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निमोनिया से एक और बालिका ने तोड़ा दम
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जिला अस्पताल में दवा काउंटर पर लगी मरीजों की लाइन
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। जिले में निमोनिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सोमवार को जिला अस्पताल में निमोनिया से पीड़ित एक और बालिका की मौत हो गई। 11 अन्य बच्चों को निमोनिया होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सोमवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। निमोनिया, अस्थमा तथा कोल्ड डायरिया से पीड़ित मरीजों ने जिला अस्पताल पहुंचकर उपचार लिया। निमोनिया से पीड़ित होने पर 11 बच्चों को भर्ती कराया गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव परमकुटी निवासी हृदेश कुमार की तीन माह की पुत्री छबि को पिछले कुछ दिनों से निमोनिया से पीड़ित था। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे।
यहां उपचार के दौरान जब हालत बिगड़ी तो उसे परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ने पर सीएमएस डॉ. आरके सागर ने बालरोग वार्ड के स्टाफ को सतर्क कर दिया गया।
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निमोनिया से बचाव के लिए बरतें सावधानी
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक दुबे का कहना है कि सर्दी के मौसम में निमोनिया हावी हो जाता है। ऐसे में बच्चों की जान भी जा सकती है। निमोनिया से बचाव के लिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं। उनका सर्द हवाओं से बचाव रखें। नंगे पैर न घूमने दें। जरा भी दिक्कत होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार दिलाएं।
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सोमवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। निमोनिया, अस्थमा तथा कोल्ड डायरिया से पीड़ित मरीजों ने जिला अस्पताल पहुंचकर उपचार लिया। निमोनिया से पीड़ित होने पर 11 बच्चों को भर्ती कराया गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव परमकुटी निवासी हृदेश कुमार की तीन माह की पुत्री छबि को पिछले कुछ दिनों से निमोनिया से पीड़ित था। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे।
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यहां उपचार के दौरान जब हालत बिगड़ी तो उसे परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ने पर सीएमएस डॉ. आरके सागर ने बालरोग वार्ड के स्टाफ को सतर्क कर दिया गया।
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निमोनिया से बचाव के लिए बरतें सावधानी
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक दुबे का कहना है कि सर्दी के मौसम में निमोनिया हावी हो जाता है। ऐसे में बच्चों की जान भी जा सकती है। निमोनिया से बचाव के लिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं। उनका सर्द हवाओं से बचाव रखें। नंगे पैर न घूमने दें। जरा भी दिक्कत होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार दिलाएं।