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मां की मौत की खबर सुनकर बेटे ने भी दम तोड़ा
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कासगंज। मां व उसकी संतान के बीच रिश्ता अटूट होता है, यह अक्सर कहावतों में सुना जाता रहा है, लेकिन सहावर क्षेत्र के बड़ा गांव कोटरा में यह हकीकत बन गया। यहां एक मां की मौत का सदमा लगने पर एक बेटे की भी मौत हो गई।
फीरोज बेगम (95) निवासी बड़ा गांव कोटरा की शुक्रवार की देर रात तबियत खराब होने पर उनके बेटे अफसर (50) निवासी लुधियाना, पंजाब को सूचना दी गई। इस सूचना के बाद वह अपनी पत्नी रफात बेगम व एक बेटे के साथ मां को देखने के लिए बस से अपने गांव के लिए चल दिए। बस करनाल में एक ढाबे पर रुक गई। वहां रात लगभग साढ़े तीन बजे उन्होंने अपने घर पर फोन किया। इस बीच मां की मौत हो चुकी थी, जैसे ही इस बात की जानकारी उनको हुई तो उनको हृदयाघात हो गया और वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद उनकी पत्नी व बेटा अन्य लोगों की मदद से अस्पताल ले गए, वहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनके शव को गांव लाया गया। जब इस बात की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो काफी संख्या में लोग उनके घर पर एकत्रित हो गए। उनके मझले भाई मोहम्मद अंसार ने बताया कि मां की मौत के कुछ देर बाद ही उनके भाई की रास्ते में मौत हो गई। दोनों की कब्रों को पास-पास बनाया गया है।
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फीरोज बेगम (95) निवासी बड़ा गांव कोटरा की शुक्रवार की देर रात तबियत खराब होने पर उनके बेटे अफसर (50) निवासी लुधियाना, पंजाब को सूचना दी गई। इस सूचना के बाद वह अपनी पत्नी रफात बेगम व एक बेटे के साथ मां को देखने के लिए बस से अपने गांव के लिए चल दिए। बस करनाल में एक ढाबे पर रुक गई। वहां रात लगभग साढ़े तीन बजे उन्होंने अपने घर पर फोन किया। इस बीच मां की मौत हो चुकी थी, जैसे ही इस बात की जानकारी उनको हुई तो उनको हृदयाघात हो गया और वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद उनकी पत्नी व बेटा अन्य लोगों की मदद से अस्पताल ले गए, वहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनके शव को गांव लाया गया। जब इस बात की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो काफी संख्या में लोग उनके घर पर एकत्रित हो गए। उनके मझले भाई मोहम्मद अंसार ने बताया कि मां की मौत के कुछ देर बाद ही उनके भाई की रास्ते में मौत हो गई। दोनों की कब्रों को पास-पास बनाया गया है।
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