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मच्छर सोने नहीं दे रहे... सिर में दर्द, दिनभर झल्लाहट
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आगरा। दिनभर के थके लोगों को रात में मच्छर सोने नहीं दे रहे। नतीजा... फिर दिनभर सिर दर्द और झल्लाहट। परेशानी बढ़ने पर ऐसे लोग मनोचिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। रोजाना करीब 10 से 15 मरीज मनोचिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। इनमें से पांच से आठ ऐसे हैं, जो कोरोना महामारी में मानसिक बीमार हुए और ठीक होने के बाद उनमें मर्ज की पुनरावृत्ति हो गई।
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 190 से 210 मरीज आ रहे हैं। इनमें से 10 से 15 मरीज ऐसे होते हैं जो मच्छरों की वजह से नींद पूरी नहीं हो पाने के कारण परेशान हैं। इन्होंने चिड़चिड़ापन, गुस्सा करना, तेज आवाज में बोलना, सिर में दर्द रहने की परेशानी बताई। इनमें भी पांच से आठ ऐसे मरीज रहे, जिनमें कोरोना महामारी के दौरान तनाव, अवसाद की परेशानी हुई थी। इलाज के बाद ठीक हुए हो गए, लेकिन कई दिनों से नींद पूरी नहीं होने से उनमें मर्ज की पुनरावृत्ति हो गई। बाकी के नए मरीज हैं, यह सभी कामकाजी लोग हैं। बीते 20 दिनों से मरीज ज्यादा आ रहे हैं। कई फोन पर भी परामर्श लेते हैं। लेकिन यह परेशानी अस्थायी है। दवा के साथ मच्छरों से बचाव, दिनचर्या में बदलाव से परेशानी ठीक भी हो रही है।
गहरी नींद न आने पर मानसिक परेशानियां
एसएन मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. केसी गुरनानी ने बताया कि गहरी नींद नहीं ले पाने के कारण मानसिक स्वास्थ्य गड़बड़ा जाता है। बीते 30 से 40 दिन में मच्छरों के काटने से लोग गहरी नींद नहीं ले पा रहे। जबकि अगले दिन ड्यूटी और काम का दबाव भी है। कई दिनों तक ऐसा होने से लोगों में भूख कम लगना, कामकाज से अरुचि, बात-बात पर गुस्सा करना, तेज आवाज में जवाब देने की समस्या हो रही हैं। उनकी ओपीडी में 10-12 ऐसे मरीज आ रहे हैं।
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केस एक
दयालबाग के 41 साल के व्यक्ति कोरोना महामारी में मानसिक बीमार हुए, इलाज के बाद ठीक भी हो गए। लेकिन बीते नौ दिन पहले यह दोबारा से डॉक्टरों के पास पहुंचे। मच्छरों के कारण इनको नींद पूरी नहीं होने से तनाव, घबराहट, झल्लाहट होने लगी। दोबारा डॉक्टर को दिखाया।
केस दो
- आवास विकास कॉलोनी में 32 साल के युवा फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता है। मच्छरों के कारण नींद पूरी नहीं होने और काम के दबाव से घर में छोटी बातों पर गुस्सा करना, बच्चों को भी डांटना, तेज आवाज में बोलने की परेशानी होने लगी। परिजनों ने डॉक्टर से परामर्श दिलाया।
ये एहतियात बरतें
- घर में कबाड़ न रखें, अनावश्यक सामान हटा दें। मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
- सोने से पहले तंबाकू-धूम्रपान न करें, कॉफी-चाय न पीएं।
- सोने से पहले गुनगुने पानी से नहाएं। सलाद समेत सुपाच्य भोजन करें।
- भोजन करने के बाद 20 से 30 मिनट टहलें।
- दिन में अनावश्यक न लेटें, रात में सोने का समय निश्चित करें।
- टीवी-मोबाइल देखते हुए बिस्तर पर न लेटें। नींद आए तभी सोेने जाएं।
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मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 190 से 210 मरीज आ रहे हैं। इनमें से 10 से 15 मरीज ऐसे होते हैं जो मच्छरों की वजह से नींद पूरी नहीं हो पाने के कारण परेशान हैं। इन्होंने चिड़चिड़ापन, गुस्सा करना, तेज आवाज में बोलना, सिर में दर्द रहने की परेशानी बताई। इनमें भी पांच से आठ ऐसे मरीज रहे, जिनमें कोरोना महामारी के दौरान तनाव, अवसाद की परेशानी हुई थी। इलाज के बाद ठीक हुए हो गए, लेकिन कई दिनों से नींद पूरी नहीं होने से उनमें मर्ज की पुनरावृत्ति हो गई। बाकी के नए मरीज हैं, यह सभी कामकाजी लोग हैं। बीते 20 दिनों से मरीज ज्यादा आ रहे हैं। कई फोन पर भी परामर्श लेते हैं। लेकिन यह परेशानी अस्थायी है। दवा के साथ मच्छरों से बचाव, दिनचर्या में बदलाव से परेशानी ठीक भी हो रही है।
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गहरी नींद न आने पर मानसिक परेशानियां
एसएन मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. केसी गुरनानी ने बताया कि गहरी नींद नहीं ले पाने के कारण मानसिक स्वास्थ्य गड़बड़ा जाता है। बीते 30 से 40 दिन में मच्छरों के काटने से लोग गहरी नींद नहीं ले पा रहे। जबकि अगले दिन ड्यूटी और काम का दबाव भी है। कई दिनों तक ऐसा होने से लोगों में भूख कम लगना, कामकाज से अरुचि, बात-बात पर गुस्सा करना, तेज आवाज में जवाब देने की समस्या हो रही हैं। उनकी ओपीडी में 10-12 ऐसे मरीज आ रहे हैं।
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केस एक
दयालबाग के 41 साल के व्यक्ति कोरोना महामारी में मानसिक बीमार हुए, इलाज के बाद ठीक भी हो गए। लेकिन बीते नौ दिन पहले यह दोबारा से डॉक्टरों के पास पहुंचे। मच्छरों के कारण इनको नींद पूरी नहीं होने से तनाव, घबराहट, झल्लाहट होने लगी। दोबारा डॉक्टर को दिखाया।
केस दो
- आवास विकास कॉलोनी में 32 साल के युवा फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता है। मच्छरों के कारण नींद पूरी नहीं होने और काम के दबाव से घर में छोटी बातों पर गुस्सा करना, बच्चों को भी डांटना, तेज आवाज में बोलने की परेशानी होने लगी। परिजनों ने डॉक्टर से परामर्श दिलाया।
ये एहतियात बरतें
- घर में कबाड़ न रखें, अनावश्यक सामान हटा दें। मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
- सोने से पहले तंबाकू-धूम्रपान न करें, कॉफी-चाय न पीएं।
- सोने से पहले गुनगुने पानी से नहाएं। सलाद समेत सुपाच्य भोजन करें।
- भोजन करने के बाद 20 से 30 मिनट टहलें।
- दिन में अनावश्यक न लेटें, रात में सोने का समय निश्चित करें।
- टीवी-मोबाइल देखते हुए बिस्तर पर न लेटें। नींद आए तभी सोेने जाएं।