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UP: जानें क्या है ATMS सिस्टम, जिसे हाईवे पर किया जा रहा लागू, कैसे करेगा काम...कम हों जाएंगे रोड एक्सीडेंट
Mon, 07 Apr 2025 09:11 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 07 Apr 2025 09:11 AM IST
सार
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया हाईवे पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) को लागू करने जा रहा है। इस सिस्टम के लागू होने के बाद हादसों में मरने वालों की संख्या में कमी आएगी। बंगलूरू-मैसूर एक्सप्रेसवे पर इसका प्रयोग सफल रहा है।
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आगरा-दिल्ली नेशनल हाईवे पर जाम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हादसों और जाम से बचाने के लिए दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) से लेस होगा। इनको नियंत्रण कक्ष से जोड़ा जाएगा। किसी भी घटना पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की क्विक रिस्पांस टीम पहुंचेगी। डिस्प्ले स्क्रीन लगाई जाएंगी और उन पर जानकारी अपलोड होती रहेगी। यह काम 12-15 महीने में पूरा हो जाएगा।
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दिल्ली से आगरा (वाटर वर्क्स) तक हर एक किमी की दूरी पर एटीएमएस और डिस्प्ले स्क्रीन लगेंगी। थ्रीडी कैमरा एक किमी की दूरी तक सभी घटनाओं को कैद कर सकेगा। इनके लिए दिल्ली, फरीदाबाद, मथुरा और आगरा में नियंत्रण कक्ष बनेंगे। हाईवे पर सड़क हादसा, वाहन खराब होने समेत अन्य वजह से जाम लगने जैसी स्थितियों पर कैमरे के जरिए नियंत्रण कक्ष में जानकारी हो जाएगी। हाईवे के सभी डिस्प्ले स्क्रीन पर यह जानकारी अपलोड हो जाएगी। तत्काल क्विक रिस्पांस टीम पहुंचेगी। हादसा होने पर एंबुलेंस भी पहुंचेगी, जिससे घायलों को तत्काल उपचार के लिए भेजा जा सके।
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नियंत्रण कक्ष से यातायात पुलिस समेत अन्य जरूरी विभागों से भी संपर्क कर मौके पर मदद पहुंचाई जा सकेगी। हाईवे से कितने वाहन गुजरे, कितनी गति है इसका भी पता चल जाएगा। सड़कों की स्थिति का भी पता चल सकेगा। एनएचएआई के घटना प्रबंधक आवेश खान ने बताया कि एटीएमएस लगने से हाईवे का सफर बेहद सुगम हो जाएगा। नियंत्रण कक्ष से ये कनेक्ट होंगे, जिसकी हर पल की जानकारी मिल सकेगी। हादसों से बचाव होगा-जाम की भी जानकारी मिल सकेगी। दिल्ली से आगरा तक का कार्य 2026 तक पूरा हो जाएगा।
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ये मिलेंगी सुविधाएं
- यातायात बेहतर ढंग से संचालित होने के साथ सुरक्षित भी होगा।
- जाम की स्थिति कम होगी, जिससे समय और ईंधन बचेगा।
- घायलों को तत्काल पुलिस-चिकित्सकीय सुविधा मिल सकेगी।
- हाईवे की हर घटना और जानकारी नियंत्रण कक्ष में मिल सकेगी।
- मौसम, सड़कों पर गड्ढ़े समेत अन्य स्थिति का भी चलेगा पता।
- यातायात बेहतर ढंग से संचालित होने के साथ सुरक्षित भी होगा।
- जाम की स्थिति कम होगी, जिससे समय और ईंधन बचेगा।
- घायलों को तत्काल पुलिस-चिकित्सकीय सुविधा मिल सकेगी।
- हाईवे की हर घटना और जानकारी नियंत्रण कक्ष में मिल सकेगी।
- मौसम, सड़कों पर गड्ढ़े समेत अन्य स्थिति का भी चलेगा पता।