मथुरा में 1.05 करोड़ रुपये की लूट करने वाले बदमाशों का सुराग तीन दिन बाद भी पुलिस नहीं लगा सकी है। पुलिस की दो टीमों ने हाथरस में डेरा डाल रखा है तो कुछ टीमें अलीगढ़, आगरा और राजस्थान में लुटेरों की तलाश में खाक छान रही हैं। सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली ही हैं।
16 अगस्त को पुलिस चौकी बाग बहादुर से 50 मीटर दूर बाइक सवार चार लुटेरों ने हथियारों के बल पर बुलियन कारोबारी अंकित बंसल से 1.05 करोड़ रुपये की लूट की वारदात को अंजाम देकर सनसनी फैला दी थी। आईजी आगरा नवीन अरोरा और एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने पुलिस की 10 टीमों को खुलासे में लगाया है, लेकिन पुलिस के हाथ खाली ही हैं। पुलिस की टीमें केवल अंधेरे में तीर चला रही हैं।
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घटनास्थल पर जांच करते एसएसपी (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस, अलीगढ़, आगरा और राजस्थान में पुलिस की टीमें लुटेरों की तलाश कर रही हैं। सीसीटीवी और सीडीआर खंगाल चुकी पुलिस के हाथ कुछ खास नहीं लग सका है। केवल सीसीटीवी फुटेज में लुटेरों की फोटो जरूर आ गए हैं। एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने बताया कि खुलासे में देर जरूर लग रही है, लेकिन खुलासा शत प्रतिशत होगा। लुटेरे भी गिरफ्त में होंगे और बरामदगी भी पूरी होगी।
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सीसीटीवी फुटेज में दिखे संदिग्ध
- फोटो : अमर उजाला
दशकों पहले मुखबिरों के भरोसे वारदात को खुलासा करने वाली पुलिस अब केवल सर्विलांस पर निर्भर हो गई है। पुलिस के लिए सर्विलांस माफिक तो रहा, पर वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों ने भी इसका तोड़ निकाल लिया।
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सीसीटीवी में दिखे संदिग्ध
- फोटो : अमर उजाला
अपराधी अब मोबाइल का प्रयोग कम कर रहे हैं। अगर उन्हें आपस में बातचीत करनी है तो वह व्हाट्सएप कॉलिंग करते हैं। इसी के चलते सीडीआर पुलिस खंगाल रही है, पर अभी तक ऐसा कोई नंबर पुलिस के हाथ नहीं लगा है जो कि लूट से पहले और बाद में प्रयोग किया गया हो।
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पीड़ित से जानकारी लेते एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
1.05 करोड़ रुपये की लूट हुई या नहीं। यह सवाल हर किसी को कौंध रहा है। हालांकि पुलिस ने पीड़ित के बताए अनुसार इतनी ही धनराशि लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं है कि इतनी बड़ी रकम की लूट हुई होगी। लुटेरे हत्थे चढ़ने के बाद लूटी गई रकम और मिलीभगत सब उजागर हो जाएगी।