मथुरा में भाजपा की जीत: पहली बार लड़ा चुनाव, किशन चौधरी बने जिला पंचायत अध्यक्ष
भाजपा के किशन सिंह चौधरी ने रालोद प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सिकरवार को 11 वोटों से हराया है।
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मथुरा में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर प्रतिष्ठापूर्ण मुकाबले में भाजपा के किशन चौधरी ने रालोद के राजेंद्र सिंह सिकरवार को 11 वोटों से पटकनी दे दी। पहली बार ही जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़े किशन चौधरी पहली बार में जिला पंचायत के अध्यक्ष बन गए।
पहली बार जिला पंचायत सदस्य की टिकट मिल गई और किशन चौधरी ने जीत भी दर्ज कर ली। उसके बाद भाजपा नेतृत्व ने जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए उन्हें उम्मीदवार भी बना दिया। किशन के उम्मीदवार बनते ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचाने का ताना-बाना बुना जाने लगा।
नामांकन में सांसद हेमा मालिनी, कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, विधायक पूरन प्रकाश, विधायक कारिंदा सिंह, जिलाध्यक्ष मधु शर्मा, महानगर विनोद अग्रवाल समेत दिग्गज नेता पहुंचे थे। प्रदेश भाजपा के स्पष्ट निर्देश थे कि हर हाल में मथुरा जिला पंचायत भाजपा का होना चाहिए।
रालोद ने प्रशासन पर लगाया फर्जी मतदान कराने का आरोप
प्रतिष्ठा बचाने के लिए पूरी शिद्दत से जुटे जनप्रतिनिधियों और भाजपा संगठन ने पूरा दमखम लगा दिया। आखिरकार शनिवार को जीत को सेहरा किशन के सिर पर बंधते ही भाजपाइयों ने अपना लक्ष्य पूरा करके प्रतिष्ठा भी बचा ली। उधर, रालोद प्रत्याशी ने प्रशासन पर फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाया।
रालोद प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सिकरवार ने कहा कि मतदान में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई। अधिकारियों के सामने पूर्व मंत्री और बसपा नेता श्याम सुंदर शर्मा के पुत्र डॉ. ललित शर्मा ने दो जिला पंचायत सदस्यों के वोट डाले। उधर, भाजपा प्रत्याशी किशन सिंह ने रालोद प्रत्याशी के आरोपों को एक सिरे से नकार दिया है।
डॉ. ललित शर्मा ने बताया कि वह अपनी मां जिला पंचायत सदस्य के संग दूर की रिश्तेदार जिला पंचायत सदस्य भावना शर्मा का सहायक बनकर गए थे। उनकी तबियत ठीक नहीं थी, इसलिए वह मुझे ले गईं थी। इसके लिए उन्होंने डीएम से अनुमति ली थी। उन्होंने केवल भावना शर्मा जिला पंचायत सदस्य का वोट डालने में मदद की है।