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भूख-प्यास से बेहाल मजदूरों का भड़का आक्रोश, आगरा-दिल्ली हाईवे पर आगजनी कर लगाया जाम
Mon, 18 May 2020 12:32 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 18 May 2020 12:32 AM IST
सार
मजदूरों की भीड़ अचानक हाईवे पर आ गई
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मजदूरों ने हाईवे पर प्रदर्शन कर लगाई आग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा के कोसीकलां में हरियाणा की सीमा से लगे कोटवन बॉर्डर और फरह क्षेत्र में रविवार की सुबह भूख-प्यास से परेशान हजारों मजदूरों ने नेशनल हाईवे-2 को जाम कर दिया। इस दौरान कोसीकलां से फरह तक 85 किलोमीटर के दायरे में जमकर हंगामा हुआ। रैपुरा जाट पर मजदूरों ने हाईवे पर झाड़ियां और टायर रखकर
आग लगा दी।
कोटवन बॉर्डर के बाहर हंगामा कर रहे मजदूरों पर लाठियां बरसाईं, जिसमें करीब एक दर्जन मजदूर गिरकर तथा पुलिस के डंडे से घायल भी हुए। कोसीकलां में मंडी समिति के बाहर से सैकड़ों मजदूरों ने कई किलोमीटर तक पैदल दौड़ लगाई। तपती धूप में महिलाओं और बच्चों की चीत्कार हाईवे पर गूंजती रही।
ये भी पढ़ें: लॉकडाउन का दर्द: घर पहुंचने से पहले ही थम गया दो मजदूरों की जिंदगी का सफर
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इसी तरह रैपुरा जाट पर पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को नियंत्रित किया। मजदूरों का आरोप है कि काफी गुहार के बाद भी प्रशासन ने खाने और पानी की व्यवस्था नहीं कराई। घर जाने के लिए बसों का इंतजाम भी प्रशासन नहीं कर सका।
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आग लगा दी।
कोटवन बॉर्डर के बाहर हंगामा कर रहे मजदूरों पर लाठियां बरसाईं, जिसमें करीब एक दर्जन मजदूर गिरकर तथा पुलिस के डंडे से घायल भी हुए। कोसीकलां में मंडी समिति के बाहर से सैकड़ों मजदूरों ने कई किलोमीटर तक पैदल दौड़ लगाई। तपती धूप में महिलाओं और बच्चों की चीत्कार हाईवे पर गूंजती रही।
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इसी तरह रैपुरा जाट पर पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को नियंत्रित किया। मजदूरों का आरोप है कि काफी गुहार के बाद भी प्रशासन ने खाने और पानी की व्यवस्था नहीं कराई। घर जाने के लिए बसों का इंतजाम भी प्रशासन नहीं कर सका।
औरैया हादसे के बाद बढ़ी सख्ती
औरैया हादसे के बाद प्रदेश सरकार ने एनएच-2 और एक्सप्रेसवे से सटे सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मजदूर किसी भी कीमत पर ट्रक या इस प्रकार के अन्य वाहन से या फिर पैदल न जाने पाएं।
इस आदेश के बाद डीएम और एसएसपी ने कोसीकलां के कोटवन बॉर्डर, फरह के रैपुरा जाट तथा एक्सप्रेसवे पर बाजना कट पर वाहनों से आने वाले मजदूरों को रोकने के निर्देश दिए। इस आदेश का अनुपालन शनिवार सुबह से ही शुरू हो गया।
कोटवन पर ट्रकों आदि से आने वाले सभी मजदूरों को रोक लिया गया। कुछ मजदूर अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर बंद कैंटर आदि में बैठकर फरह तक चले गए उन्हें वहां पर उतार लिया।
इन मजदूरों को कोसीकलां मंडी समिति तथा फरह में हरदयाल विद्यालय में तथा एक्सप्रेसवे पर आरकेडियन पब्लिक स्कूल में रखा गया। यह सब शासन के दूत बनकर जनपद में आए सचिव स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया।
इस आदेश के बाद डीएम और एसएसपी ने कोसीकलां के कोटवन बॉर्डर, फरह के रैपुरा जाट तथा एक्सप्रेसवे पर बाजना कट पर वाहनों से आने वाले मजदूरों को रोकने के निर्देश दिए। इस आदेश का अनुपालन शनिवार सुबह से ही शुरू हो गया।
कोटवन पर ट्रकों आदि से आने वाले सभी मजदूरों को रोक लिया गया। कुछ मजदूर अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर बंद कैंटर आदि में बैठकर फरह तक चले गए उन्हें वहां पर उतार लिया।
इन मजदूरों को कोसीकलां मंडी समिति तथा फरह में हरदयाल विद्यालय में तथा एक्सप्रेसवे पर आरकेडियन पब्लिक स्कूल में रखा गया। यह सब शासन के दूत बनकर जनपद में आए सचिव स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया।
रविवार सुबह मजदूरों ने कर दिया हंगामा
रविवार की सुबह भूख और प्यास से परेशान मजदूरों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने कोसीकलां बॉर्डर पर जमकर हंगामा किया। सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए कोसीकलां मंडी समिति से निकलकर हाईवे पर दौड़ लगा दी।
इसी प्रकार से फरह में रैपुरा जाट पर मजदूरों ने ट्रकों के टायर जलाकर विरोध किया। मजदूरों का कहना था कि जब प्रशासन उनको रोटी-पानी से लेकर जाने के लिए बसों का इंतजाम नहीं कर पा रहा है तो रोक क्यों रहा है।
ट्रेनों से भेजे जाएंगे मजदूर
कोसीकलां से प्रवासी मजदूरों के लिए प्रशासन ने ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन कोसीकलां से देवरिया, मुगलसराय और झांसी के लिए चलाई जाएगी। प्रशासन ने ट्रेन चलाने का निर्णय मजदूरों के हंगामा करने के बाद लिया है। यह जानकारी एडीएम वित्त एवं राजस्व सतीश कुमार त्रिपाठी ने दी। उन्होंने बताया कि ट्रेनों में जाने वाले लोगों की सूची संबंधित लेखपाल राजस्व निरीक्षक आदि को तैयार करेंगे।
इसी प्रकार से फरह में रैपुरा जाट पर मजदूरों ने ट्रकों के टायर जलाकर विरोध किया। मजदूरों का कहना था कि जब प्रशासन उनको रोटी-पानी से लेकर जाने के लिए बसों का इंतजाम नहीं कर पा रहा है तो रोक क्यों रहा है।
ट्रेनों से भेजे जाएंगे मजदूर
कोसीकलां से प्रवासी मजदूरों के लिए प्रशासन ने ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन कोसीकलां से देवरिया, मुगलसराय और झांसी के लिए चलाई जाएगी। प्रशासन ने ट्रेन चलाने का निर्णय मजदूरों के हंगामा करने के बाद लिया है। यह जानकारी एडीएम वित्त एवं राजस्व सतीश कुमार त्रिपाठी ने दी। उन्होंने बताया कि ट्रेनों में जाने वाले लोगों की सूची संबंधित लेखपाल राजस्व निरीक्षक आदि को तैयार करेंगे।