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आगरा के अस्पताल में लगी आग: दम घुटने से संचालक, उनके बेटे और बेटी की मौत, मरीजों को बचाया गया

Wed, 05 Oct 2022 07:59 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 05 Oct 2022 07:59 AM IST
सार

शाहगंज के खेरिया मोड़ स्थित आर मधुराज हॉस्पिटल में बुधवार तड़के आग लग गई। अग्निकांड में तीन लोगों की मौत हो गई। मरीजों को बाहर निकाल लिया गया, उन्हें दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

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Massive fire in hospital in Agra of uttar pradesh
इसी अस्पताल में लगी आग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के शाहगंज के नरीपुरा स्थित आर मधुराज हॉस्पिटल में बुधवार तड़के 4:45 बजे भीषण आग लगने से संचालक राजन सिंह, उनकी बेटी सिमरन उर्फ शालू (18) और छोटे बेटे ऋषि (14) की दम घुटने से मौत हो गई। हॉस्पिटल बेसमेंट में संचालित हो रहा है। आग भूतल पर घर के बराबर में बनी दुकान के अंदर रखे फोम और अन्य सामान में लगी। घर में धुआं भरने से परिवार फंस गया। 
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राजन के पिता गोपीचंद (65), बड़ा बेटा लवी और पत्नी राजरानी के साथ चार मरीज, तीमारदार और कर्मचारी बाहर निकल आए। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया आग शार्ट सर्किट से लगी है। हालांकि जांच की जा रही है।
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बेसमेंट में बना था अस्पताल 

नरीपुरा निवासी राजन सिंह के 400 वर्ग गज में बने भवन के बेसमेंट में हॉस्पिटल, जबकि भूतल पर घर बना है। घर के दरवाजे के पास ही एक दुकान है, जिसमें राजन के पिता गोपीचंद अपनी जूता मैटेरियल की दुकान का सामान और फोम रखते थे। हॉस्पिटल का सामान भी रखा रहता है। 
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Massive fire in hospital in Agra of uttar pradesh
आग की चपेट में आकर राजन, उनकी बेटी और बेटे की मौत - फोटो : अमर उजाला

मंगलवार रात को राजन, पत्नी राजरानी, बेटी सिमरन और बेटे ऋषि के साथ अंदर के कमरे में सो रहे थे, जबकि उनके पिता घर के गेट के पास बड़े बेटे लवी के साथ सो रहे थे। रात में राजन के बहनोई तेजवीर भी रुके हुए थे। हॉस्पिटल में नर्स स्नेहा, कंपाउंडर लोकेश के अलावा सफाई कर्मी और चार मरीज के साथ तीमारदार भी थे।

एसी के पास से उठ रही थीं लपटें 

तड़के तकरीबन 4:45 बजे दुकान के शटर की आवाज सुनकर गोपीचंद की आंख खुली। उन्होंने बताया कि वह बाहर आए तो दुकान के अंदर से घर की तरफ बने एसी लगाने की जगह से आग की लपटें उठती देखीं। धुआं भी अंदर आ रहा था। उन्होंने मुख्य दरवाजा खोलकर दुकान का शटर उठाया। उसमें फोम में आग लगी थी। यह देखकर शोर मचाया। लवी बाहर आ गया। कुछ देर बाद बेटा राजन और तेजवीर भी आ गए।




हॉस्पिटल से कर्मचारी, मरीज और तीमारदार बाहर भाग गए। बाद में बहू निकलकर आई। मगर, ऋषि और सिमरन बाहर नहीं आ सके। वह अंदर ही फंस गए। इसका पता चलने पर राजन अंदर गया। मगर, वो भी धुएं में बेहोश हो गए। बाद में पुलिस आ गई। तब कहीं पहले राजन व सिमरन को बाहर लाए। बाद में ऋषि को निकाला। वह बाथरूम में पड़ा हुआ था। उन्हें अस्पताल ले गए, जहां तीनों को डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। 

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि हॉस्पिटल बेसमेंट में संचालित था। आग भूतल पर दुकान में रखे सामान में लगी थी। संचालक , उनके बेटे और बेटी की दम घुटने से मौत हुई है। दुकान के अंदर बिजली का बोर्ड जला हुआ था। प्रथम दृष्टया आग शॉर्ट सर्किट से लगी है। हादसे के कारण की जांच की जा रही है।
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