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मेडिकल स्टोर के स्थान पर चल रहा था कोरियर सेंटर
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मेडिकल स्टोर के स्थान पर संचालत कोरियर की दुकान
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। मेडिकल स्टोर के लाइसेंस लेने के लिए स्थान का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। जिस स्थान के लिए लाइसेंस लिया जा रहा है, वहां संचालन नहीं हो रहा है। ऐसा ही एक मामला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने पकड़ा है। मामला खुलने के बाद औषधि निरीक्षक ने लाइसेंस निरस्त करने के लिए पत्र भेजा है।
मामला शहर के कचहरी रोड स्थित पचौरी कंपाउंड का है। यहां सुरभि इंटरप्राइजेज के नाम से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से दवाओं की थोक बिक्री का लाइसेंस लिया गया है। बीते माह लाइसेंस की वैद्यता समाप्त होने पर नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया था। आवेदन पर औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने दुकान के सत्यापन के लिए मौके पर जाकर निरीक्षण किया।
जिस दुकान पर मेडिकल स्टोर के लाइसेंस के लिए सत्यापन किया गया वहां कोरियर सेंटर चल रहा था। काफी देर इधर-उधर जानकारी के बाद भी किसी ने मेडिकल के बोर में जानकारी नहीं दी। इसके बाद औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने लाइसेंस निरस्त करने के लिए ड्रग लाइसेंसिंग अथॉरिटी आगरा को पत्र भेजा है।
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ये है नियम
दवाओं की बिक्री के लिए लाइसेंस के आवेदन के दौरान दुकान का नक्शा जमा करना होता है। इसी के आधार पर सत्यापन के बाद लाइसेंस जारी किया जाता है। बाद में स्थान परिवर्तित करने पर विभाग को सूचना देने के साथ ही लाइसेंस में भी संशोधन कराना होता है। अन्य स्थान पर दुकान संचालित करने पर लाइसेंस अवैध माना जाता है।
एक मेडिकल स्टोर संचालक ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था। सत्यापन में पता चला कि मेडिकल स्टोर के स्थान पर कोरियर की दुकान चल रही है। लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की गई है।
उर्मिला अग्रवाल, औषधि निरीक्षक।
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मामला शहर के कचहरी रोड स्थित पचौरी कंपाउंड का है। यहां सुरभि इंटरप्राइजेज के नाम से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से दवाओं की थोक बिक्री का लाइसेंस लिया गया है। बीते माह लाइसेंस की वैद्यता समाप्त होने पर नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया था। आवेदन पर औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने दुकान के सत्यापन के लिए मौके पर जाकर निरीक्षण किया।
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जिस दुकान पर मेडिकल स्टोर के लाइसेंस के लिए सत्यापन किया गया वहां कोरियर सेंटर चल रहा था। काफी देर इधर-उधर जानकारी के बाद भी किसी ने मेडिकल के बोर में जानकारी नहीं दी। इसके बाद औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने लाइसेंस निरस्त करने के लिए ड्रग लाइसेंसिंग अथॉरिटी आगरा को पत्र भेजा है।
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ये है नियम
दवाओं की बिक्री के लिए लाइसेंस के आवेदन के दौरान दुकान का नक्शा जमा करना होता है। इसी के आधार पर सत्यापन के बाद लाइसेंस जारी किया जाता है। बाद में स्थान परिवर्तित करने पर विभाग को सूचना देने के साथ ही लाइसेंस में भी संशोधन कराना होता है। अन्य स्थान पर दुकान संचालित करने पर लाइसेंस अवैध माना जाता है।
एक मेडिकल स्टोर संचालक ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था। सत्यापन में पता चला कि मेडिकल स्टोर के स्थान पर कोरियर की दुकान चल रही है। लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की गई है।
उर्मिला अग्रवाल, औषधि निरीक्षक।