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शहीद एसपी सिटी मुकुल का नहीं बना स्मारक, न ही जवाहर बाग का नाम बदला, पत्नी का छलका दर्द
Sun, 23 Aug 2020 12:03 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 23 Aug 2020 12:03 AM IST
सार
- जवाहर बाग हिंसा की जांच में देरी पर तत्कालीन एसपी सिटी की पत्नी ने उठाए सवाल, सुप्रीम कोर्ट में दी है अर्जी
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जवाहर बाग मथुरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा के जवाहरबाग हिंसा की जांच अभी तक पूरी न होने से तत्कालीन एसपी सिटी शहीद मुकुल द्विवेदी की पत्नी काफी व्यथित हैं। सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) की लंबी खिंच रही जांच के चलते उन्होंने पिछली महीने जुलाई में सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाकर जांच जल्द पूरी करने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने अभी तक जवाहर बाग के नामकरण की घोषणा एसपी सिटी के नाम पर न किए जाने पर दुख जताया है।
दो जून, 2016 को जवाहर बाग में जमे कब्जाधारियों को हटाने गए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और तत्कालीन थाना प्रभारी संतोष यादव पर हमला किया गया था। कब्जाधारी रामवृक्ष यादव और उसके गुर्गों के हमले में दोनों अफसर शहीद हो गए थे। शुरू में इस पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही थी, पर साल 2017 में जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
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दो जून, 2016 को जवाहर बाग में जमे कब्जाधारियों को हटाने गए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और तत्कालीन थाना प्रभारी संतोष यादव पर हमला किया गया था। कब्जाधारी रामवृक्ष यादव और उसके गुर्गों के हमले में दोनों अफसर शहीद हो गए थे। शुरू में इस पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही थी, पर साल 2017 में जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
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तीन साल बाद भी जांच पूरी न होने पर एसपी सिटी की धर्मपत्नी अर्चना द्विवेदी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर जल्द जवाहर बाग हिंसा की जांच पूरी करने की गुहार लगाई है। अर्चना द्विवेदी ने अमर उजाला को फोन पर बातचीत में जांच में देरी पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि तीन साल से जांच चल रही है, पर अभी तक कुछ भी निष्कर्ष नहीं निकला। जल्द जांच पूरी हो जाए और दोषियों को दंड मिले।
अर्चना द्विवेदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी है। सवाल खड़ा किया कि आखिर चार साल बीतने के बाद भी जवाहर बाग का नामकरण मुकुलजी के नाम पर क्यों नहीं किया? अभी तक जवाहर बाग में स्मारक भी नहीं बना है। न ही कोई मेडल दिया गया। अर्चना द्विवेदी ने बताया कि ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा से उनकी चार बार बात हुई है। फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
अर्चना द्विवेदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी है। सवाल खड़ा किया कि आखिर चार साल बीतने के बाद भी जवाहर बाग का नामकरण मुकुलजी के नाम पर क्यों नहीं किया? अभी तक जवाहर बाग में स्मारक भी नहीं बना है। न ही कोई मेडल दिया गया। अर्चना द्विवेदी ने बताया कि ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा से उनकी चार बार बात हुई है। फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।