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यूपी: 500 रुपये रोज पर वेटर बना राष्ट्रीय खिलाड़ी, मुंबई में ऐसे बिताया एक महीना; किशोर न्यायालय में होगा पेश

Mon, 07 Sep 2026 09:49 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 07 Sep 2026 09:49 AM IST
सार

एकलव्य स्टेडियम के हॉस्टल से लापता राष्ट्रीय टेबल टेनिस खिलाड़ी वंश को पुलिस ने मुंबई की मलिन बस्ती से खोज निकाला। परिजनों की डांट के डर से वह एक महीने तक 500 रुपये रोज की मजदूरी पर वेटर और कैटरिंग हेल्पर का काम करता रहा।

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National Table Tennis Player Worked as a Waiter for Rs 500 a Day in Mumbai, Stayed Away from Home for a Month
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा के एकलव्य स्टेडियम के हॉस्टल में निरीक्षण के दौरान सिगरेट का पैकेट मिलने पर आरएसओ और परिजन की डांट के डर से भागे राष्ट्रीय टेबल टेनिस खिलाड़ी वंश को पुलिस सोमवार को किशोर बोर्ड न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी। दर्ज गुमशुदगी के मामले में न्यायालय के समक्ष दिए बयान के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। शनिवार रात उसे बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) भेजा गया था। पुलिस खिलाड़ी को मुंबई के माटुंगा क्षेत्र की एक मलिन बस्ती से खोजकर लाई है।
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शाहगंज के नगला छउआ निवासी वंश टेबल टेनिस के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं। वह एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम के हॉस्टल में रह रहे थे। 31 जुलाई की सुबह पांच बजे के करीब वह हॉस्टल से कहीं चले गए थे। पिता शैलेष ने आरएसओ, कोच और वार्डन समेत अन्य पर बेटे को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने अपनी तरफ से गुमशुदगी दर्ज की थी।
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सीसीटीवी में वंश अकेले कैंट स्टेशन जाते दिखे थे। वहां से हरिद्वार की ट्रेन में बैठने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुलिस को उनका पता नहीं चल रहा था। पुलिस एक माह से उनकी तलाश कर रही थी। सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग से उसके मुंबई की ओर जाने का अंदेशा हुआ। पुलिस जांच कर रही थी कि एक परिचित को वंश ने इंस्टाग्राम पर संदेश भेज दिया।
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डीसीपी सिटी ने बताया कि सदर थाने से दरोगा रिक्की पौनिया को टीम के साथ मुंबई भेजा गया। टीम ने माटुंगा क्षेत्र के लेबर चौक के निकट मलिन बस्ती से वंश को खोज निकाला। वंश वहां एक ठेकेदार के पास मजदूरी कर रहा था। ठेकेदार उसे 500 रुपये रोजाना की मजदूरी पर वेटर, कैटरिंग हेल्पर समेत अन्य काम करवाता था। मजदूरी में से 200 रुपये ठेकेदार को देने होते थे। खोली में रहने के अन्य साथियों को 50 रुपये और खाने के लिए 50 रुपये देने पड़ते थे। पूछताछ में वंश ने बताया कि खोली में साथ रहने वाले युवक के मोबाइल से वह इंस्टाग्राम पर परिचित की प्रोफाइल देख रहा था। उसे सारी जानकारी मिल रही थी पर उसे डर था कि वापस आने पर परिजन उसे डांटेंगे।

पिता बोले-बुरा सपना समझकर भूल जा बेटा
वंश के पिता शैलेष सिंह ने बताया कि बेटा इतने दिनों में काफी परेशान रहा था। उससे मिलने पर उन्होंने उसे कुछ नहीं कहा। गले लगकर रोने के बाद उसे समझाया कि वह सभी बातों को एक बुरा सपना समझकर भूल जा। अपने कॅरिअर पर ध्यान दे और देश का नाम अपने खेल के जरिए रौशन करे।


डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि लापता खिलाड़ी को मुंबई से तलाशकर लाया गया है। उसे सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सोमवार को किशोर बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। न्यायालय के समक्ष दिए बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।- , 

 
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