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मैनपुरी सामूहिक हत्याकांड: भरे बाजार गोलियों से भूनकर की गई थी चार की हत्या, दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास

Thu, 25 Jul 2024 06:24 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 25 Jul 2024 06:24 PM IST
सार

मैनपुरी के करहल में 10 साल पहले चार लोगों की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के दोषी दो भाइयों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 
 

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Mainpuri mass murder: Four murdered by firing bulletstwo real brothers were given life imprisonment
court new - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैनपुरी के थाना करहल के गांव असरोही में 10 साल पहले हुए सामूहिक हत्याकांड में दो सगे भाइयों को अपर जिला जज चतुर्थ जहेंद्र पाल सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा सुनाने के बाद उनको जेल भेजा है।
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असरोही के भीड़भाड़ वाले बाजार में 20 सितंबर 2014 की सुबह 10 बजे प्रधानी की रंजिश के चलते नीरज, सोनू, अखिलेश, सुशील की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की रिपोर्ट नीरज के चाचा जितेंद्र उर्फ भूरे ने थाना करहल के गांव मनौना के रहने वाले दो सगे भाई शिशुपाल और जगन्नाथ के खिलाफ थाना करहल में दर्ज कराई थी। पुलिस ने उनके खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में भेज दी थी।
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मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ जहेंद्र पाल सिंह के न्यायालय में हुई। अभियोजन की ओर से एडीजीसी राकेश कुमार गुप्ता ने वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों की गवाही कराई। गवाही के आधार पद दोनों को सामूहिक हत्याकांड काे अंजाम देने का दोषी पाया गया। अपर जिला जज चतुर्थ जहेंद्र पाल सिंह ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी है। शिशुपाल पर 35000 तथा जगन्नाथ पर 20000 रुपये का जुर्माना लगाया है। सजा सुनाने के बाद दोनों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।

 

तमंचा रखने में तीन हजार का जुर्माना
पुलिस ने शिशुपाल के पास से हत्या में प्रयोग किया गया तमंचा भी बरामद किया था। तमंचा रखने के आरोप का मुकदमा भी अपर जिला जज चतुर्थ जहेंद्र पाल सिंह के न्यायालय में चला। एडीजीसी राकेश कुमार गुप्ता द्वारा दिए साक्ष्यों के आधार पर शिशुपाल को तमंचा रखने का भी दोषी पाया गया। उसको तमंचा रखने में अपर जिला जज चतुर्थ जहेंद्र पाल सिंह ने तीन हजार का जुर्माना लगाकर तीन साल की सजा भी सुनाई है।
 
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