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तीन महीने बाद घर लौटा बेटा तो परिवार में लौटी खुशी, सीख गया पंजाबी भाषा
Thu, 19 Mar 2020 11:09 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 19 Mar 2020 11:09 AM IST
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परिवार के साथ बैठा करन
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के थाना जगदीशपुरा से तीन महीने पहले घर के बाहर से लापता हुआ 15 साल का करन घर पहुंच गया। वह पंजाब के आश्रय गृह में रह रहा था। पिता उसे एक संस्था के पदाधिकारी की मदद से घर लाए। इससे परिवार के लोगों में खुशी का माहौल है।
बाबा पंचम नाथ की बगीची, जगदीशपुरा निवासी विमल कुमार का 15 साल का बेटा करन कुमार दिसंबर 2019 की शाम को घर के बाहर खेल रहा था। अचानक लापता हो गया। परिजनों के काफी तलाश पर भी करन का पता नहीं चल सका। विमल के मुताबिक, वह थाना जगदीशपुरा में मुकदमा दर्ज कराने गए, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। तब से खुद ही तलाश कर रहे थे।
महफूज संस्था के नरेश पारस ने बताया कि करन हरियाणा में मिला था। पुलिस ने उसे पंजाब के राजपुरा स्थित आश्रय गृह में रखा था। वह अपने घर का पता जगदीशपुरा बता रहा था। इस पर हरियाणा पुलिस के सिपाही ने उनसे संपर्क किया था।
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बालक के लापता होने के बारे में थाने से जानकारी नहीं लगी थी। इस पर उन्होंने परिजनों की तलाश शुरू कर दी। उन्हें बेटे की जानकारी दी। सोमवार को वह करन को आगरा ले आए। बेटे के घर लौटने से परिवार में खुशी का माहौल है।
ट्रेन से चला गया था हरियाणा
परिजनों को करन ने बताया कि वह खेलते-खेलते राजामंडी स्टेशन पर पहुंच गया था। वहां से ट्रेन में बैठ गया। वह हरियाणा पहुंच गया, जहां पुलिस ने उसे घूमता हुआ देखा। इसके बाद आश्रय गृह में रख दिया। वह पंजाब की भाषा भी सीख गया है।
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बाबा पंचम नाथ की बगीची, जगदीशपुरा निवासी विमल कुमार का 15 साल का बेटा करन कुमार दिसंबर 2019 की शाम को घर के बाहर खेल रहा था। अचानक लापता हो गया। परिजनों के काफी तलाश पर भी करन का पता नहीं चल सका। विमल के मुताबिक, वह थाना जगदीशपुरा में मुकदमा दर्ज कराने गए, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। तब से खुद ही तलाश कर रहे थे।
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महफूज संस्था के नरेश पारस ने बताया कि करन हरियाणा में मिला था। पुलिस ने उसे पंजाब के राजपुरा स्थित आश्रय गृह में रखा था। वह अपने घर का पता जगदीशपुरा बता रहा था। इस पर हरियाणा पुलिस के सिपाही ने उनसे संपर्क किया था।
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बालक के लापता होने के बारे में थाने से जानकारी नहीं लगी थी। इस पर उन्होंने परिजनों की तलाश शुरू कर दी। उन्हें बेटे की जानकारी दी। सोमवार को वह करन को आगरा ले आए। बेटे के घर लौटने से परिवार में खुशी का माहौल है।
ट्रेन से चला गया था हरियाणा
परिजनों को करन ने बताया कि वह खेलते-खेलते राजामंडी स्टेशन पर पहुंच गया था। वहां से ट्रेन में बैठ गया। वह हरियाणा पहुंच गया, जहां पुलिस ने उसे घूमता हुआ देखा। इसके बाद आश्रय गृह में रख दिया। वह पंजाब की भाषा भी सीख गया है।