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कई राज्यों से आए शिक्षाविदों ने किया राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर मंथन
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मथुरा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आयोजित सेमीनार को संबोधित करते हुए डॉ. अशोक द्विवेदी।
- फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन (मथुरा)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019 विषयक पर श्रीबांकेबिहारी की नगरी में दो दिन तक कई प्रदेशों से आए शिक्षाविदों ने मंथन किया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में समावेशी शिक्षा की बात की गई, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव हो सके।
कल्याणं करोति द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय अध्ययन केंद्र केशव धाम के सभागार में आयोजित इस सेमिनार में डॉ. कौशल शर्मा डीएसएमएनआरयू लखनऊ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में समावेशी शिक्षा पर चर्चा को जरूरी बताया। डॉ. अशोक द्विवेदी ने कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति वर्तमान शिक्षा प्रणाली की कमियों को शिद्दत से दूर करने की कोशिश करती दिखती है। इनके अनुसार इसका मूलभूत लक्ष्य प्रत्येक नागरिक के जीवन को स्पर्श करना है। सदस्य भारतीय पुनर्वास परिषद के सदस्य कमला कांत पांडेय ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य ही नहीं नींव भी होते हैं और नींव जितनी मजबूत होगी इमारत उतनी ही बुुलंद होगी। इसी सोच के आधार पर नई शिक्षा नीति की रूपरेखा तैयार की गई है।
इस मौके पर सीआरसी गोरखपुर से रमेश पांडेय, बनारस हिंदू विवि से डॉ. राघवेंद्र नारायण शर्मा ने कहा कि नई शिक्षा नीति द्वारा प्रोफेशनल स्किल्स के साथ तर्कशक्ति, आलोचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान का कौशल तथा सामाजिक एवं भावात्मक कौशल सिखाने को बढ़ावा देना है। इस दौरान बाबा बलरामदास, डॉ. वीरेंद्र मिश्र, डॉ. प्रीति जौहरी, डॉ. रोशन लाल, डॉ. गिरीश अग्रवाल, डॉ. अशोक जौहरी, डॉ. ललित मोहन शर्मा, अशोक द्विवेदी, ब्रजेश शर्मा आदि ने विचार व्यक्ति किए। सेमिनार के समापन अवसर पर कल्याणं करोति के महासचिव सुनील कुमार शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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कल्याणं करोति द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय अध्ययन केंद्र केशव धाम के सभागार में आयोजित इस सेमिनार में डॉ. कौशल शर्मा डीएसएमएनआरयू लखनऊ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में समावेशी शिक्षा पर चर्चा को जरूरी बताया। डॉ. अशोक द्विवेदी ने कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति वर्तमान शिक्षा प्रणाली की कमियों को शिद्दत से दूर करने की कोशिश करती दिखती है। इनके अनुसार इसका मूलभूत लक्ष्य प्रत्येक नागरिक के जीवन को स्पर्श करना है। सदस्य भारतीय पुनर्वास परिषद के सदस्य कमला कांत पांडेय ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य ही नहीं नींव भी होते हैं और नींव जितनी मजबूत होगी इमारत उतनी ही बुुलंद होगी। इसी सोच के आधार पर नई शिक्षा नीति की रूपरेखा तैयार की गई है।
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इस मौके पर सीआरसी गोरखपुर से रमेश पांडेय, बनारस हिंदू विवि से डॉ. राघवेंद्र नारायण शर्मा ने कहा कि नई शिक्षा नीति द्वारा प्रोफेशनल स्किल्स के साथ तर्कशक्ति, आलोचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान का कौशल तथा सामाजिक एवं भावात्मक कौशल सिखाने को बढ़ावा देना है। इस दौरान बाबा बलरामदास, डॉ. वीरेंद्र मिश्र, डॉ. प्रीति जौहरी, डॉ. रोशन लाल, डॉ. गिरीश अग्रवाल, डॉ. अशोक जौहरी, डॉ. ललित मोहन शर्मा, अशोक द्विवेदी, ब्रजेश शर्मा आदि ने विचार व्यक्ति किए। सेमिनार के समापन अवसर पर कल्याणं करोति के महासचिव सुनील कुमार शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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