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Agra News: ई-कॉमर्स कंपनी की साइट पर बेचते थे एमडीएमए ड्रग्स
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आगरा। हैदराबाद की रेव पार्टियों के लिए एमडीएमए ड्रग्स की बिक्री ई-कॉमर्स कंपनी की साइट के माध्यम से की जा रही थी। केमिस्ट्री के शिक्षक दिव्यांग मनोज से पूछताछ में पुलिस को यह जानकारी मिली। आरोपी को शनिवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
एडीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि जोधपुर के एक निजी विद्यालय के गणित के शिक्षक वीरेंद्र को एक सप्ताह पहले तेलंगाना नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने पकड़ा था। उससे पूछताछ के बाद फिरोजाबाद निवासी मनोज का नाम आया था। वह खंदौली के नगला मट्टू में परिवार सहित किराए के मकान में रह रहा था। शुक्रवार को पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे पकड़ा।
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि वह वीरेंद्र के साथ मिलकर एमडीएमए ड्रग्स के लिए केमिकल तैयार करता था। इस ड्रग्स की बिक्री ई-कॉमर्स साइट के माध्यम से की जाती थी। ऑनलाइन ऑर्डर मिलने पर वीरेंद्र और मनोज भेजा करते थे।
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इस ड्रग्स का प्रयोग हैदराबाद की कई रेव पार्टियों में हो रहा था। तेलंगाना में पुलिस कार्रवाई के डर से उसने अपना ठिकाना बदला था।
जोधपुर से छह महीने पहले माल लेकर आगरा आ गया था। खंदौली में दुकान लेकर छिपा दिया था। इस माल से करोड़ों का माल तैयार किया जा सकता था। मगर पुलिस उसके पास तक पहुंच गई।
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एडीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि जोधपुर के एक निजी विद्यालय के गणित के शिक्षक वीरेंद्र को एक सप्ताह पहले तेलंगाना नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने पकड़ा था। उससे पूछताछ के बाद फिरोजाबाद निवासी मनोज का नाम आया था। वह खंदौली के नगला मट्टू में परिवार सहित किराए के मकान में रह रहा था। शुक्रवार को पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे पकड़ा।
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प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि वह वीरेंद्र के साथ मिलकर एमडीएमए ड्रग्स के लिए केमिकल तैयार करता था। इस ड्रग्स की बिक्री ई-कॉमर्स साइट के माध्यम से की जाती थी। ऑनलाइन ऑर्डर मिलने पर वीरेंद्र और मनोज भेजा करते थे।
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इस ड्रग्स का प्रयोग हैदराबाद की कई रेव पार्टियों में हो रहा था। तेलंगाना में पुलिस कार्रवाई के डर से उसने अपना ठिकाना बदला था।
जोधपुर से छह महीने पहले माल लेकर आगरा आ गया था। खंदौली में दुकान लेकर छिपा दिया था। इस माल से करोड़ों का माल तैयार किया जा सकता था। मगर पुलिस उसके पास तक पहुंच गई।