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Mock Drill: पाकिस्तान से तनाव के बीच मॉक ड्रिल...हमले से बचाव के बताए तरीके, रात में हुआ ब्लैक आउट
Wed, 07 May 2025 04:31 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Wed, 07 May 2025 04:31 PM IST
सार
पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच बुधवार को मॉक ड्रिल की गई। इस दाैरान बिल्डिंग में फंसे लोगों को निकालना, उपचार मुहैया कराना और दहशत से मुक्त रखने के बारे में बताया गया। वहीं रात में शहर में कुछ समय के लिए ब्लैक आउट हुआ।
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ब्लैक आउट।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा में शाम के चार बजे थे। आकाश में दुश्मन के लड़ाके विमान गरज रहे थे। तभी एक विमान ने जमीन पर बम गिराया। बम गिरते ही बिल्डिंग धूल के गुबार में बदल गई। चारों तरफ आग लग गई। घायल मदद के लिए चीख रहे थे। मलबे में दबे कराह रहे थे। बदहवास और अफरातफरी का आलम। यह नजारा था बुधवार को बल्केश्वर स्थित गणेशराम नागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर का। यहां ऑपरेशन
अभ्यास के तहत सिविल डिफेंस ने हवाई हमले से बचाव के लिए मॉक ड्रिल की।
माॅक ड्रिल में हवाई हमला होते ही हाई अलर्ट जारी हो गया। एक तरफ सिविल डिफेंस ने मोर्चा संभाला, दूसरी तरफ दमकलों ने। सबसे पहले दमकलों ने आग पर काबू पाया। फिर सिविल डिफेंस कर्मियों ने मलबे में दबे घायलों को निकाला। सायरन बजाते हुए एंबुलेंस पहुंच गई। स्ट्रेचर पर घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।
अभ्यास के तहत सिविल डिफेंस ने हवाई हमले से बचाव के लिए मॉक ड्रिल की।
माॅक ड्रिल में हवाई हमला होते ही हाई अलर्ट जारी हो गया। एक तरफ सिविल डिफेंस ने मोर्चा संभाला, दूसरी तरफ दमकलों ने। सबसे पहले दमकलों ने आग पर काबू पाया। फिर सिविल डिफेंस कर्मियों ने मलबे में दबे घायलों को निकाला। सायरन बजाते हुए एंबुलेंस पहुंच गई। स्ट्रेचर पर घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।
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करीब एक घंटे चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन अभ्यास में 14 लोगों की जान बचाई गई। उप नियंत्रक सिविल डिफेंस मुनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि इस मॉकड्रिल में 130 वॉलंटियर्स, दो एंबुलेंस, दो दमकल प्रयोग की गईं। स्कूल की बिल्डिंग में हवाई हमले की कल्पना की गई थी। ऐसी स्थिति में कैसे लोगों को सुरक्षित किया जाए। उसका प्रशिक्षण देने के लिए यह मॉक ड्रिल की गई।
जायजा लेने पहुंचे डीएम
गणेश राम नागर सरस्वती कन्या विद्यालय में आयोजित मॉक ड्रिल का जायजा लेने के लिए डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी प्रशासनिक अमले के साथ बल्केश्वर पहुंचे। डीएम ने अधिकारियों को आपदा नियंत्रण का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस व आपदा प्रबंधन बलों को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इनके साथ ही आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए एक्शन प्लान बनाया जाएगा।
पुलिस सहित आठ विभाग रहे शामिल
मॉक ड्रिल में नागरिक पुलिस व यातायात पुलिस के अलावा स्वास्थ्य विभाग, पूर्ति विभाग, राजस्व विभाग, आपदा प्रबंधन, दमकल और सिविल सोसाइटी के लोग शामिल रहे। एडीएम वित्त शुभांगी शुक्ला, एडीसीपी आदित्य कुमार, सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव और विभिन्न संगठनों ने स्वैच्छिक रूप से मॉक ड्रिल कराई।
सायरन बजते ही बुझाई बत्तियां, जमीन पर लेट गए लोग
वायु सेना से रात 8 बजे हवाई हमले की चेतावनी मिली। रेड सिग्नल होते ही सायरन गूंजने लगे। लोगों ने बत्तियां बुझाईं और जान बचाने के लिए जमीन पर लेट गए। ये नजारा था ऑपरेशन अभ्यास के तहत हुए ब्लैकआउट व सायरन मॉकड्रिल का। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम पर जमे रहे। सिविल डिफेंस के इस कंट्रोल रूम में लगी हॉट लाइन पर वायु सेना से हवाई हमले का अलर्ट आया। रेड सिग्नल होते ही 5 सेकेंड में 19 स्थानों पर सायरन बजने शुरू हो गए। सिविल डिफेंस के पास हैंड हेल्ड सायरन थे। सायरन और ब्लैक आउट के दौरान बाजार, दफ्तर खुले रहे। बाजारों में ब्लैक आउट का मिलाजुला असर रहा। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कहा कि ब्लैकआउट मॉकड्रिल सफल रही। इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना था।
जायजा लेने पहुंचे डीएम
गणेश राम नागर सरस्वती कन्या विद्यालय में आयोजित मॉक ड्रिल का जायजा लेने के लिए डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी प्रशासनिक अमले के साथ बल्केश्वर पहुंचे। डीएम ने अधिकारियों को आपदा नियंत्रण का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस व आपदा प्रबंधन बलों को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इनके साथ ही आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए एक्शन प्लान बनाया जाएगा।
पुलिस सहित आठ विभाग रहे शामिल
मॉक ड्रिल में नागरिक पुलिस व यातायात पुलिस के अलावा स्वास्थ्य विभाग, पूर्ति विभाग, राजस्व विभाग, आपदा प्रबंधन, दमकल और सिविल सोसाइटी के लोग शामिल रहे। एडीएम वित्त शुभांगी शुक्ला, एडीसीपी आदित्य कुमार, सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव और विभिन्न संगठनों ने स्वैच्छिक रूप से मॉक ड्रिल कराई।
सायरन बजते ही बुझाई बत्तियां, जमीन पर लेट गए लोग
वायु सेना से रात 8 बजे हवाई हमले की चेतावनी मिली। रेड सिग्नल होते ही सायरन गूंजने लगे। लोगों ने बत्तियां बुझाईं और जान बचाने के लिए जमीन पर लेट गए। ये नजारा था ऑपरेशन अभ्यास के तहत हुए ब्लैकआउट व सायरन मॉकड्रिल का। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम पर जमे रहे। सिविल डिफेंस के इस कंट्रोल रूम में लगी हॉट लाइन पर वायु सेना से हवाई हमले का अलर्ट आया। रेड सिग्नल होते ही 5 सेकेंड में 19 स्थानों पर सायरन बजने शुरू हो गए। सिविल डिफेंस के पास हैंड हेल्ड सायरन थे। सायरन और ब्लैक आउट के दौरान बाजार, दफ्तर खुले रहे। बाजारों में ब्लैक आउट का मिलाजुला असर रहा। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कहा कि ब्लैकआउट मॉकड्रिल सफल रही। इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना था।
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