{"_id":"685318eb954a5462f9005a68","slug":"mainpuri-news-unauthorised-docter-child-died-mainpuri-news-c-174-1-mt11005-139418-2025-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: झोलाछाप के इलाज से 2 वर्षीय बच्चे की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: झोलाछाप के इलाज से 2 वर्षीय बच्चे की मौत
विज्ञापन
देवांश।
- फोटो : फाइल
बेवर। थाना क्षेत्र के गांव बनकिया में मंगलवार रात एक झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद 2 वर्षीय देवांश की मौत हो गई। बच्चे की मां ने पुलिस को इसकी सूचना दी। झोलाछाप अपनी दुकान बंद कर फरार हो गया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को शव परिजन को सौंपा।
शिवानी सक्सेना पत्नी अजय सक्सेना निवासी बनकिया ने बताया कि 16 जून को उनके दो वर्षीय पुत्र देवांश को बुखार आ गया था। उन्होंने गांव के ही एक क्लीनिक से दवा ली थी। 17 जून की रात जब उन्होंने देवांश को दवा खिलाई, तो उसकी तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर पर शव का पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इंस्पेक्टर ने बताया कि फिलहाल इस मामले में केस दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आठ दिन में झोलाछाप ने ले ली दूसरी जान, विभाग बना हुआ है अनजान
मैनपुरी। जिले में झोलाछाप खुलेआम क्लीनिक संचालन कर लोगों को उपचार दे रहे हैं। झोलाछापों के उपचार से लोगों की जान संकट में पड़ रही है। पिछले आठ दिनों में जिले में झोलाछाप के उपचार से दूसरी मौत है। विभागीय अधिकारी मौत होने तक अनजान ही रहते हैं। मौत होने के बाद ही उन्हें कार्रवाई की याद आती है।जिले में 100 से अधिक झोलाछाप क्लीनिक व नर्सिंग होम संचालित कर रहे हैं। जिम्मेदार अनजान बने हुए हैं। 9 जून को कस्बा बरनाहल में झोलाछाप के क्लीनिक में बेवर निवासी आकाश की पत्नी आकांक्षा की मौत हो गई थी। आकांक्षा बरनाहल में अपने मायके आई हुई थी। 17 जून को बेवर के गांव बनकिया निवासी अजय कुमार के दो साल के पुत्र देवांश की मौत हो गई। परिजन ने अरम सराय के झोलाछाप पर आरोप लगाते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया है। आकांक्षा की मौत के बाद विभाग ने आशी क्लीनिक को सील कर दिया था। बेवर के आस-पास 20 से अधिक झोलाछाप खुलेआम क्लीनिक संचालित कर रहे हैं।
विज्ञापन
-- -
बालक की मौत की जानकारी मिली है। बृहस्पतिवार को टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। जिले में झोलाछापों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। लोगों से अपील है कि वे प्रशिक्षित डाॅक्टर से ही उपचार लें।
- डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ
विज्ञापन
शिवानी सक्सेना पत्नी अजय सक्सेना निवासी बनकिया ने बताया कि 16 जून को उनके दो वर्षीय पुत्र देवांश को बुखार आ गया था। उन्होंने गांव के ही एक क्लीनिक से दवा ली थी। 17 जून की रात जब उन्होंने देवांश को दवा खिलाई, तो उसकी तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर पर शव का पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इंस्पेक्टर ने बताया कि फिलहाल इस मामले में केस दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
आठ दिन में झोलाछाप ने ले ली दूसरी जान, विभाग बना हुआ है अनजान
मैनपुरी। जिले में झोलाछाप खुलेआम क्लीनिक संचालन कर लोगों को उपचार दे रहे हैं। झोलाछापों के उपचार से लोगों की जान संकट में पड़ रही है। पिछले आठ दिनों में जिले में झोलाछाप के उपचार से दूसरी मौत है। विभागीय अधिकारी मौत होने तक अनजान ही रहते हैं। मौत होने के बाद ही उन्हें कार्रवाई की याद आती है।जिले में 100 से अधिक झोलाछाप क्लीनिक व नर्सिंग होम संचालित कर रहे हैं। जिम्मेदार अनजान बने हुए हैं। 9 जून को कस्बा बरनाहल में झोलाछाप के क्लीनिक में बेवर निवासी आकाश की पत्नी आकांक्षा की मौत हो गई थी। आकांक्षा बरनाहल में अपने मायके आई हुई थी। 17 जून को बेवर के गांव बनकिया निवासी अजय कुमार के दो साल के पुत्र देवांश की मौत हो गई। परिजन ने अरम सराय के झोलाछाप पर आरोप लगाते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया है। आकांक्षा की मौत के बाद विभाग ने आशी क्लीनिक को सील कर दिया था। बेवर के आस-पास 20 से अधिक झोलाछाप खुलेआम क्लीनिक संचालित कर रहे हैं।
विज्ञापन
बालक की मौत की जानकारी मिली है। बृहस्पतिवार को टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। जिले में झोलाछापों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। लोगों से अपील है कि वे प्रशिक्षित डाॅक्टर से ही उपचार लें।
- डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ