर एसी और कूलर में सोने से बचें।
- बाजार का खाना न खाएं, बासी भोजन से भी बचें।
- गुनगुना पानी पीएं, काढ़ा भी पी सकते हैं।
- हाथों को साफ करने के बाद ही बच्चों को भोजन करने दें।
- ठंडा पानी न पीएं, रेफ्रिजरेटर में रखी सामग्री न खाएं