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एक साल से मवेशियों को नहीं लगा एफएमडी टीका, अब फैल रहा है रोग

Wed, 02 Mar 2022 11:57 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 02 Mar 2022 11:57 PM IST
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msd vaccination, negligence, one year
मैनपुरी। जिले में एक साल से मवेशियों को एफएमडी (फुट एंड माउथ डिजीज) का टीका नहीं लगा। वहीं इस बार भी अब टीकाकरण के बारे में अब तक स्थिति साफ नहीं हो सकी है। इसी बीच भोगांव तहसील क्षेत्र के कई गांवों में खुरपका और मुंहपका ने मवेशियों को चपेट में ले लिया है। लगातार इससे मवेशियों की मौत हो रही है। इससे पशुपालकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है, लेकिन अब तक इसे रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
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प्रत्येक वर्ष बारिश से पहले और सर्दियों से पहले पशुपालन विभाग द्वारा एफएमडीसीपी (फुट एंड माउथ डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम) चलाया जाता है। इसके तहत हर साल सात लाख से अधिक मवेशियों को टीके लगाए जाते थे। लेकिन बीते एक साल से वैक्सीन प्राप्त न होने के चलते टीकाकरण अभियान नहीं चला। इसी का नतीजा रहा कि अब मवेशियों में खुरपका और मुंहपका की बीमारी फैल गई है। भोगांव तहसील क्षेत्र के गांव हविलिया, म्योरा चक अब्दुल्लापुर, रतनपुर बरा, मौजेपुरा आदि में खुरपका और मुंहपका से आए दिन दुधारू पशुओं की मौत हो रही है। गांव हविलिया निवासी सुरेश की गाय, प्रदीप कुमार की एक भैंस और 20 बकरे, रघुवीर सिंह का कटड़ा समेत 30 पशुओं की खुरपका-मुंहपका से मौत हो चुकी है। ऐसा ही हाल अन्य गांवों का भी है।
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ग्रामीणों का कहना है कि लगातार ये रोग बढ़ता ही जा रहा है, लेकिन अब तक पशुपालन विभाग की ओर से कोई राहत नहीं दी गई है। पशुपालक परेशान हैं, कि आखिर करें भी तो वे क्या करें। निजी पशु चिकित्सकों से पशुओं का उपचार कराने में भी उन्हें आर्थिक क्षति हो रही है।
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पशुपालकों की बात
खुरपका और मुंहपका के चलते मेरी दो भैंसों की मौत हो गई। इससे इतना बड़ा नुकसान हुआ है कि साल भर भी इससे उबर पाना संभव नहीं होगा। सरकारी डॉक्टर उपचार करते तो शायद भैंसों की मौत न होती।
-मिचला देवी, हविलिया।
पूरे गांव में ही जैसे मवेशियों पर आफत टूट पड़ी है। पहले मेरी एक भैंस को मुंहपका हुआ फिर दूसरी को। निजी पशु चिकित्सक के उपचार के बाद भी दोनों की ही मौत हो गई। इससे हमें बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।
-नेमा देवी, हविलिया।
एक गाय को खुरपका और मुंहपका हो गया था। उपचार के बाद भी उसकी मौत हो गई है। वहीं, घर में मौजूद अन्य पशुओं को भी बीमारी ने घेर लिया है। अगर जल्द ही बेहतर उपचार न मिला तो उनकी भी मौत हो जाएगी।
- आशीष यादव, हविलिया।
पूरा गांव ही खुरपका और मुंहपका के चलते परेशान है। हर घर में पशु बीमार हैं, लेकिन उन्हें कोई राहत नहंी मिल पा रही है। मेरी एक भैंस की मौत हो गई है तो वहीं दूसरी की भी हालत खराब है। लेकिन प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है।

- चरन सिंह, हविलिया।
गांवों में भेजी जाएगी पशु चिकित्साधिकारियों की टीम
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बीपी सिंह ने जानकारी होने से अनभिज्ञता जताई। उन्होंने बताया कि गांवों में बीमार मवेशियों को उपचार देने के लिए पशु चिकित्साधिकारी जागीर डॉ. रणधीर और पशु चिकित्साधिकारी अघार डॉ. अनिरुद्ध कुमार को निर्देशित किया गया है। गांवों में टीम पहुंचकर बीमार पशुओं को उपचार देगी।
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