फतेहाबाद। सोमवार को निषाद पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम स्वाति शर्मा को चार सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने 31 अगस्त को विमुक्ति दिवस के रूप में मनाए जाने का उल्लेख करते हुए निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों को एक समान श्रेणी में शामिल करने की मांग की।
ज्ञापन देते हुए बताया कि केवट, मल्लाह, निषाद, बिंद, मांझवार, कश्यप, तुरेहा, माछी और रैकवार आदि जातियों को जनगणना में एक समान पहचान देने और उन्हें मांझवार व तुरेहा के कॉलम में दर्ज कर डीटी (विमुक्त जनजाति) का उल्लेख करने की मांग की गई। इसके साथ ही सभी पर्यायवाची जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने, शिक्षा, नौकरी व राजनीति में आरक्षण के साथ पेंशन की सुविधा देने की मांग रखी गई। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में शहीद निषाद वंश के लोगों के गांवों को आदर्श शहीद गांव घोषित कर परिवारों को सम्मान देने की मांग भी की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि 31 अगस्त 1952 को क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट निरस्त होने के बाद इन समुदायों को विमुक्त जनजाति घोषित किया गया था।ज्ञापन देने वालों में मनोज निषाद, रामनरेश निषाद, डालचंद निषाद, मनीष निषाद आदि मौजूद रहे। संवाद