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लॉकडाउन का दर्द: घर पहुंचने से पहले ही थम गया दो मजदूरों की जिंदगी का सफर
Sat, 16 May 2020 07:01 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 16 May 2020 07:01 PM IST
सार
- एक मजदूर की ट्रेन में और दूसरे की एक्सप्रेसवे पर बाइक फिसलने से गई जान
- कांग्रेसी नेताओं की मदद से एंबुलेंस से भिजवाए गए दोनों मजदूरों के शव
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पोस्टमार्टम गृह पर मृतक के परिजन, कांग्रेसी नेता व पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लॉकडाउन में घर लौटे रहे मजदूर की दुश्वारियों कम नहीं हो रहीं। कोई हादसे का शिकार हो रहा है तो कोई बीमारी का। मथुरा जिले में शनिवार को यमुना एक्सप्रेसवे बाइक फिसलने से बिहार निवासी युवक की मौत हो गई। वो अपने साथियों के साथ घर जा रहा था। दोनों साथी घायल हो गए। उधर, एक बीमार मजदूर ने श्रमिक स्पेशल ट्रेन में दम तोड़ दिया।
दो मजदूरों की मौत होने के बाद भी प्रशासन लापरवाही का जामा पहने रहा। उनके शवों को घर भेजने का इंतजाम तक नहीं किया गया। कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को जब इसका पता चला तो जिलाधिकारी तक बात पहुंची। इसके बाद दोनों शवों को एंबुलेंस से भिजवाया गया।
रेलवे कंट्रोल से शुक्रवार शाम जीआरपी व आरपीएफ को सूचना मिली कि अलवर से बलिया जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन में किसी मजदूर की तबियत खराब है। ट्रेन सुबह सवा सात बजे प्लेटफार्म पर पहुंची। ट्रेन में सवार 54 वर्षीय शिवजी प्रसाद पुत्र मुन्ना लाल निवासी गांव बकी सरिया थाना बांसडीह रोड (बलिया) को रेलवे चिकित्सक ने चेक किया। उसकी हालत गंभीर थी।
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दो मजदूरों की मौत होने के बाद भी प्रशासन लापरवाही का जामा पहने रहा। उनके शवों को घर भेजने का इंतजाम तक नहीं किया गया। कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को जब इसका पता चला तो जिलाधिकारी तक बात पहुंची। इसके बाद दोनों शवों को एंबुलेंस से भिजवाया गया।
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रेलवे कंट्रोल से शुक्रवार शाम जीआरपी व आरपीएफ को सूचना मिली कि अलवर से बलिया जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन में किसी मजदूर की तबियत खराब है। ट्रेन सुबह सवा सात बजे प्लेटफार्म पर पहुंची। ट्रेन में सवार 54 वर्षीय शिवजी प्रसाद पुत्र मुन्ना लाल निवासी गांव बकी सरिया थाना बांसडीह रोड (बलिया) को रेलवे चिकित्सक ने चेक किया। उसकी हालत गंभीर थी।
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शव ले जाने तक के नहीं थे रुपये
उसके साथ पत्नी बुधला देवी, पुत्र संतोष, बजरंगी, बेटी निर्मला, प्रमिला भी थीं। अस्पताल ले जाने से पूर्व ही शिवजी ने दम तोड़ दिया। जीआरपी ने शव कब्जे में ले लिया और मृतक के बेटे संतोष व दोनों बेटियों को ट्रेन से बलिया रवाना कर दिया। मृतक की पत्नी व बेटा बजरंगी शव के साथ रुक गए। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम हुआ। परिजनों के पास शव ले जाने के पैसे नहीं थे।
इधर, दिल्ली से 29 वर्षीय जियाउलहक पुत्र मुस्लिम अंसारी निवासी जिला पश्चिम चम्पारण (बिहार) अपने 25 वर्षीय साले सुहेल व शमशाद के साथ बाइक से घर जाने के लिए शुक्रवार रात निकले। शनिवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे पर उनकी बाइक फिसल गई। जियाउलहक की मौके पर मौत हो गई और बाइक चला रहा शमशाद व सुहेल घायल हो गए।
कांग्रेसी नेताओं ने सीएलपी आराधना मिश्रा को मजदूरों की व्यथा बताई। उन्होंने जिलाधिकारी से इस बाबत बात की। जिलाधिकारी के निर्देश पर एआईजी स्टाम्प अरुण प्रकाश पोस्टमार्टम गृह पहुंचे। उन्होंने दोनों मजदूरों के शवों को उनके घर पहुंचवाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की और रास्ते में खर्च के लिए कुछ रुपये दिए।
इधर, दिल्ली से 29 वर्षीय जियाउलहक पुत्र मुस्लिम अंसारी निवासी जिला पश्चिम चम्पारण (बिहार) अपने 25 वर्षीय साले सुहेल व शमशाद के साथ बाइक से घर जाने के लिए शुक्रवार रात निकले। शनिवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे पर उनकी बाइक फिसल गई। जियाउलहक की मौके पर मौत हो गई और बाइक चला रहा शमशाद व सुहेल घायल हो गए।
कांग्रेसी नेताओं ने की मदद
थाना महावन पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम गृह पर घायल सुहेल शव को पश्चिम चम्पारण ले जाने के लिए भटक रहा था। उसके पास खाना खाने तक के पैसे नहीं थे। दोनों परिवार वालों की मजबूरी का पता कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक चौधरी, पूर्व पालिकाध्यक्ष श्याम सुंदर उपाध्याय बिट्टू को चला।कांग्रेसी नेताओं ने सीएलपी आराधना मिश्रा को मजदूरों की व्यथा बताई। उन्होंने जिलाधिकारी से इस बाबत बात की। जिलाधिकारी के निर्देश पर एआईजी स्टाम्प अरुण प्रकाश पोस्टमार्टम गृह पहुंचे। उन्होंने दोनों मजदूरों के शवों को उनके घर पहुंचवाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की और रास्ते में खर्च के लिए कुछ रुपये दिए।