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मथुरा: करोड़ों रुपये की भूमि को खुर्दबुर्द करने की जांच शुरू
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कोसीकलां (मथुरा)। नगर पालिका की राजमार्ग पर मंडी समिति परिसर के समीप करोड़ों रुपये की भूमि को खुर्दबुर्द किए जाने के आरोपों की जांच दो सदस्यीय टीम ने शुरू कर दी है। जांच दल में एक्सईएन जल निगम और एसडीएम छाता शामिल हैं। जांच अधिकारियों ने ईओ से पत्रावली तलब की है।
राजमार्ग पर मंडी समिति परिसर के समीप करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन खाली पड़ी हुई है। सभासद भगत सिंह, मनोज आर्य, धर्मचंद जैन, जगदीश अंनत, छोटेलाल सैनी ने डीएम को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि है कि खाली पड़ी जमीन पालिका प्रशासन ने पूर्व में नीलामी के माध्यम से सत्यप्रकाश गोयल आदि को दे दी थी। जिसको नियम विरुद्ध मानते हुए शासन ने नीलामी प्रक्रिया को रद्द कर दिया।
मामला न्यायालय में चला गया। आरोप है कि चेयरमैन पर पालिका के अधिकारियों से मिलकर सही तथ्यों को छिपाकर 20 जुलाई 2020 को बोर्ड बैठक में उक्त भूमि से संबधित प्रकरण फर्जी तरीके से मिनट बुक में चढ़ा दिए, जबकि जमीन का कोई प्रस्ताव बोर्ड बैठक एवं एजेंडा में नही रखा गया। शिकायत के बाद शासन ने डीएम से आख्या मांगी थी। जिस पर डीएम ने दो सदस्यीय जांच टीम एक्सईएन जल निगम एवं एसडीएम हनुमान प्रसाद को सौंपी है।
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सभासदों के आरोपों की बिंदु बार जांच की जा रही है। ईओ से पत्रावली को तलब की जा रही है, जांच कर जल्द ही रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
- हनुमान प्रसाद मौर्य, एसडीएम, छाता।
न्यायालय के आदेश का पालन कराने के लिए बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखा गया था, सभासदों के आरोप निराधार हैं, उन्हें बदनाम करने की साजिश है।
- नरेंद्र गुर्जर, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद, कोसीकलां
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राजमार्ग पर मंडी समिति परिसर के समीप करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन खाली पड़ी हुई है। सभासद भगत सिंह, मनोज आर्य, धर्मचंद जैन, जगदीश अंनत, छोटेलाल सैनी ने डीएम को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि है कि खाली पड़ी जमीन पालिका प्रशासन ने पूर्व में नीलामी के माध्यम से सत्यप्रकाश गोयल आदि को दे दी थी। जिसको नियम विरुद्ध मानते हुए शासन ने नीलामी प्रक्रिया को रद्द कर दिया।
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मामला न्यायालय में चला गया। आरोप है कि चेयरमैन पर पालिका के अधिकारियों से मिलकर सही तथ्यों को छिपाकर 20 जुलाई 2020 को बोर्ड बैठक में उक्त भूमि से संबधित प्रकरण फर्जी तरीके से मिनट बुक में चढ़ा दिए, जबकि जमीन का कोई प्रस्ताव बोर्ड बैठक एवं एजेंडा में नही रखा गया। शिकायत के बाद शासन ने डीएम से आख्या मांगी थी। जिस पर डीएम ने दो सदस्यीय जांच टीम एक्सईएन जल निगम एवं एसडीएम हनुमान प्रसाद को सौंपी है।
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सभासदों के आरोपों की बिंदु बार जांच की जा रही है। ईओ से पत्रावली को तलब की जा रही है, जांच कर जल्द ही रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
- हनुमान प्रसाद मौर्य, एसडीएम, छाता।
न्यायालय के आदेश का पालन कराने के लिए बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखा गया था, सभासदों के आरोप निराधार हैं, उन्हें बदनाम करने की साजिश है।
- नरेंद्र गुर्जर, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद, कोसीकलां