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कासगंज में दर्दनाक हादसा: मां को बचाने में चली गई गर्भवती बेटी की जान, ट्रेन की चपेट में आईं दोनों

Sat, 20 Nov 2021 12:26 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 20 Nov 2021 12:26 AM IST
सार

कासगंज के दरियावगंज रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार तड़के दर्दनाक हादसा हो गया। यहां ट्रेन से गिरने से मां-बेटी की मौत हो गई। उनकी मौत से परिवारों में कोहराम मच गया। 

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Mother and daughter died after falling from moving train in kasganj
मृतक राजेश्वरी और उनकी बेटी विमला के फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कासगंज के दरियावगंज रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह एक महिला ट्रेन चलने से गिर गई। उसे बचाने के लिए दौड़ उसकी गर्भवती बेटी भी पैर फिसलने से गिर गई। मां को बचाने के चक्कर में वह भी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में दोनों की मौत हो गई।

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गांव दिवरैया निवासी शिवराज सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी विमला गर्भवती थी। कुछ रोज पहले उसकी तबीयत खराब हो गई। इसकी सूचना पर सास राजेश्वरी दिवरैया आईं थी। शुक्रवार को वह विमला को दवा दिलाने अपने साथ लेकर जा रही थी। इसी दौरान हादसा हो गया। 
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प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब राजेश्वरी गिरी तो बेटी विमला की चीख निकल गई। वह दौड़कर उनके पास पहुंची। इस बीच वह भी गिर गई। जीआरपी ने उन्हें आनन फानन में अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन जान नहीं बच सकी। 

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दो बच्चे हो गए मां की ममता से वंचित
विमला देवी के दो बच्चे हैं। उनकी सबसे बड़ी बेटी मुस्कान (10) और बेटा लकी (7) है। मां की हादसे में मौत होने के बाद अब दोनों बच्चे मां की ममता से वंचित हो गए।

छह माह की गर्भवती थी विमला
ग्राम दिवरैया निवासी विमला देवी छह माह की गर्भवती थी। विमला की कोख में पलने वाला बच्चा भी मौत के आगोश में समा गया। स्टेशन पर मौजूद हर कोई गमगीन था।

मां-बेटी का नहीं हो सका पोस्टमार्टम
रेलवे स्टेशन पर सुबह करीब 5:30 बजे हादसा हुआ। करीब छह घंटे बाद शव सुबह 11 बजे तक पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। इसके बाद भी चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम नहीं किया। शाम 5 बजे जैसे ही ड़यूटी खत्म होने का समय हुआ चिकित्सक चले गए। इस कारण परिजनों को रात पोस्टमार्टम गृह पर ही बितानी पड़ी। 

इस संबंध में एसीएमओ एसपी सिंह ने कहा कि सामान्य तौर पर दिन में ही पोस्टमार्टम का प्रावधान है। विशेष परिस्थितियों में जब कानून व्यवस्था से जुड़ा कोई मसला होता है तभी  रात को पोस्टमार्टम किया जाता है। इसके  लिए  जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होती है।

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