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भाई के दोस्त पर हत्या का शक, पुलिस करने में लगी पूछताछ
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21एमएनपी-31-भोगांव के रसूलाबाद निवासी युवक की मौत के बाद घर में जमा लोग
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी/भोगांव। चौकीदार की हत्या के मामले में पुलिस का शक मृतक के भाई के दोस्त पर है। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। युवक वारदात के वक्त सीसीटीवी में भी नजर आया है। हालांकि पुलिस उससे दिनभर हुई पूछताछ को गोपनीय बनाए हुए है।
निजाम किराए पर ई-रिक्शा देता है, उसके पास कुल नौ ई-रिक्शा हैं। इनमें सात ई-रिक्शा गैराज में खड़े होते हैं। इनकी मरम्मत का कार्य भी यहीं होता है। मृतक मोहम्मद अख्तर अली ई-रिक्शा की मरम्मत के साथ ही चौकीदारी का काम करता था। वारदात के बाद पुलिस ने पास ही स्थित एक शिक्षक के मकान के सीसीटीवी फुटेज चेक किए तो वारदात को अंजाम देने वाले तीन युवक नजर आए। फुटेज में तीन युवक गैराज में जाते और फिर कुछ देर बात ई-रिक्शा लेकर निकलते नजर आए हैं। इनमें से एक युवक मृतक के भाई का दोस्त बताया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि उक्त युवक मृतक के भाई के साथ सोमवार शाम करीब सात बजे गैराज पर गया था। इसके बाद रात में ई-रिक्शा निकलते समय भी यह युवक गैराज से निकलता दिखाई दे रहा है। दिनभर पुलिस युवक से पूछताछ करती रही।
15 साल से कर रहा था काम
गैराज मालिक निजाम के यहां अख्तर पिछले 15 साल से काम कर रहा था। निजाम पहले बैटरी का काम करता था, उसके बाद उसने ई-रिक्शा खरीदकर उन्हें किराए पर चलवाने का काम शुरू कर दिया। अख्तर घर कम जाता था और बैटरी चार्ज करने के लिए गैराज की रखवाली के लिए रात में वहीं रुकता था।
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पत्नी नहीं रहती है साथ
परिजनों के अनुसार अख्तर की शादी करीब 22 वर्ष पूर्व हुई थी। करीब दस वर्ष से पत्नी अलग मायके में रह रही है। वह अपनी बीस वर्षीय पुत्री आयशा का निकाह कर चुका है। अख्तर से छोटे अन्य तीन भाई ई-रिक्शा चलाते हैं। बेटे की हत्या के बाद से मां जैबुन निशा का रो-रो कर बुरा हाल है।
फोरेंसिक टीम ने लिए फिंगर प्रिंट
वारदात स्थल का फोरेंसिक टीम ने निरीक्षण किया। हत्या से जुड़े सबूत एकत्रित करते हुए फोरेंसिक टीम ने कुछ फिंगर प्रिंट भी लिए हैं। इसके साथ ही इंस्पेक्टर पहुप सिंह भी टीम के साथ जांच कर रहे हैं।
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निजाम किराए पर ई-रिक्शा देता है, उसके पास कुल नौ ई-रिक्शा हैं। इनमें सात ई-रिक्शा गैराज में खड़े होते हैं। इनकी मरम्मत का कार्य भी यहीं होता है। मृतक मोहम्मद अख्तर अली ई-रिक्शा की मरम्मत के साथ ही चौकीदारी का काम करता था। वारदात के बाद पुलिस ने पास ही स्थित एक शिक्षक के मकान के सीसीटीवी फुटेज चेक किए तो वारदात को अंजाम देने वाले तीन युवक नजर आए। फुटेज में तीन युवक गैराज में जाते और फिर कुछ देर बात ई-रिक्शा लेकर निकलते नजर आए हैं। इनमें से एक युवक मृतक के भाई का दोस्त बताया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि उक्त युवक मृतक के भाई के साथ सोमवार शाम करीब सात बजे गैराज पर गया था। इसके बाद रात में ई-रिक्शा निकलते समय भी यह युवक गैराज से निकलता दिखाई दे रहा है। दिनभर पुलिस युवक से पूछताछ करती रही।
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15 साल से कर रहा था काम
गैराज मालिक निजाम के यहां अख्तर पिछले 15 साल से काम कर रहा था। निजाम पहले बैटरी का काम करता था, उसके बाद उसने ई-रिक्शा खरीदकर उन्हें किराए पर चलवाने का काम शुरू कर दिया। अख्तर घर कम जाता था और बैटरी चार्ज करने के लिए गैराज की रखवाली के लिए रात में वहीं रुकता था।
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पत्नी नहीं रहती है साथ
परिजनों के अनुसार अख्तर की शादी करीब 22 वर्ष पूर्व हुई थी। करीब दस वर्ष से पत्नी अलग मायके में रह रही है। वह अपनी बीस वर्षीय पुत्री आयशा का निकाह कर चुका है। अख्तर से छोटे अन्य तीन भाई ई-रिक्शा चलाते हैं। बेटे की हत्या के बाद से मां जैबुन निशा का रो-रो कर बुरा हाल है।
फोरेंसिक टीम ने लिए फिंगर प्रिंट
वारदात स्थल का फोरेंसिक टीम ने निरीक्षण किया। हत्या से जुड़े सबूत एकत्रित करते हुए फोरेंसिक टीम ने कुछ फिंगर प्रिंट भी लिए हैं। इसके साथ ही इंस्पेक्टर पहुप सिंह भी टीम के साथ जांच कर रहे हैं।